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तेरा राम जी करेगें बेड़ा पार…… !
कुशलेन्द्र श्रीवास्तव (वरिष्ठ पत्रकार, वरिष्ठ साहित्यकार) ‘‘तेरा रामजी करेगें बेड़ा पार’’ अब इसके सिवाय और कुछ बचा ही नहीं है । लोकसभा चुनाव चरम पर हैं और माहौल बगैर कुछ कहे बहत कुछ कहता जा रहा है तो पार्टी और प्रत्यासी भी क्या करेगें……वे तो भजेगें ही सो वे भज रहे हैं ‘‘मेरा रामजी ही…
श्री चौरासिया ब्राह्मण शिक्षा समिति का शपथ ग्रहण समारोह संपन्न
(नयी कार्यकारिणी ने शपथ लेकर पूर्ण समर्पण भाव के कार्य करने का किया वादा) कल दिनांक 14.04.2024 को श्री चौरासिया ब्राह्मण शिक्षा समिति का शपथ ग्रहण समारोह गुरुग्राम (हरियाणा) में ब्राह्मण श्रेष्ठ, समाजसेवी, दानवीर श्री सतबीर शर्मा जी (जिन्हें पिछले दिनों एक विशाल आयोजन में श्री चौरासिया ब्राह्मण समाज ने अपना सिरमौर बनाया था) के…
प्रिये नव सम्वत्सर बन आना
सभी मौसम सभी ऋतुओं को संग ले आना।प्रिये नव संवतसर बन के मेरे घर आना। सरसों के फूल बन के यादें तेरी आतीं हैं।मुझसे गेहूॅं की बालियों सी लिपट जातीं हैं। अपनी यादों के संग एक बार आ जाना,प्रिये नव संवतसर बन के मेरे घर आना।सभी मौसम सभी ऋतुओं को संग ले आना। जब भी…
श्री चौरासिया ब्राह्मण शिक्षा समिति की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी
श्री चौरासिया ब्राह्मण शिक्षा समिति के संपन्न हुए चुनाव परिणामो की सूचनामान्यवरपूर्व सूचनानुसार उपरोक्त शिक्षा समिति के संपन्न हुए चुनाव परिणामो की दिनांक 07 अप्रैल 2024 को विधिवत घोषणा की जाती है . 3 अप्रैल 2024 को नाम वापसी का दिन निर्धारित किया गया था. उससे पहले विभिन्न पदों के लिए , केवल सचिव पद…
कमी अपनी परवरिश में
मालती ने आज पूरा घर फिर सर पर उठा रखा था। ससुर जी के खत्म हो जाने के पश्चात यह अब आम बात हो गई थी। मालती की सास दयावती खून का घूंट भरकर रह जाती। मालती अपनी छोटी बहन को पढ़ाई करने के लिए अपने साथ रहना चाहती थी लेकिन घर पर जगह उपलब्ध…
वीर सावरकर : स्वतंत्रता इतिहास के अनफॉरगेटेबल हीरो
: पंकज कुमार मिश्रा, राजनीतिक विश्लेषक / पत्रकार जौनपुर, यूपी रणदीप हुड्डा नें स्वातंत्र वीर सावरकर फ़िल्म में वीर सावरकर के किरदार में ऐसे लगे है कि भविष्य में उनके मूवी के फोटो को असली सावरकर के लिये भी उपयोग किया जाए तो अतिश्योक्ति नहीं होगी। बधाई के पात्र है रणदीप हुड्डा। हुड्डा की एक्टिंग…
अप्रेल फूल बनाया…… !
अब अप्रेल फूल कोई नहीं बनाता । पहले तो एक दिन निर्धारित कर दिया गया था कि केवल इसी दिन किसी को भी कोई भी अप्रेल फूल बना सकता है । इसी कारण से ही एक अप्रेल को लोग सतर्क हो जाते थे और कोषिष करते थे कि वे अप्रेल फूल न बन पाएं ।…
हाईवे पर ग्रीन बेल्ट के फायदे
शहरी क्षेत्रों में पेड़ों को बफर के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है जो महत्वपूर्ण मात्रा में शोर को कम करने में सक्षम हैं । पौधे की पत्ती ध्वनि क्षेत्र में कंपन करने वाले वायु अणु की गतिज ऊर्जा को पत्तियों के कंपन पैटर्न में स्थानांतरित करके ऊर्जा को अवशोषित करती है। इस…
फाल्गुन की मस्ती रंगों से हर्षोल्लासित सभी नगर व बस्ती
लेखक- डॉ.पवन शर्मा (साहित्यकार एवं लेखक) होली रंगों का तथा हँसी-खुशी का त्योहार है। यह भारत का एक प्रमुख और प्रसिद्ध त्योहार है, जो आज विश्वभर में मनाया जाने लगा है। रंगों का त्योहार कहा जाने वाला यह पर्व पारंपरिक रूप से दो दिन मनाया जाता है। पहले दिन को होलिका जलायी जाती है, जिसे…
फागुन का ये मौसम है
बृज छोड़ के मत जइयो,फागुन का ये मौसम है,मोहि और न तरसइयोफागुन का ये मौसम है। मैं जानती हूं जमुना तीर काहे तू आए,हम गोपियों के मन को कान्हा काहे चुराए, जा लौट के घर जाइयो,माखन चुराके खाइयो,पर चीर ना चुरइयो,फागुन का ये मौसम है। इस प्यार भरे गीत के छंदों की कसम है,तोहि नाचते…
