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स्वतंत्रता का अधूरा आलाप

आज़ादी केवल तिथि नहीं, एक निरंतर संघर्ष है। यह सिर्फ़ झंडा फहराने का अधिकार नहीं, बल्कि हर नागरिक को समान अवसर और सम्मान देने की जिम्मेदारी है। जब तक यह जिम्मेदारी पूरी नहीं होती, हमारी स्वतंत्रता अधूरी है।” — डॉ. प्रियंका सौरभ 15 अगस्त 1947 को हमने विदेशी शासन की बेड़ियों को तोड़ दिया था।…

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प्रणतः क्लेशनाशाय गोविंदाय नमो नमः…..

पंकज सीबी मिश्रा  / राजनीतिक विश्लेषक एवं पत्रकार जौनपुर यूपी सदाचारी जीवन की समग्रता ही श्री कृष्ण है। इसलिए हमारे शास्त्रों ने भगवान श्री कृष्ण को सोलह कलाओं से परिपूर्ण बताया। श्री कृष्ण होना जितना कठिन है श्री कृष्ण को समझना उससे भी कहीं अधिक कठिन है। भगवान कृष्ण का जन्म मथुरा में हुआ था,…

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अगर भारत हर क्षेत्र में मजबूत हो जाता है, तो दुनिया उसकी बात सुनेगी : गडकरी

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भारत को एक महाशक्ति और ‘‘विश्वगुरु’’ बनाने की वकालत करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि अगर भारत हर क्षेत्र में मजबूत हो जाता है तो दुनिया निश्चित रूप से उसकी बात सुनेगी। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नागपुर में राष्ट्र निर्माण समिति (सामाजिक संगठन) द्वारा आयोजित ‘अखंड भारत संकल्प दिवस’…

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जन-गण-मन अधिनायक….. : कुशलेन्द्र श्रीवास्तव

राजनीतिक सफरनामा आइये हम अपनी स्वतंत्रता की एक और वर्षगांठ गर्वोन्मुख मस्तक के साथ मनाएं । हमारा राष्ट, हमारा ध्वज और हमारा राष्टगान हमारी धरोहर है और हर भारतीय इस पर गर्व करता है । ‘‘जनगण मन अधिनायक’’ की मधुर स्वरलहरियां हमारे तन और मन में जोश भर रहीं हैं । हम नतमस्तक हैं अपने…

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देशप्रेम

निशि  मुझे आज ही जाना होगा , जल्दी से तैयारी करा दो ।” समर बोला।        “कैसे ,अभी कल ही तो आते हो और आज फिर जाना है ?” निशि का चेहरा उदास हो गया।    “यही तो हमारी वर्दी का कमाल है ,जब चाहे तब बुलावा आ जाता है । आखिर जिम्मेदारी भी तो…

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देश की तरक्की के लिए धन और ब्रेन, ड्रेन को रोकना जरूरी*

(राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (एनईपी) के पांच साल) स्कूल समाजीकरण के प्राथमिक माध्यम के रूप में नागरिकों के निर्माण में पहला और सबसे महत्वपूर्ण घटक है। इवान इलिच ने अपनी पुस्तक ‘डिस्कूलिंग सोसाइटी’ (1971) में तर्क प्रस्तुत किया है कि “शिक्षा का संस्थागतकरण एक अति-संस्थागत समाज के निर्माण को गति प्रदान करता है। शिक्षा प्रणाली एक…

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हिंदी के मनीषी विद्वान् आचार्य निशांतकेतु का निधन

17 अगस्त, 2025  लब्धप्रतिष्ठ साहित्यकार, बहुभाषाविद्, उपन्यासकार, कहानीकार, कवि, आलोचक, निबंधकार, कोशग्रंथों एवं धर्म-अध्यात्म विषयक ग्रंथों के रचयिता आचार्य निशांतकेतु का निधन 90 वर्ष की आयु में गुरुग्राम के पालम विहार‌ में हो गया। वे विगत दिनों से अस्वस्थ थे। वे पत्नी प्रो. सुखदा पांडेय, पुत्रियांँ प्रो. रचना सुचिन्मयी, डॉ. शैली भाषांजलि, पुत्र अभिषेक दिनमान…

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भारत@79: अटूट शक्ति की ओर

“79 वर्षों की यात्रा से विश्व-नेतृत्व की दहलीज़ तक — भारत का समय अब है।” “उन्नासी वर्ष की यात्रा में भारत ने संघर्ष से सफलता, और सफलता से नेतृत्व की राह तय की है। आज हम विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र, उभरती अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक महाशक्ति के रूप में खड़े हैं। परंतु असली लक्ष्य अभी…

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स्वतंत्रता दिवस की  हार्दिक  शुभकामनाएं,

डॉक्टर सुधीर सिंह , शेखपुरा, बिहार पूर्व  प्राचार्य एवं सेवानिवृत विभागाध्यक्ष (भौतिकी) मां भारती पूरी करें सबों की मनोकामनाएं।सबका जीवन यहां स्वस्थ-सुखी-समृद्ध रहे,समर्पित भाव से सब  राष्ट्रहित में लग जाएं। प्रगति के पथ पर बढ़ते रहने का संकल्प लें,बाधाओं को कुचल कर अपना लक्ष्य पा लें।दृढ़-आत्मविश्वास के साथ प्रयास करते हुए,भारत को विश्व गुरु बनाने…

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(रिश्तों की हत्या का आधुनिक ट्रेंड) 

नौकरी लगते ही पतियों को छोड़ रही हैं आधुनिक औरतें “रोज़गार मिला, रिश्ते छूटे,जिसने पढ़ाया, वही पराया हो गया” विवाह अब त्याग और समर्पण की बजाय स्वार्थ और स्वतंत्रता की शरण में चला गया है। अनेक मामले सामने आ रहे हैं जहाँ पति ने पत्नी को पढ़ाया, नौकरी लगवाई, पर जैसे ही वह आत्मनिर्भर हुई,…

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