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मेरा भारत महान

पारमिता षड़ंगीले जा…. तुझे लेना हैसिर को मेरे … कितने बारशहिद होने के लिए, में तोआऊंगा बार-बार, गोलि खाई छाति मेंनौ महीने की गर्भवती स्त्रीन मुझे कोई दुःख थान उसकी आंखों में आंसू थींगर्भ में बेटा मेरा ,सलाम मुद्रा में तैर रहा था कल वो पिताअपने बेटे को कन्धे में लियाआंखें तो आंसुओं में भरा…

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माँ

माँ तू ममता की मूर्ति है,तुझे दोष न दिखे संतानों में नव मास उदर में तूने पालादुःख सहकर भी मुझे संभालासौ बार न्योछावर तू हो जातीमेरी मीठी मीठी मुस्कानों मे,माँ तू ममता की मूर्ति है,तुझे दोष न दिखे संतानों में ।।1।। मैं हंसता हूं तू हँसती हैमैं रोता हूँ तू रोती है।मेरा संसार सजाती तुमअपने…

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फागुन का ये मौसम है

बृज छोड़ के मत जइयो,फागुन का ये मौसम है,मोहि और न तरसइयोफागुन का ये मौसम है। मैं जानती हूं जमुना तीर काहे तू आए,हम गोपियों के मन को कान्हा काहे चुराए, जा लौट के घर जाइयो,माखन चुराके खाइयो,पर चीर ना चुरइयो,फागुन का ये मौसम है। इस प्यार भरे गीत के छंदों की कसम है,तोहि नाचते…

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 राष्ट्रीय महापर्व छब्बीस जनवरी।

छब्बीस जनवरी पर्व मनाते, संविधान के मान में।  लागू सन् उन्नीस सौ पचास से, भारत के सम्मान में॥  प्रथम राष्ट्रपति डाॅ राजेन्द्र प्रसाद ने, देश का मान बढ़ाया।  तिरंगा लाल किला पर दिल्ली, प्रातः आठ बजे फहराया॥  मिली सलामी इक्कीस तोपों, वीरों के बलिदान में।  छब्बीस जनवरी पर्व मनाते, संविधान के मान में॥  राष्ट्रपति भाषण…

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ब्यूटी पार्लर का कमाल (व्यंग्य)

मुझे कविताएं लिखने का बड़ा शौक था। कविताएं लिखने से ज्यादा सुनाने का शौक था। कविताएं सुनाने से ज्यादा कवि सम्मेलन में जाने का शौक था। कवि सम्मेलन में जाने से ज्यादा तालियां बजवाने का शौक था। और सबसे बड़ी बात भले ही हम साठ बसंत देख चुके थे पर तीस का दिखने का शौक…

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मुझे भी याद कर लेना

विधा – गीत मेरे आँगन का सावन जब लिये बरसात आयेगा इस फुलवारी में आकर के गुलो गुलशन महकायेगा मैं तुझको याद करूंगी तुम्हारे दर पर आँधी की जब होंगी दस्तक बेशुमार दबाकर सारी हलचल तुम मुझे बस गुनगुना लेना मुझे भी याद कर लेना जो तेरी याद सताएगी नींद बैरन हो जाएगी डसेगी नागन…

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धनाढ्य परिवारों को मिलने वाला आरक्षण गंभीर विषय है!

सामान्य वर्ग के लोग गांवों से रोजगार और बेहतर जीवन की खोज में महानगरों में धक्के खाते है , मजदूरी करते है और आरक्षण के विषबेल में लिपटा संविधान उनकी सुधी नहीं लेता क्योंकि वो सामान्य श्रेणी से है और महानगरों में कमा रहे । वहीं तुलनात्मक रूप से अधिक धनाढ्य पिछड़े और दलित  सुविधायुक्त…

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रूस के व्लादिवोस्तोक शहर पर चीन के दावे ने मचाई हड़कंप

रूस के व्लादिवोस्तोक शहर पर चीन के दावे ने अंतरास्ट्रीय स्तर पर हड़कंप मचा दिया है। इस कारवाई  मे चीन की दिलेरी कम और बेवकूफी ज्यादा नज़र आ रही है।आज के वक़्त में जब दुनिया के सारे बड़े देश चीन के खिलाफ है तथा इस मुश्किल वक़्त में जब चीन को सबसे ज्यादा रूस की…

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होइए वहीं जो राम रचि राखा !

” राम ही जाने ,राम की लीला ” यह महज एक सोच ,एक भाव नहीं अपितु पूर्ण सत्यता है । “जाकी रही भावना जैसी प्रभु मूरत देखी तिन्ह तैसी”  का परम भाव भी जागृत हुआ, लोगो ने 5 अगस्त को अयोध्या में जो हलचल ,जो त्योहार देखा उसमें निश्चित ही उन्हे रामराज्य नजर आया होगा…

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डॉ. संजय कुमार ने किया नराकास (का.-2) के सदस्य कार्यालयों को सम्मानित

दिनांक 13 मई, 2022 –  नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), नागपुर (कार्यालय-2) के पुरस्कार वितरण समारोह में वेकोलि के निदेशक (कार्मिक) डॉ. संजय कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर डॉ. संजय कुमार ने कहा कि भारत सरकार की राजभाषा नीतियों का अनुपालन करना सभी सदस्य कार्यालयों के दायित्व है। इस…

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