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जन भागिदारी के बिना पर्यावरण संरक्षण असंभव  है

विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष (5 जून,) जन भागिदारी के बिना पर्यावरण संरक्षण असंभव  है लाल बिहारी लाल नई दिल्ली । जब इस श्रृष्टि का  निर्माण हुआ तो इसे संचालित करने के लिए जीवों एवं निर्जीवों का एक सामंजस्य  स्थापित करने के लिए जीवों एवं निर्जीवों के बीच एक परस्पर संबंध का रुप प्रकृति ने…

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तू चल मैं आया ! : कुशलेन्द्र श्रीवास्तव

राजनीतिक सफरनामा                                                                          चलो कपिल सिब्बल भी चल दिए दूसरे घर की ओर उन्हें राज्यसभा मेें जो जाना था । कुर्सी चाहिए जहां मिल जाए । नेता तो रमता जोगी बहता पानी जैसा होता है । आज यहां कल कहां उसे खुद ही नहीं मालूम होता । कुर्सी चाहिए, वे बगैर कुर्सी के नहीं रह सकते…

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पर्यावरण सुरक्षित रहे यदि मानव मन लक्षित रहे

कविता मल्होत्रा (संरक्षक, स्थायी स्तंभकार) भला चारित्रिक गठन अनुवांशिक कहाँ होता है अनासक्त प्रेम जहाँ पर्यावरण सुरक्षित वहाँ होता है ✍️ विश्व का असीम और निःशुल्क पुस्तकालय मानव मन में ही विद्यमान है, जो हर किसी को अपने मन का अध्ययन करने में सहायक होता है। लेकिन इस पुस्तकालय तक पहुँचने का न तो कोई…

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नया सवेरा

         स्टेशन से निकल कर जैसे ही रामू थोड़ा आगे बढ़ा की तेज बारिश चालू हो गयी । पीछे से आ रहे जुगनू ने बिना सोचे समझे अपनी छतरी उसके सिर पर भी कर दी।रामू ने चौंककर उसकी ओर देखा और जुगनू की आँखों में पता नही क्या नजर आया दोनों ही हँसकर साथ साथ…

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गंतव्य संस्थान द्वारा धीरपुर में निशुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन

गंतव्य संस्थान एवं रेजिडेंशियल वेलफेयर सोसायटी धीरपुर के संयुक्त तत्वावधान में आज  27 मई 2022 दिन शुक्रवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक निशुल्क नेत्र जांच शिविर योगराज कालोनी , धीरपुर , दिल्ली 9 पर आयोजित किया गया। जिसमें “सेंटर फॉर साइट ” के अनुभवी डॉक्टर व स्टाफ ने लगभग 69 लोगों…

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अरुणा आसफ अली

16 जुलाई, 1909 – 29 जुलाई, 1996) प्रारंभिक जीवन :- अरुणा आसफ अली का जन्म 16 जुलाई, 1909 को कालका, पंजाब, ब्रिटिश भारत (अब हरियाणा, भारत) में एक बंगाली ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनके पिता उपेंद्रनाथ गांगुली पूर्वी बंगाल (अब बांग्लादेश) के बारीसाल जिले से थे, लेकिन संयुक्त प्रांत में बस गए। वह एक…

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तितली

बस पीछे पीछे दौड़ा जाता पंखों को पकड़ने रंग विरंगे; कटिले वृंत-कुंजों में जाता कोशिश के पाँव रहते नंगे। पीली पंखों वाली तितली हाथों में पीले रंग भुरकती; पंख फड़फड़ा सूंड हिला उड़ भागने खूब मचलती। नीली,बैगनी,गुलाब रंग की जैसे परीलोक से थी आई; लाख कोशिश कर हारा मैं सदा रही वह भागती-पराई। कितनी भूखी…

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उपन्यासकार एवं कथाकार गीतांजलि श्री को मिला 2022 का बुकर सम्मान

लाल बिहारी लाल ……………………………………………………………………………………………………….. इस साल का मैन बुकर सम्मान भारतीय लेखिका गीतांजलि श्री का उपन्यास ‘रेत समाधि’ के अंग्रेज़ी अनुवाद ‘टॉम्ब ऑफ़ सैण्ड’ के लिए दिया गया है जिसे डेजी राकवेल ने अंग्रैजी अनुवाद किया है। यह पहली बार है कि किसी भारतीय भाषा के अनुवाद को यह अवॉर्ड मिला है।………………………………………………………………………………………………….. नई दिल्ली। उपन्यासकार एवं कथाकार गितांजली श्री…

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तंबाकू छोड़ो जीवन से नाता जोड़ो

विश्व तंबाकू निषेध दिवसपर विशेष ……………………………………………………………………………………………..तंबाकू के इतिहास की बात करे तो सन 1492 में क्रिस्टोफर कोलंबस ने  पहली बार  सैन साल्वाडोर द्वीप पर  तंबाकू की खोज की थी। और अपनी दूसरी यात्रा के दैरान  स्पेन में तंबाकू के पते लेकर आए। सन1558 में  तंबाकू के बीज पूरे यूरोप महाद्वीप में फैल गए और  उपनिवेशवादियों…

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पायल

कहीं सीमा का बंधन देखो कहीं रात अलबेली है  पैरों की पायल है मेरी  या जंजीर की बेडी है रुके रुके कदमों से देखो अठखेली ये करती है  रुनझुन रुनझुन करते करते  सांझ सलोनी कटती है छम छम करता बचपन बीता  झनक झनक करते यौवन छनक छनक सी बीती उमरिया खनक खनक बरसे बादल  एक…

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