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Dialogues on Kashmir Shaiva Darshan

PART 1 They were three friends and despite having many differences in their opinions had immense faith in one another and   remained glued to eachother .They could chat and discuss anything and everything under the sun and their conversations continued for hours and sometimes the wholenight .It was difficult for a fourth one to enter…

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शबरी के प्रभु और केवट के राम ….!

राम मर्यादा पुरुषोत्तम है क्योंकि उन्होंने मर्यादा की सीमा कभी नही लांघी और वह वही जाते है जहां मर्यादा होती है । अमर्यादित स्थानों पर राम की उपस्थिति असंभव है । कुछ लोग जय श्री राम का नारा तो लगाते है किंतु उसके बाद सारे अनैतिक कार्य करते है । वह ये अनैतिक कार्य यह…

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माटी में मिल गई माफियागिरी   

कुशलेन्द्र श्रीवास्तव ‘‘जैसी करनी, वैसी भरनी’ यह कहावत तो सदियों से लोकमानस में गूंजती आ रही है और अनेक बार इसे चरितार्थ होते हुए भी देखा है । उत्तरप्रदेश का कथित डान अब इसे चरितार्थ कर रहा है । बबूल बोओगे तो कांटे ही पाओगे सो अीतक अहमद अब कांटों का ताज पहनकर चीत्कार कर…

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कभी निष्फल नहीं हो सकता हमारा दूसरों को प्यार सम्मान अथवा महत्त्व देना

कुछ समय पहले की बात है कि एक हिंदी फिल्म देख रहा था। फिल्म और मुख्य पात्र का नाम है मिली। मिली एक मॉल के फूड जंक्शन में काम करती है। एक दिन गलती से मिली रेस्टोरेंट के फ्रीजर रूम में बंद हो जाती है। फ्रीजर रूम की सरदी के कारण उसकी हालत बहुत खराब…

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अरुणा पाठक आभा, रीवा (अनुज्ञा) दिल्ली में सम्मानित

ट्रू मीडिया गौरव सम्मान, उत्कृष्ट साक्षात्कारकर्ता, सम्मान से अरुणा पाठक आभा, रीवा (अनुज्ञा)दिल्ली में सम्मानित।सोशल एवं मोटिवेशनल ट्रस्ट द्वारा आयोजित पुस्तक विमोचन समारोह सम्मान समारोह काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया नौअप्रैल को जिसमें तेरह पुस्तकों का विमोचन किया गया। कवि कवयित्रीयों को सम्मानित किया गया । जिसमें दिल्ली के वरिष्ठ साहित्यकारोकी उपस्थिति थी। आदरणीय…

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अभिव्यक्ति और भावनाओं को तलाशने का शक्तिशाली माध्यम है ‘कला’

( विश्व कला दिवस पर विशेष) कला हमेशा से ही अभिव्यक्ति और भावनाओं को तलाशने का एक शक्तिशाली माध्यम रहा है।दुनियाभर में आज यानी 15 अप्रैल को वर्ल्ड आर्ट डे (विश्व कला दिवस) मनाया जा रहा है। कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए इस दिन को हर साल 15 अप्रैल को मनाया जाता…

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दर्द घुटनों में पाया गया

अरुण शर्मा साहिबाबादी। ग़ज़ल…….. दर्द घुटनों में पाया गया,फिर भी रिक्शा चलाया गया। मैं फ़क़त रिक्शे वाला रहा,नाम से कब बुलाया गया। मेरा रिक्शा पलटते बचा,जब ये पुल पर चढ़ाया गया। काम रिक्शे का‌ मेहनत का था,फिर भी छोटा बताया गया। आज रिक्शा फंसा जाम में,आज कुछ ना कमाया गया। एक गमछा था मुझ पर…

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उठो द्रोपती वस्त्र सभालो

उठो द्रोपती वस्त्र सभालो, अब कृष्ण नहीं आएगा.घर घर में दुशाशन बैठा, वस्त्र कँहा से लाएगा..दर्योधन के मित्र कर्ण, तुम्हे थनों में मिल जायेंगे.अपनी बीती कंहोगी ज़ब तुम, तुम पर दाग लगाएंगे..कोई न होगा तेरा अबला, कोई न धीर बधाएँगा.उठो द्रोपती वस्त्र सभालो, अब कृष्ण नहीं आएगा —-(1)मानो कैंस दर्ज होजाये, क़ानून की फाइल मे.दस…

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डॉ. अम्बेडकर भारत के भव्यभाल पर एक सुरम्य तिलकहैं

संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अम्बेडकर महान समाज सुधारक और विद्वान थे।उन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन जातिवाद को खत्म करने और गरीब, दलितों, पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए अर्पित किया।श्रमिकों, किसानों और महिलाओं के अधिकारों का समर्थन भी किया था। वे स्वतंत्र भारत के प्रथम विधि एवं न्याय मन्त्री, भारतीय संविधान के जनक एवं भारत गणराज्य…

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वरिष्ठ गीतकार एडवोकेट अनिल भारद्वाज सम्मानित

ग्वालियर हनुमान जन्मोत्सव के पावन उपलक्ष में उम्मीदों का आसमान ज्ञान सागर संस्थान ग्वालियर म.प्र.NGO द्वारा अखिल भारतीय स्तर पर आयोजित हनुमान जन्मोत्सव प्रतियोगिता में ग्वालियर के वरिष्ठ गीतकार अनिल भारद्वाज एडवोकेट को उनकी उत्कृष्ट कृति मेरे हनुमत तेरा शुक्रिया है की बेहतरीन प्रस्तुति के लिए सम्मानित करते हुए प्रथम स्थान प्रदान किया गया। इस…

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