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BJP Parliamentary Party Meeting: पीएम मोदी ने कहा- अगर किसी का टिकट काटा गया तो यह मेरी जिम्मेदारी है

मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा संसदीय दल की बैठक को संबोधित किया, जिसमें उन्होंने पार्टी सांसदों को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी में वंशवाद की राजनीति के लिए कोई जगह नहीं होगी और परिवार के नेतृत्व वाले राजनीतिक दलों को भविष्य में चुनौती दी जाती रहेगी। हाल ही में…

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खुशी हो या गम नशा का सेवन क्यों

पर्व-त्योहारों या गम को दूर करने के लिए अथवा विभिन्न सामाजिक पार्टीयों में विशेषकर फब पार्टीयों में नशीली पदार्थो जैसे शराब सिगरेट आदि का प्रचलन बढ़ रहा है और इसे बुराई के तौर पर देखने की प्रवृत्ति प्रायः कमजोर हुई है।नतीजा, युवा वर्ग इस ओर ज्यादा आकर्षित हुए हैं जो एक सभ्य समाज के निर्माण…

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राष्ट्रीय ब्राह्मण महासम्मेलन 9 जनवरी को आयोजित होगा

अखिल भारतवर्षीय श्रीचौरासिया ब्राह्मण महासभा के आह्वान पर देश के विभिन्न क्षेत्रों मे कार्यरत राष्ट्रीय ब्राह्मण संगठनों के सानिध्य में राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में राष्ट्रीय ब्राह्मण महासम्मेलन 9 जनवरी 2022 को दिल्ली-कर्नाटक संघ सभागार, राव तुलाराम मार्ग, (मोतीबाग मेट्रो स्टेशन के नीचे ) में आयोजित होगाआज दिनाक 13 दिसम्बर 2021 को यहाँ उक्त जानकारी…

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हर घर तिरंगा अभियान से जुड़ेगा जनमानस ..!

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की आजादी के 75 वें साल पर आजादी का अमृत महोत्सव मनाने के दौरान लोगों को तिरंगा घर लाने और इसे फहराने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए “हर घर तिरंगा” अभियान शुरू किया है।इतिहास के पलों को याद करते हुए उन्होंने कुछ दिन पहले  एक ट्वीट भी…

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व्यंग्य –  नई भर्ती के तहत अब सीधे महर्षि बनाए जाने की योजना…!

 राजनीति में केचुल बदलते नेताओं के पीछे चलने वाले चच्चा और कक्का को आजकल सवर्ण बनने का चस्का लगा है । दलित ही दलित का दुश्मन है ऐसा न मानने वाले आजकल राजनीति के सांप , नेवलों और कौवों को अपना दोस्त मान बैठे है ऐसे नेवलों को  दलितों ने अपना मसीहा सांपों को  ओबीसी…

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वो जीत जो जीत सी ना लगे, वो हार जो हार सी न लगे

सम्पादकीय : मनमोहन शर्मा ‘शरण ‘ हमारे भारत की सुन्दरता–भव्यता यहां के त्यौहारों में देखते ही बनती है । हालांकि 2020 वर्ष कोरोना काल की भेंट चढ़ गया । जनता ने अपना दृष्टिकोण भी सूक्ष्म कर लिया है और आज में जीना प्रारंभ कर दिया जिसमें आवश्यकता की, रोजमर्रा की चीजें और स्वास्थ्य ठीक है,…

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भारतीय संस्कृति– विशेषताएँ

जहाँ तक संस्कृति कीबात है,  अगर वैदिक संस्कृति ही भातीय संस्कृति है तो इसकी सर्वाधिक पुरातनता में अब कोई संशय नहीं।यह वैदिक संस्कृति आर्य संस्कृति है।  ऐसा प्रतीत होता है कि मानव के अस्तित्व मे आते ही जिन प्रश्नों से मानव का साक्षात्कार हुआ होगा– वे कौन ,क्या और कैसे जैसे प्राथमिक प्रश्न ही रहे…

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एक दीप मेरा, राष्ट के नाम

                                                                                                            कुशलेन्द्र श्रीवास्तव एक एक कर के बीत गया एक और साल और फिर आ गई दीपावली । जगमग रोशनी से जगमग होने लगे हें घर आंगन । आंगन तो अब रहे नहीं, कांक्रीट के जगल हमने पैदा कर दिए हैं । माटी के आंगन में माटी के दिए की मध्यम रोशनी कभी करती थी…

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साबरमती के संत

अब तो रह-रह के राजघाट कसमसाने लगा,               मुझको साबरमती के संत तू याद आने लगा। गूंथ कर हार भ्रष्टाचार के गुलाबों का, तेरी तस्वीरों पै बेखौफ डाला जाने लगा। तेरे चित्रों से छपे कागजों के टुकड़ों पर, बड़े बड़ों का भी ईमान बेचा जाने लगा। पहले कातिल बने फिर…

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राजभाषा – हिंदी

बड़ी ही सरल है हिन्दी की परिभाषायह है भारत वर्ष की राजभाषासंस्कृत की है यह बेटी प्यारीशासन और प्रशासन की है राजदुलारीसंविधान में इसका दर्जा है बड़ा ही ऊंचासम्मान करता इसका भारत समूचासितम्बर माह में होता इसका बहुत ही महिमा मंडननहीं कर सकता कोई भी इस बात का खंडनसुर, तुलसी, निराला और दिनकर सरीखे सरस्वती…

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