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सुजोक एक्यूप्रेशर ब्योल मेरिडियन” पुस्तक का भव्य लोकार्पण एवं सम्मान समारोह सम्पन्न

नई दिल्ली,6 जून 2026 हिन्दी भवन, विष्णु दिगम्बर मार्ग,आई.टी.ओ.नई दिल्ली में सुप्रसिद्ध लेखिका “डॉ. पुनीता शर्मा रेहन” द्वारा लिखित पुस्तक “सुजोक एक्यूप्रेशर ब्योल मेरिडियन” का भव्य लोकार्पण एवं सम्मान समारोह गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में साहित्य, पत्रकारिता, शिक्षा एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष ऊंचाई…

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संपत्ति की भूख और बिखरते रिश्ते

– डॉ. प्रियंका सौरभ हरियाणा की धरती को लंबे समय तक पारिवारिक प्रेम, भाईचारे और संयुक्त परिवारों की संस्कृति के लिए जाना जाता रहा है। गांवों की चौपालों में रिश्तों की गर्माहट दिखाई देती थी। परिवार केवल खून का रिश्ता नहीं था, बल्कि जीवन की सबसे बड़ी सुरक्षा और सम्मान का आधार माना जाता था।…

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प्रेम, वियोग और तड़प के कवि (विनम्र श्रद्धांजलि)

आधुनिक उर्दू साहित्य की सबसे प्रिय आवाजों में से एक, डॉ. बशीर बद्र के निधन से उर्दू कविता की दुनिया थोड़ी उदास-सी लग रही है। वे न केवल लाखों लोगों को छूने वाली रचनाओं का भंडार छोड़ गए हैं, बल्कि जीवन को हृदय के सरल लेकिन गहन नजरिए से देखने का एक अनूठा तरीका भी…

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भक्ति, बाबाओं की सत्ता और न्याय का विरोधाभास

जेल, पैरोल और धार्मिक प्रभाव के बीच उलझता भारतीय समाज – डॉ.  सत्यवान सौरभ भारत में धर्म केवल आस्था का विषय नहीं है; वह सामाजिक प्रभाव, राजनीतिक शक्ति और आर्थिक संरचना का भी बड़ा केंद्र बन चुका है। यही कारण है कि जब किसी बड़े धार्मिक बाबा, स्वयंभू संत या आध्यात्मिक संगठन के प्रमुख पर…

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ऐसा क्यों ?

             वन्दना को बहुत दिनों से नहीं देखा तो लगा शायद उसकी शादी हो गयी होगी ।अचानक ही व्हाट्सएप पर उसका नाम दिखा तो गरिमा से न रहा गया उसने मैसेज भेज ही दिया – “अरे वन्दना तू कैसी है ?कहाँ है ?”        कुछ समय बाद वन्दना…

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गर्मी

1 धरती सारी जल उठी, आसमान है मौन रहबर भी भटका हुआ, राह दिखाए कौन राह दिखाए कौन, पड़ा असमंजस भारी होते सब हैरान, परेशां दुनिया सारी देती सबको प्यार, हमारे दुर्गुण सहती यही मातृ रूपेण, हमारी प्यारी धरती। 2 व्याकुल जन्तु जीव सभी, हलाकान दिन रैन धूप चिलचिलाती बड़ी, करे बहुत बेचैन करे बहुत…

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कॉकरोच से क्रांति तक

डिजिटल युग में लोकतांत्रिक असहमति का नया स्वर – डॉ. प्रियंका सौरभ भारतीय लोकतंत्र में असहमति व्यक्त करने के तरीके समय के साथ बदलते रहे हैं। कभी स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान सत्याग्रह और धरने राजनीतिक प्रतिरोध के प्रमुख माध्यम थे, तो कभी साहित्य, रंगमंच और पत्रकारिता ने सत्ता से सवाल पूछने का कार्य किया। इक्कीसवीं…

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बीजेपी की ‘वोटचोरी’ के खिलाफ क्यों कोई ‘जेपी-अन्ना’ सामने नहीं आता

संजय सक्सेना,लखनऊ,वरिष्ठ पत्रकारमो-9454105568, 8299050585 भारत की पवित्र भूमि सदैव संतों, साधुओं और महानायकों की धरोहर रही है। हर कोने में ऐसे पराक्रमी पुरुष और नारियां जन्म लेती रही हैं जिन्होंने देश को गुलामी की जंजीरों से मुक्त कराया। अंग्रेजी राज के विरुद्ध महात्मा गांधी, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद जैसे वीरों ने प्राणों की बाजी लगा…

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नीट-यूजी परीक्षा 2026 रद्द-3 मई 2026 को आयोजित पेपर लीक, परीक्षा माफिया और एनटीए की विश्वसनीयता पर सबसे बड़ा संकट -व्यापक समग्र विश्लेषण

क़्या पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट 2024 जिसे एंटी पेपर लीक कानून कहा जाने लगा निष्प्रभावी साबित हुआ? नीट-यूजी 2026 सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा पेपर लीक के कारण रद्द- छात्र और अभिभावक सदमे में कि आखिर वास्तविक मास्टरमाइंड कानून से कैसे बार-बार खिलवाड़ करते हैं और बच जाते हैं ? -एडवोकेट किशन…

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