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स्वतंत्रता दिवस

.{कविता मल्होत्रा, संरक्षक, स्थायी स्तंभकार} स्वतंत्रता दिवस की सभी को हार्दिक बधाई रक्षा सूत्र अपने विचारों पर बांधें न हो जग हंसाई सावन की फुहार अपने साथ अनगिनत त्योहारों का पैग़ाम लेकर आई है।सदियों से बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बाँधती आईं हैं।परस्पर सुरक्षा की ये मन्नतें दोनों ओर से चलतीं हैं…

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कविता- कलुषित विचार

कलुषित विचारों का हो यदि माली कैसे बगिया महकेगी कैसे कोई नन्ही चिड़िया चहकेगी? भावों की अशुद्धियां अंतर्मन पर अधिकार किये कैसे दिव्य देशना बसेगी आखिर कैसे बगिया महकेगी? खाद पानी नहीं है केवल बिन मौसम बरसात कभी जब तक संयमित ना हो माली आखिर कैसे बगिया महकेगी? बातों से नहीं सीचीं जाती जड़ें गहराई…

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आजादी का 75वीं वर्षगाँठ हिंद माननेवाला है,

.डॉक्टर सुधीर सिंह [शेखपुरा , बिहार] आजादी का 75वीं वर्षगाँठ हिंद माननेवाला है, किंतु तू-तू, मैं-मैं से संसद कभी न आजाद रहा। बहस के लिएआवंटित संसद का बहुमूल्य वक्त, राजनीति के दांवपेंच  में बेवजह ही फंसा रहा। हिंदुस्तान के अवाम  की मेहनत की कमाई को, लोग गुलछर्रा  उड़ाने में ज्यादा मनमानी न करें। कोई न…

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आज़ादी का दिन ( लघु कथा )

        सुबह लक्ष्मी काम पर जल्दी आ गई थी। वह बड़ी शीघ्रता से काम निपटा कर जाना चाहती थी। आज स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उसके विकलांग पुत्र राहुल को जिलाध्यक्ष महोदय की ओर से उत्कृष्टता का पुरस्कार मिलने वाला था। इस वर्ष उसने राष्ट्रीय स्तर की निबंध प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पाकर जिले का…

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अंतरराष्ट्रीय साहित्य संगम” की ओर से प्रेमचंद जयंती

 भारतीय जनमानस का चितेरा लोक कथाकार प्रेमचंद की जयंती के अवसर पर “अंतरराष्ट्रीय साहित्य संगम” (साहित्यिक सांस्कृतिक संस्था) के तत्वावधान में संस्था के अध्यक्ष श्री देवेन्द्रनाथ शुक्ल की अध्यक्षता एवं संस्थापक एवं महासचिव डॉ. मुन्ना लाल प्रसाद के संचालन में उनकी विभिन्न रचनाओं पर एक वेबिनार का आयोजन किया गया। सबसे पहले सिंगापुर से उपस्थित…

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‘मेरी आवाज़ ही पहचान है गर याद रहे’ के गायक भुपिंदर सिंह नहीं रहे : लाल बिहारी लाल

+++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++देश दुनिया के प्रसिद्ध गायक भूपेंद्र सिंह ने दिल ढूंढ़ता है फिर वही, एक अकेला इस शहर’, ‘किसी नजर को तेरा इंतजार आज भी है’, ‘होके मजबूर मुझे उसने भुलाया होगा’ जैसे गानों से श्रोताओं के बीच अपना मुकाम बनाया। उनके निधन से संगीत जगत को अपूर्णीय क्षति हुई है।++++ +++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++ नई दिल्ली। गजल गायक…

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सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के आगे दहाड़ता  सिंह …!

नए संसद भवन से जिस अशोक स्तम्भ का प्रधानमंत्री मोदी ने उद्घाटन किया उसका आकार और प्रस्तुति मूल अशोक स्तम्भ से जुदा दिखाई देने का दावा किया जा रहा है । मन में प्रश्न उठा आख़िर अशोक स्तम्भ के मूल स्वरूप में परिवर्तन क्यों  किया गया ?आख़िर क्या उद्देश है इस तरह राष्ट्रीय चिन्ह के…

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ठंडी चाय का उबाल : राजनीतिक सफरनामा

कुशलेन्द्र श्रीवास्तव ठंडी चाय में भी उबाल आता है साहब । कम से कम मध्यप्रदेश की ठंडी चाय में तो ऐसा उबाल आया कि एक अधिकारी को अपनी कुर्सी पर ही खतरा महसूस होने लगा । वे मुख्यमंत्री हैं उन्हें सब चीजें गर्म चाहिए । वैसे हो सकता है कि उन्हें गर्म न चाहिए हो…

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चेतना के फूल

चेतना के फूल तभी खिले जब सर्वस्व चढ़ाया है भानु का तांडव जारी फिर भी अंतरमन प्रेम से नहाया है कोई तो बात होगी सावन की फुहार में जो कीचड़ में भी कमल खिलाने की संभावनाओं को प्रकट करती है।दृष्टि हो तो सृष्टि बदल जाती है वर्ना सदियों के फेरों में उम्र निकल जाती है।जब-जब…

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जीवन के वृक्ष  को जीवन्त रखना है,

जीवन के वृक्ष  को जीवन्त रखना है, प्रेम के पानी से उसे  सींचते रहना है। उसको सुखाता  है नकारात्मक सोच, शुभ सोच  से सदा हराभरा रखना है। अहंकार की ऊष्मा विष के समान है, जो जीवन को  विषाक्त  कर  देता है। जो  सीख लिया है दंभ को दुत्कारना, मजेदार जीवन का वह मजा लेता है।…

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