कविता और कहानी
प्रेमगीत: कोरोना
संकटकाल निकल जाए तो। तुमको जीभर प्यार करूँगा।। अभी तो छूने में भी डर है, मन में कोरोना का घर है। बीतेगा तो पुनः मिलेंगे, बुरा समय तो ये पलभर है।। बाहों का आलिंगन होगा। तुमसे आँखे चार करूँगा।। संकटकाल निकल जाए तो। तुमको जीभर प्यार करूँगा।। कितने ख़्वाब अधूरे-पूरे, जिनको तुमने रोज़ सजाया। एक-एक…
उम्मीद के दीप
माना रात घनी है,घोर तमस से भरी है। उजियारी भौंर के सामने कई चुनौतियाँ धरी हैं। तुम सूरज पर एतबार बनाए रखना। उम्मीदों के दीपक जलाए रखना। मंजिल बहुत दूर हो,दर्द बेहिसाब हो। सबसे मेरा रश़्क हो,उजड़े हुए मेहताब हो। जुगनुओं से इल्तिफात तुम बनाए रखना। उम्मीदों के दीपक जलाए रखना। मंज़र-ए-नदीश में कष्ट इफरात…
लॉक है पर डाउन नहीं
कोरोना महामारी विश्व पीड़ित हाहाकार चहुँ और एक से अनेक , कब कब हज़ार से लाख हुए पता ही नहीं चला किसकी चाल , फिर देखेंगे पहले कोरोना से दो चार कर लें भारत भी अछूता नहीं अब सभी भयभीत इससे २१ दिन का लॉक डाउन पूर्ण होने को है अनेकता में एकता पहचान हमारी…
पृथ्वी का मौन
आज बैठी हूँ मैं उदास लिखने जा रही हूँ कुछ खास इस महामारी के चलते लोग नहीं हैं आसपास किसी ने नहीं सोचा था कि कोर्इ समय ऐसा आयेगा, इन्सान इन्सान से मिलने के बाद पछितायेगा। कैसे हैं आज के समय के फसाने, लोग ही लोगों को लगे हैं डराने। क्या यह हमारी गलती है…
हिंदुस्तान में पुन: सुख-समृद्धि लाना है.
चुनौतियां आती हैं और चली जाती हैं,किंतु गहरी छाप छोड़ कर ही जाती हैं.वैसी ही चुनौती ‘कोरोना का वायरस’है,जिसनेआदमी की परेशानियां बढ़ाई है.हरेक चुनौती का एक ही लक्ष्य होता है,इंसान के धीरज की अग्नि-परीक्षा लेना.‘लॉकडाउन’ की सफलता को देख कर,कोरोना ने शुरू किया संक्रमण समेटना.इंसान के संयम व सत्प्रयास के सामने,किसी शत्रु का बिल्कुल नहीं…
माननीय प्रधान मंत्री का राष्ट्र से आह्वान है
Doctor Sudhir Singh माननीय प्रधान मंत्री का राष्ट्र से आह्वान है,उसका अनुपालन ही उनके प्रति सम्मान है.आइए!इस अभियान को सफल बनाए हम,‘कोरोना’ वायरस का इसमें छिपा विनाश है.5 अप्रील,रविवार को ठीक नौ बजे रात्रि में;‘सामाजिक दूरी’ का मन से पालन करना है.आवास के अंदर नौ मिनट तक अंधेरा रख,घर के बाहर मोमबत्तीऔर दीया जलाना है.एक…
कोरोना वायरस और मानव
चीन ने यह कैसा हथियार बनाया, सभी दूर मौत का मातम है छाया .. गोली ना बारूद, चीन के वूहान शहर ने, पसीने छूटा दिए देशों में लाशों के ढेर ने, खाँसी और जुकाम ने मौत के फरमान सुना दिए है, अख़बार, टीव्ही, रेडीओ पर मौत की खबर ही खबर है, अमेरिका के ट्रंप पहले…
सुबह
सुप्रभात अलविदा करता रात कोखिले कमल औरसूरज की किरणों की लालिमालगती चुनर पहनी होफिजाओं ने गुलाबीखिलते कमल लगतेतालाब के नीर नेलगाई हो जैसेपैरों में महावारभोर का ताराछुप गया उषा के आँचलपंछी कलरव ,माँ की मीठी पुकारसच अब तो सुबह हो गईश्रम के पांव चलने लगेअपने निर्धारित लक्ष्यऔर हर दिन की तरहसूरज देता गयाधरा पर ऊर्जासंजय वर्मा…
महादानी कर्ण सा दिल से दान करें.
घर से दूर मजबूर सब प्रवासी भाई,‘लॉकडाउन’ का पालन कर रहे हैं.सरकारऔर स्वयंसेवी संस्थाओं से,सहयोग के लिए गुहार लगा रहे हैं.बेवश हिंदुस्तानी की मदद के लिए,सुखीऔर समृद्ध लोग सामने आएं.प्रधानमंत्री के सृजित राहत-कोष में,महादानी कर्ण सा दिल से दान करें.वही महादानअभावग्रस्त लोगों को,आर्थिक संकट से राहत दिलाएगा,कोरोना से जूझते महान योद्धा का,जोश-जुनून-जज्बात जागृत रखेगा.लॉकडाउन ही…
