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भारतीय राजनीति में आज भी प्रासांगिक एव अद्वीतीय है महात्मा गांधी (पुण्य तिथि-30 जनवरी पर विशेष)

लाल बिहारी लाल भारत में सत्ता दिल्ली सलतनत से मुगल साम्राज्य फिर मुगल से जब सत्ता अंग्रैजो के हाथ में गई तो पहले अंग्रैजों का व्यापारिक उदेश्य था पर धीरे-धीरे उनका राजनैतिक रुप भी समने नजर आने लगा। और वे अपने इस कुटिल चाल में कामयाब भी हो गये । धीरे –धीरे उनके क्रिया-कलापों के…

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अ से ज्ञ अलंकृत अनुप्रास  

‌अरुणोदय लालिमा अम्बर पथ  सोहेअवनि अंशुमय अंर्तमन मोहे | आभूषित आभामंडल आकाशदीप राशि मेंआध्यात्मिक मन आनंदित आलोकित काशी में | इन्दु रश्मिमयी धरा पुलकित इन्दिवर मन मोहेईश पूजन चली सखियां इंगुर श्रृंगार सोहे | उषाकाल लालिमा भरी क्षितिपथ धरणी उमंगउदित भानु उत्पल खिला उद्यान पुष्प बहुरंग | ऋत्विक ऋजु मनिषी श्रेष्ठ सर्वदाऋषि तप भूमि तट…

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शीर्षक-लघु व्यंग  झूले के संग

कुछ दिन पहले तीज पार्टी में एक एक सखी  ने स्टिकर डाला था जिसमें झूला झूलते हुए आनंद लेते हुए  मुझे वह दिन याद आ गए बचपन के  दिन जब मैं स्कूल में झूला पंगे डाल डाल कर झूलती थी । हमारा स्कूल में एक झूला विशालकाय था जिसमें तीन तीन झूले थे .लंच के…

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क्या नए वर्ष 2026 की तश्वीर से साफ हो पायेगी 2025 की धूल..!

पंकज सीबी मिश्रा, राजनीतिक विश्लेषक एवं पत्रकार जौनपुर यूपी  बीते वर्ष 2025 में कई चीजे रही जो भूलने के बाद भी याद आती रहेंगी जिनमें कुछ सामाजिक और राजनैतिक  अवसाद और संवैधानिक  अपवाद रहें। बिहार चुनाव में विपक्ष की हार हो या सोने चांदी के कीमतों की मार ! स्मृति मंधना की शादी टूटने की…

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जीवन का सुख़ बुजुर्गों के श्रीचरणों में  

बूढ़े बुजुर्गों, माता-पिता की सेवा तुल्य कोई पुण्य नहीं-एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र   गोंदिया – भारत आदि-अनादि काल से ही संस्कारों की खान रहा है। यहां की मिट्टी में ही गॉड गिफ्टेड संस्कारों की ऐसी अदृश्य शक्ति समाई हुई है कि मानव जन्म से ही संस्कारों की प्रतिभा मानवीय जीवों में समाहित हो जाती…

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अगले वर्ष: राजनीति और नीतिगत चुनौतियां : डॉ. विजय गर्ग

जैसे-जैसे वर्ष 2025 समाप्त होता जा रहा है, हम 2019 के कगार पर खड़े हैं और आगे क्या होने वाला है, इसका अनुमान लगा रहे हैं। क्रिस्टल बॉल क्या कहती है? इससे उभरती घटनाओं और राजनीतिक बदलावों की संभावना का पता चलता है जो आने वाले वर्ष में दुनिया को आकार दे सकते हैं। उल्लेखनीय…

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“उलझन”

शाम का समय,आकाश में बादल छाये  हुए थे, हवा तेज चल रही थी और मौसम भी जाड़े का। लोग अपनी-अपनी रजाई में दुबके पड़े गर्म चाय का आनन्द ले रहे थे। सरिता चाय के साथ ही साथ कुछ इधर उधर की बातें भी कर रही थी तभी बगल वाले अजय जी की बातें होने लगीं।…

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दिग्विजयनाथ स्नातकोत्तर महाविद्यालय गोरखपुर में  भीम प्रसाद प्रजापति के दो काव्य कृतियों का लोकार्पण

गोरखपुर। संगम सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था तथा दिग्विजय नाथ स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गोरखपुर के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 14-12-25 दिन रविवार को महाविद्यालय सभागार में कवि श्री भीम प्रसाद प्रजापति की काव्य कृतियों ‘अनजाने पथ’ एवं ‘चाँद का बगीचा’ का भव्य लोकार्पण समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रो. रामदेव शुक्ल ने…

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“असली धुरंधर “

सत्य घटनाओं पर आधारित फिल्म ‘धुरंधर’ बेहद शानदार फिल्म है। सभी पात्रों ने बखूबी अपना -अपना पात्र निभाया है। कुछ दृश्य हदृय विदारक भी हैं। धुरंधर देखकर मन में एक ही ख्याल आया कि धन्य हैं, वे वीर जो अपने वतन की सुरक्षा में न जाने कितने घाव अपने शरीर और मन पर झेलते हैं।उन…

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भाजपा का चमत्कार : सांसद को प्रदेश अध्यक्ष और  विधायक को बनाया राष्ट्रीय अध्यक्ष

पंकज सीबी मिश्रा, राजनीतिक विश्लेषक एवं पत्रकार, केराकत, जौनपुर यूपी जातिगत दबाव कहें, समीकरण कहें, पीडीए का डर कहें या रणनीति कहें पर यह भाजपा का थिंक टैंक और भाजपा की राजनीती जो ब्राह्मण – ठाकुरों  की राजनीति से चलती रही है आज दो  पिछड़े नेताओं की 2014 के बाद से सत्ता पर काबिज होने…

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