आर्थिक स्तर पर हो जनगणना , केवल गरीबों को मिले आरक्षण और अवसर ..!
देश का लचीला संविधान कहता है कि सबको जीने का अधिकार है जिसके तहत 1980 से पहले दबे कुचले दलितों और आदिवासियों को आरक्षण देकर उनके उत्थान का काम किया गया । अब जब आरक्षण वर्तमान समय में अपना काम 70% पूर्ण कर चुका है तो इसे संशोधित करके आरक्षण का आधार केवल गरीबी रखा…
