बालिकाओं में आज की सशक्त लड़की के साथ कल की कार्यकर्ता,उद्यमी,घर का मुखिया, संरक्षक,राजनीतिक नेता दोनों होने की क्षमता है
दुनियाँ को बदलने के लिए सही साधनों के साथ बालिकाओं को सुरक्षित शिक्षित सशक्त और स्वस्थ जीवन शैली सुनिश्चित करना समय की मांग – एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र गोंदिया – भारत में आदिअनादि काल से भारतीय संस्कृति में महिलाओं का बहुत सम्मान किया जाता रहा है। उन्हें देवियों का अवतार माना जाता रहा…
