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अभी तो कई खिसकेंगे , यह तो बस शुरुआत है !

उत्तर प्रदेश में राजनीतिक उथल पुथल तेज हो गई है । जैसे – जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आती जा रही हैं, विपक्ष और पक्ष के खेमे के सेनापति खेमा बदलना शुरू कर दिए हैं । जिसकी शुरुआत मंगलवार को बसपा से आए भाजपा में मंत्री रहे स्वामी प्रसाद मौर्य ने कर दी । पांच…

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माँ (कविता-6)

वो कहते हैं हमने भगवान नहीं देखा मैं कहता हूँ मेने देखा हैं जब मुझे तकलीफ होती हैं तो मेरी माँ रोती हैं मैं दुनिया का सबसे हसीं लाडला हूँ मेरी शैतानियों का कोई ठिकाना नहीं वो माँ ही तो हैं जो हमारे हर किरदार से प्यार करती हैं    किसी भी उम्र मे मुझे डांट लगा…

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हंगामा करना बन गया है परिपाटी

राजनीतिक सफरनामा : कुशलेन्द्र श्रीवास्तव सांसदों और विधायकों का ससंद या विधानसभा के अंदर किया जाने वाला व्यवहार अब आम व्यक्तियों को भी अखरने लगा है । वित कुछ वर्षों से यह परिपाटी सी बनती जा रही है कि जब भी संसद का या विधानसभा का सत्र प्रारंभ होगा तब ही विपक्ष हंगामा करेगा ।…

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ट्रंप का आर्थिक हथियार “50 पर्सेंट टैरिफ” बनाम मोदी का “प्लान 40”

केंद्र सरकार ने प्रभावित सेक्टरों की पहचान की है व उनके लिए क्रेडिट सपोर्ट, टैक्स रिबेट और एक्सपोर्ट सब्सिडी जैसी राहत योजनाएँ तैयार की जा रही हैं। अमेरिका नें भारत के लिए एक दरवाजा बंद किया है तो भारत नें 40 और दरवाजे खोलकर अपने लिए नए रास्ते बनानें क़ी तुरंत रणनीति बनानी शुरू कर…

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एक जन कवि – रामधारी सिंह दिनकर

(23 सितंबर, 1908-24 अप्रैल, 1974) प्राचीन काल से ही, लेखकों और कलाकारों द्वारा विपत्ति के समय मानव जाति की अदम्य भावना को रेखांकित करने के लिए वीर रस या वीर भावना को अपनाया जाता रहा है। अजेय के सामने खड़े होने के इस संघर्ष का परिणाम हर बार जीत में नहीं होता, लेकिन इसने निश्चित…

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वेदों में आधुनिक भौतिकी के समाधान

सहस्त्रशीर्षा पुरुषःसहस्त्राक्ष सहस्त्रपात। स भूमि सर्वतःस्पृत्वाsत्व तिष्ठद्यशांगुलम।.पुरुषसूक्त 1 जो सह स्त्र सिर वाले, सहस्त्रों  नेत्र वाले और सहस्त्र चरण वाले विराट पुरुष है, वह सारे ब्रह्माण्ड को आवृत करक भी दस अंगुल शेष रहते हैं ।।1 सूक्त2— पुरुष एवेदं सर्वं यदभूतमयच्चभाव्यम। उतामृत्वस्येशानो यदन्नेनाति रोहति।। जो सृष्टि बन चुकी, जो बनने वाली है, यह सब विराट…

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गुल्ली”

 जानकीनाथ जी के घर आज सुबह से ही चहल-पहल हो रही थी।उनकी पत्नी ने एक पुत्र रत्न को जन्म दिया था। कई वर्षों की भगवान के पूजा पाठ तथा विनती के बाद अब जाकर भगवान ने उनकी प्रार्थना सुनी थी।पूरे गांव भर में मिठाई बंटवाई जा रही थी। तभी एक गिल्ली छिटकर जानकीनाथ के पिता…

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“आत्मा” : शुभांगी

कितना हल्का हल्का सा लग रहा है शरीर। अहा! जैसे सारे तनावों और विकारों को किसी ने जड़ से उखाड़ फेंका हो! ऐसा लगता है जैसे 30 -40 साल से नहीं सो पाई थी और आज इतनी गहरी नींद पूरी कर के उठी हूँ। सच बहुत फ्रेश लग रहा है। चलो अच्छा है जाने कब…

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हिंदी के मनीषी विद्वान् आचार्य निशांतकेतु का निधन

17 अगस्त, 2025  लब्धप्रतिष्ठ साहित्यकार, बहुभाषाविद्, उपन्यासकार, कहानीकार, कवि, आलोचक, निबंधकार, कोशग्रंथों एवं धर्म-अध्यात्म विषयक ग्रंथों के रचयिता आचार्य निशांतकेतु का निधन 90 वर्ष की आयु में गुरुग्राम के पालम विहार‌ में हो गया। वे विगत दिनों से अस्वस्थ थे। वे पत्नी प्रो. सुखदा पांडेय, पुत्रियांँ प्रो. रचना सुचिन्मयी, डॉ. शैली भाषांजलि, पुत्र अभिषेक दिनमान…

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कहानी : विश्वास

राजीव  करीब  काम में फस कर दो साल से घर नहीं आ पा रहा था । सारी सुविधाओं के बीच भी रेनू विरह  की वेदना झेल रही थी। उसके ऊपर राह चलते आने -जाने वाले लोगों का ताना मानो हर दिन एक नई ही कहानी सुनने को मिल जाती, लेकिन वह अपना दर्द कभी राजीव…

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