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गांधी जयंती व शास्त्री जयंती पर स्वच्छता अभियान प्रारम्भ

  गन्तव्य संस्थान , भारतीय प्राकृतिक चिकित्सक संघ , सर्वधर्म वेलफेयर सोसायटी, अखिल भारतीय प्राकृतिक चिकित्सा परिषद , एवं रेजिडेंशियल वेलफेयर सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में 2 अक्टूबर 2023 को प्रातः 9 बजे स्वच्छता अभियान के तहत सफाई का कार्यक्रम प्रारंभ किया गया। इस अवसर पर बच्चों के साथ साथ बड़ों ने भी इलाके में सफाई…

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ममतामयी माँ (कविता-4)

डॉक्टर सुधीर सिंह माँ की नजरों में वयस्क संतान भी, सदा एक मासूम बच्चा ही रहता है. बूढ़ी जननी  की  गोद में माथा रख, बीते बचपन में में जब खो जाता है. ममतामयी माँ जब सर सहलाती है, लगता है वह एक अबोध बालक है. पता नहीं चलता  है  लंबी  उम्र तब, आसपास जब ममता…

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अजूबा प्रजातंत्र है,कुहरन भरी आजादी है

ठोकर खाने पर भी संभलता नहीं बेईमान, कुछ दौलत के लिए वह बेच देता है ईमान. बेइज्जती का उसको कुछ भी परवाह नहीं, धन-पद के  पीछे-पीछे  भागता है बेलगाम. समाज में  ईमानदार आदमी का अभाव है, शुभ सलाह  मानने को कोई  नहीं तैयार है. गरीबी व बेरोजगारी  समाज में बरकरार है. खुलेआमअट्टहास यहां करता व्यभिचार…

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आधुनिक समाज में मंचों से साहित्य थूकना सरल

   पंकज कुमार मिश्रा, व्यंग्यकार एवं राजनीतिक विश्लेषक जौनपुर यूपी कहते है  जिस आधुनिक  युग में तुलसी शब्द सुन कर बड़े बड़े कवियों को ‘तुलसी पान मसाला’  याद आता हो, उस युग में एक बड़े धार्मिक आयोजन के बैनर पर रजनीगंधा गुटका का विज्ञापन देखना बुरा क्यों है ? प्रायोजक चाहता है ‘सईंया’ ‘पियवा’ से…

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“नव्य भारत”

 ये गण का तंत्र, कैसा हो गया मन का मंत्र, हरेक जप रहा नव्य भारत ऐसा  हो कि सारा गणतंत्र जागरूक… अन्तर्मन दहके ज्वाला सा मुख मचा हाहाकर.. सेंध लगा नियमों में लोकतंत्र के नाम मजाक  बनाया समेटा था बहुत जा रहा बिखर – बिखर हर कोई सोच रहा अपनी – अपनी… नव्य भारत ऐसा…

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वीर सावरकर : स्वतंत्रता इतिहास के अनफॉरगेटेबल हीरो

: पंकज कुमार मिश्रा, राजनीतिक विश्लेषक / पत्रकार जौनपुर, यूपी रणदीप हुड्डा नें स्वातंत्र वीर सावरकर फ़िल्म में वीर सावरकर के किरदार में ऐसे लगे है कि भविष्य में उनके मूवी के फोटो को असली सावरकर के लिये भी  उपयोग किया जाए तो अतिश्योक्ति नहीं होगी। बधाई के पात्र है रणदीप हुड्डा।  हुड्डा की एक्टिंग…

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जिसे तू क़बूल कर ले वो दुआ कहाँ से लाऊँ

कविता मल्होत्रा (स्थायी स्तंभकार) स्वार्थ साधते, नए युग में पदार्पण, खुद आगे बढ़ने के लिए दूसरों को नीचे गिराता मानवता का पतन, नई सदी में अपनत्व का तर्पण, क्या यही है मेरे सपनों का भारत? जब तक समूचे वतन की सम्मिलित सोच इस समस्या का सामूहिक समाधान नहीं तलाशेगी, तब तक, कोई हल नहीं निकलने…

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साहित्य और समाज में अपना नाम रौशन करते रहे

।। जन्म दिवस पर शुभकामना सन्देश।। लाल बिहारी लाल जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाये हमारे प्रिय मित्र, कवि गीतकार, पत्रकार, पर्यावरण प्रेमी, सामाजिक कार्यकर्ता, सच्चे सलाहकार और लाल कला सामाजिक एवं सांस्कृतिक मंच के महासचिव भाई लाल बिहारी “लाल” जी अपनें जीवन के 48 वें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं।…

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नई संसद भारत को प्रगति की नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी : पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को नए संसद भवन का उद्घाटन किया और आशा जताई की कि यह प्रतिष्ठित इमारत सशक्तिकरण का उद्गम स्थल होगी, और भारत को प्रगति की नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी। पीएम मोदी ने नए संसद भवन के उद्घाटन की तस्वीरों के साथ एक ट्वीट में कहा, भारत की संसद के…

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क्या हुआ तेरा वादा……….. ! – कुशलेन्द्र श्रीवास्तव

राजनीतिक सफरनामा राजनीति तो वायदों का ही खेल है । ऐसा हो ही नहीं सकता कि कोई राजनीति करे और वायदा न करे और फिर चुनावों में….चुनावों में तो वायदे पानी की तरह बहते दिखाई देता है, वह चुनाव चाहे सरपंच का हो या लोकसभा का । इतने वायदे किए जाते हैं कि वायदा करने…

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