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अनुराधा प्रकाशन का पाँच साझा संकलन,

डॉक्टर सुधीर सिंह अनुराधा प्रकाशन का  पाँच साझा संकलन, राष्ट्रभाषा हिंदी हेतु सचमुच अमृत-कलश है. जिसके लोकार्पण के अवसर पर आयोजित, सजाया हुआ इंद्रधनुषी साहित्य-महोत्सव है. समर्पित साहित्यकारों  ने  हिंदी-साहित्य को, अपनी लेखनी से तहेदिल से खूब  संवारा है. लोगों ने सुना और सुनाया बहुत ही  चाव से, माँ वीणा वादिनी की ही  सब महती…

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ग़ज़ल : आशुतोष द्विवेदी

हारी, थकी, उदास निगाहें जाग रहीं, ज़ख्म सो गए मगर कराहें जाग रहीं। अब वे रातें सपनों जैसी लगती हैं, हमें सुलाकर गोरी बाहें जाग रहीं। चिंता करते-करते चिता हो गए हम, राख में अब भी बिखरी चाहें जाग रहीं। बेदम होकर झपकी लेते पाँवों में कब से उलझी-उलझी राहें जाग रहीं। कबके उजड़े उम्मीदों…

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हम अपना राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा कब, क्यों फहरायें ?

                                      देवेन्द्र कुमार पाठक तिरंगा तीन रंगों से बना है.केसरिया,सफेद औऱ हरा. इसके बीच  में अशोक चक्र है, जिसमें चौबीस तीलियाँ हैं. जब तिरंगा खुली हवा में आकाशीय ऊँचाई पर फहराया जाता है, तब हमारी यह संकल्प भावना होती है कि हम  सब देशवासी चौबीस घण्टे,यानी दिन-रात देश की प्रगति के लिये पूरी निष्ठा और…

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उम्र की सच्चाई-जय प्रकाश भाटिया

इतनी लम्बी उम्र मिली है , पर जीने का वक़्त नहीं, रिश्तों की भरमार है पर रिश्तों का अस्तित्व नहीं , चेहरे पे मुस्कान सभी के, दिल में क्या है स्पष्ट नहीं, झूठी तारीफों के पुल पर , सच्चाई का वक्तव्य नहीं, जेब की दौलत लुटवाओ तो, यारों की है लाइन लगी, पर मुश्किल में…

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क्या हुआ तेरा वादा……….. ! – कुशलेन्द्र श्रीवास्तव

राजनीतिक सफरनामा राजनीति तो वायदों का ही खेल है । ऐसा हो ही नहीं सकता कि कोई राजनीति करे और वायदा न करे और फिर चुनावों में….चुनावों में तो वायदे पानी की तरह बहते दिखाई देता है, वह चुनाव चाहे सरपंच का हो या लोकसभा का । इतने वायदे किए जाते हैं कि वायदा करने…

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धर्मांतरण का धंधा: विदेशी फंडिंग और सामाजिक विघटन का षड्यंत्र

उत्तर प्रदेश में एटीएस ने एक बड़े धर्मांतरण रैकेट का खुलासा किया है, जिसमें विदेशी फंडिंग के जरिए करीब 100 करोड़ रुपये 40 खातों में भेजे गए। मुख्य आरोपी ‘छांगरू बाबा’ उर्फ जमशेदुद्दीन के नेतृत्व में यह गिरोह ऊंची जाति की लड़कियों के लिए 15-16 लाख रुपये की दर से धर्मांतरण कराता था। यह मामला…

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राष्ट्रपति मुर्मू, PM मोदी और खड़गे-राहुल समेत दिग्गजों ने दी सेना दिवस की शुभकामनाएं

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समेत तमाम नेताओं ने सेना दिवस के अवसर पर भारतीय सेना को शुभकामनाएं दी है। राष्ट्रपति मुर्मू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “सेना दिवस पर मैं भारतीय सेना के जवानों, दिग्गजों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं देती हूं। राष्ट्र की संप्रभुता की रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित…

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हर घर तिरंगा अभियान और देशभक्ति के मायने

नागरिकों के सुरक्षित और समृद्धशाली जीवन के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है; उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा और समृद्धि का होना। इसलिए क्या आपको हर घर तिरंगा फहराने के साथ-साथ हर घर रोजगार की आवश्यकता ज्यादा नहीं लग रही है ? आज  आजादी के 75 साल बाद भी देश के नौजवान बेरोजगारी के चलते आत्महत्या करने को…

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विमान हादसों में नेताओं की असमय विदाई: संयोग, चयन-पूर्वाग्रह या व्यवस्था की गहरी कमजोरी? — डॉ. सत्यवान सौरभ

भारत की राजनीतिक यात्रा बार-बार आकाशी हादसों की भेंट चढ़ती रही है। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की बारामती विमान दुर्घटना ने एक बार फिर पूरे देश को स्तब्ध कर दिया। पांच लोगों की मौत के साथ राजनीति में एक ऐसा शून्य पैदा हुआ, जिसकी भरपाई केवल संवेदनाओं से संभव नहीं। यह पहला मामला नहीं…

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पिता की वाणी में मिठास व माधुर्य कम

डॉक्टर सुधीर सिंह पिता की वाणी  में  मिठास व माधुर्य कम, अनुशासन का  कड़वापन  बहुत  रहता है. जिस संतान ने इस रहस्य को समझ लिया, उसका पारिवारिक  जीवन  सुखी रहता है. पिता को चिंता  है  बच्चों  के  भविष्य  की, इसलिए संतान को वह पुरुषार्थी बनाता है. निष्ठुर,अनुशासित  एक दृढ़  गुरु  की तरह, चुनौतियों से  लड़…

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