साहित्य
रीवा की बेटी डॉ अरुणा पाठक आभा को मिला “अटल रत्न सम्मान”
लखनऊ पत्रकारों के राष्ट्रीय संगठन प्रिंट मीडिया वर्किंग जर्नलिस्ट एसोसिएशन के तत्वाधान में आजादी के 75 वी वर्षगांठ हुआ, अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में, प्रधानमंत्री राष्ट्र धर्म के पूर्व संपादक भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी बाजपेई जी के 98 जन्म दिवस के शुभ अवसर पर, दीनदयाल उपाध्याय नगर हजरतगंज लखनऊ में आयोजित, सम्मान समारोह में…
‘मीडिया और मुद्दे’ पुस्तक का विमोचन
माध्यमों में जन सरोकारों की प्रतिबद्धता आवश्यक- प्रो. रघुवंशमणि त्रिपाठी बस्ती । रविवार को प्रेस क्लब सभागार में अनुराधा प्रकाशन से प्रकाशित नीरज कुमार वर्मा ‘नीरप्रिय’ कृत ‘मीडिया और मुद्दे’ पुस्तक का विमोचन किया गया। शिव हर्ष किसान पी.जी. कालेज के पूर्व प्राचार्य प्रोफेसर रघुवंशमणि त्रिपाठी ने कहा कि माध्यमों का प्रभाव समाजों पर पड़ता…
नववर्ष आ गया…….
बागों में कूके कोयल, भौरें विचर रहे हैं।बागों पे आया यौवन,कविमन खिल गए हैं।हरियाली से धरा का,सौन्दर्य बढ़ता जाए।नववर्ष आ गया है , ऋतुराज मुस्कुराए ।कलियाँ चहकती हैं,खुशियों से चमन गाये।ख्वाहिशें नई जगी है ,इरादे बदल गये हैं, ।रेतों के भी परिन्दे , हरियाली में मुस्कुराए।मंजिलों के नए सपने , अब जन्म ले रहे हैं…
साहित्यकारा सविता चढ्ढा को मिली “विद्या वाचस्पति” की मानद उपाधि
दिल्ली। विक्रमशिला हिंदी विद्यापीठ, गांधीनगर, ईशीपुर, जिला भागलपुर (बिहार) द्वारा साहित्यकार सविता चडढा को इनकी सुधीर्घ हिंदी सेवा, सारस्वत साधना,कला के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियां, शैक्षिक प्रदेयों, महनीय शोधकार्यों तथा राष्ट्रीय/ अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा के आधार पर विक्रमशिला हिंदी विद्यापीठ की अनुशंसा पर विद्या वाचस्पति सारस्वत सम्मान दिया गया है। यह सम्मान हिंदी भवन में आयोजित…
गुजरात माॅडल से भयभीत नेता
राजनीतिक सफरनामा : कुशलेन्द्र श्रीवास्तव भाजपा के ही नेता अब गुजरात माडल से भयभीत हैं । गुजरात माडल का रंग रूप् बदल चुका है । पहले गुजरात माडल को विकास के माडल के रूप् में परोसा जाता था, इस माडल से भाजपा के नेता प्रसन्न होते थे और शेष बचे बाकी नेता भयभीत होते थे…
खजुराहो यात्रा: एक अविस्मरणीय दैवीय अनुभव
यात्रा……. जिसका नाम आते ही मन में अजीब सी तरंगे उसने लगती है। एक उत्साह ,एक जोश उत्पन्न हो जाता है कि लगातार एक ही तरह की दैनिक जीवन से नया कुछ हटकर देखने को, घूमने को, सीखने को मिलेगा। जहां हम स्वच्छंद होंगे , पारिवारिक जिम्मेदारियों का बोझ शायद कुछ कम होगा। जहां…
बधाईयां बधाईयां और केवल बधाईयां
डा.सर्वेश कुमार मिश्र सुबह से शाम हो गई किंतु कोई हलचल ना हुई कोई मनचल ना हुई कोई हिला भी नहीं कोई डुला भी नहीं कोई देखा भी नहीं कोई ताका भी नहीं। सच है खुद की लड़ाई खुद से लड़नी चाहिए बधाइयों के शहर में ना दुखड़े गाना चाहिए। खुद के मन की व्यथा…
….फिर यह दुनिया होगी खूबसूरत
जब ना जाति होगी ना भेदभाव होगा जब धर्म सिर्फ इंसानियत का होगा तब होगी यह दुनिया खूबसूरत तब होगी यह दुनिया खूबसूरत। जब इंसान अपने प्रोटीन व स्वार्थ के लिए किसी बेजुबान जानवर की हत्या ना करके सही मायनों में प्रेम की परिभाषा सीखेगा। तब होगी यह दुनिया खूबसूरत तब होगी यह दुनिया खूबसूरत।…
दो किलो रोज गाली का डोज
कुशलेन्द्र श्रीवास्तव प्रधान मंत्री जी ने पूरा गणित लगाकर बता ही दिया है कि वे प्रतिदिन दो किलो गालियों का डोज लेते हैं हो सकता है कि वे इससे अधिक डोज लेते हों और उनको जानकारी मेे केवल दो किलो ही आइ्र हो । गालियों के वजन को मापने के किस यंत्र का उपयोग…
कर्मवीर काशी के’ एवं श्री शंकर वाचनालय का लोकार्पण
31 अक्टूबर, 2022 “पुस्तकें और प्रकृति मनुष्य के दो आवश्यक सहचर हैं। पुस्तकें मनुष्य को शिक्षित करते हुए उसके आचरण का भी निर्माण करती हैं। आज के डिजिटल युग में भी छपी हुई पुस्तकों का महत्त्व है। ये पीढ़ी-दर-पीढ़ी ज्ञान का संचार करती हैं।” ये बातें कहीं लेखक-समीक्षक डाॅ. अशोक कुमार ज्योति ने। ग्रामीण क्षेत्रों…
