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ग्यारह को किसकी होगी पौह–बारह

मनमोहन शर्मा ‘शरण’ (संपादक) सभी देशवासियों को बसंत पंचमी की बधाई एवं इस अवसर पर माँ सरस्वती से विशेष विनती है कि अज्ञानता को दूर कर ज्ञान का प्रकाश चहुँ ओर कर दें जिससे सबको सच्ची बात भली प्रकार समझ में आ जाए । यहाँ थोड़ा मैं भी नासमझ सा हो गया हूं कि यदि…

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CSK vs KKR: घर वापसी पर रंग बिखेरने को तैयार आइपीएल, पहला मैच सीएसके और केकेआर के बीच

पिछले साल दूसरे चरण के संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में आयोजित होने के बाद इंडियन प्रीमियर लीग (आइपीएल) की घर वापसी की सारी तैयारी हो गई है। इस बार मुंबई के तीन स्टेडियमों के अलावा पुणे में आइपीएल का लीग चरण खेला जाएगा। 10 टीमों के साथ आइपीएल स्वदेश में अपना रंग बिखेरने के लिए…

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साहित्य और समाज में अपना नाम रौशन करते रहे

।। जन्म दिवस पर शुभकामना सन्देश।। लाल बिहारी लाल जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाये हमारे प्रिय मित्र, कवि गीतकार, पत्रकार, पर्यावरण प्रेमी, सामाजिक कार्यकर्ता, सच्चे सलाहकार और लाल कला सामाजिक एवं सांस्कृतिक मंच के महासचिव भाई लाल बिहारी “लाल” जी अपनें जीवन के 48 वें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं।…

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प्रणतः क्लेशनाशाय गोविंदाय नमो नमः…..

पंकज सीबी मिश्रा  / राजनीतिक विश्लेषक एवं पत्रकार जौनपुर यूपी सदाचारी जीवन की समग्रता ही श्री कृष्ण है। इसलिए हमारे शास्त्रों ने भगवान श्री कृष्ण को सोलह कलाओं से परिपूर्ण बताया। श्री कृष्ण होना जितना कठिन है श्री कृष्ण को समझना उससे भी कहीं अधिक कठिन है। भगवान कृष्ण का जन्म मथुरा में हुआ था,…

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नारी आन्दोलन की पथ प्रदर्शक कमलादेवी चट्टोपाध्याय

(03 अप्रैल, 1903 से 29 अक्टूबर, 1988) प्रारम्भिक जीवन :- कमलादेवी चट्टोपाध्याय का जन्म 03 अप्रैल, 1903 को मैंगलोर (कर्नाटक) के एक सम्पन्न ब्राह्मण परिवार में हुआ था। ये अपने माता-पिता की चौथी और सबसे छोटी पुत्री थीं। इनके पिता श्री अनंथाया धारेश्वर मंगलोर के डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर थे। इनकी माँ श्रीमती गिरिजाबाई अच्छी पढ़ी-लिखी, संस्कारी…

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ऋतुओं को निगलने लगा प्रदूषण: बदलता मौसम, घटता जीवन

डॉ विजय गर्ग भारत में सदियों से छह ऋतुओं (बसंत, ग्रीष्म, वर्षा, शरद, हेमंत और शिशिर) का अपना एक क्रम रहा है। हर ऋतु अपने विशिष्ट सौंदर्य, मौसम और जीवनशैली के साथ आती थी। लेकिन आज, बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन के कारण यह प्राकृतिक क्रम टूट रहा है। ऐसा प्रतीत होता है जैसे प्रदूषण…

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है (थी) प्रीत जहां की रीत सदा

सम्पादकीय (मनमोहन शर्मा ‘शरण’) आप सभी को नव वर्ष 2020 की हार्दिक शुभकामनाएँ । प्रभु आपको सुख, शांति, समृधि, वैभव प्रदान करे, ऐसी मैं प्रार्थना करता हूँ । बात अपने देश भारत की करते हैं, वर्ष 2019 में जो हुआ, वो हो चुका अब हमें 2020 में 20–20 का मैच बनाने यआमने–सामनेद्ध के बजाए 2020…

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अधूरी शादी (मंजुलता)

नंदिनी आज लाल सुर्ख जोड़े में बहुत ही सुंदर लग रही थी । बड़ी बड़ी आँखे,घनी भौंहे, दूध जैसा सफेद रंग , पतले पतले होंठ, कमर तक काले घने बाल स्वर्ग की अप्सरा से कम नही ,इतनी सुंदर थी नंदिनी। जो भी देखता बस देखता ही रह जाता था। कॉलेज में तो युवा दिलों की…

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सत्य की खोज : आशा सहाय

दिनांक– बारह दिसम्बर दो हजार तेइस।–नवभारत टाइम्स मे 'द स्पीकिंग ट्री' के अन्तर्गत श्री जे. कृष्णमूर्ति के कुछ विचार पढ़े जिन्होंने मुझे सोचने को प्रेरित करते हुए बहुत हद तक सहमत होने पर विवश किया। उनके विचार सत्य की खोज पर आधारित थे । उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि सत्य की खोज…

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विकार

समाज सहता प्रहार इतने  बहुत जगह वे गड़े मिलेंगे ।  कहीं खुले तो छिपे कहीं पर  दुखी हृदय भी पड़े मिलेंगे ।।  सदा रहा आन बान जग में  सभी तरफ घोष थी जय जय।  पड़ा उसी पर कभी अँधेरा  किताब में वह जड़े मिलेंगे।।  कभी अँधेरा कभी उजाला  चले सतत यह समय निरन्तर।  समय सदा…

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