माँ
माँ तू ममता की मूर्ति है,तुझे दोष न दिखे संतानों में नव मास उदर में तूने पालादुःख सहकर भी मुझे संभालासौ बार न्योछावर तू हो जातीमेरी मीठी मीठी मुस्कानों मे,माँ तू ममता की मूर्ति है,तुझे दोष न दिखे संतानों में ।।1।। मैं हंसता हूं तू हँसती हैमैं रोता हूँ तू रोती है।मेरा संसार सजाती तुमअपने…
