साहित्य
कितनी कड़वी हैं सच्चाइयाँ
कितनी कड़वी हैं सच्चाइयाँ गिर रहीं नीचे ऊँचाइयाँ कोयलों के बाइक कंठस्वर चढ़ी नीलाम अमराइयाँ बद हुये मौसमों के चलन हुयीं गुमराह पुरवाइयाँ दिन ढले घर में अहसास के स्यापा करती हैं तनहाइयाँ आदमी कद में बकमतर हुआ बढ़ गयीं उसकी परछाइयाँ गिरना तय है जिधर जायेंगे उधर खंदक इधर खाइयाँ होश आयेगा ‘महरूम’ जब…
.गीत सम्राट भाई पंकज शर्मा जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई
.संस्कारित युवा , राष्ट्रिय कवि, वरिष्ठ साहित्यकार योग्य पत्रकार भाई पंकज शर्मा जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाये………………………….सकल मनोरथ सिद्ध तुम्हारे ,…………..आपकी सभी मनोकामना पूर्ण हों . ……….यही शुभकामना है …………..अनुराधा प्रकाशन एवं ‘उत्कर्ष मेल’ राष्ट्रिय पाक्षिक पत्र परिवार आपको बधाई, शुभकामना एवं अभिनन्दन करता मही ………………सादर ……………..मनमोहन शर्मा ‘शरण’ (संस्थापक :…
महोत्सव के बाद अमृत बनाये रखने की चुनौती
रोजगार विहीन विकास किसी भी अर्थव्यवस्था के लिए सुरक्षित दांव नहीं है। बेरोजगारी न केवल हमारे मानव संसाधनों के इष्टतम उपयोग की अनुमति देती है बल्कि सामाजिक कलह और विभाजनकारी राजनीति के लिए प्रजनन स्थल भी बनाती है। शिक्षा, स्किलिंग, युवा उद्यमियों और नवप्रवर्तन कर्ताओं को उपयुक्त रोजगार और सहायता, शिक्षा और रोजगार के लिए…
महात्मा गांधी आजादी के 75 साल बाद भी प्रासंगिक है
लाल बिहारी लाल मुगल साम्राज्य से जब सत्ता अंग्रैजो के हाथ में गई तो पहले अंग्रैजों का व्यापारिक उदेश्य था पर धीरे-धीरे उनका राजनैतिक रुप भी सामने नजर आने लगा। और वे अपने इस कुटिल चाल में कामयाब भी हो गये । धीरे–धीरे उनके क्रिया-कलापों के प्रति जनमानस में असंतोष की भावना पनपने लगी इसी…
हर रग में दौड़ता है खून देशभक्ति का यहां
कुशलेन्द्र श्रीवास्तव 75 वर्ष हो गए हमारी स्वतंत्रता को । हम आजादी का अमृत महोत्सव मना भी रहे हैं । ‘‘जनगण मन अधिनायक’’ की मधुर स्वरलहरियां हमारे तन और मन में जोश भर रहीं हैं । हम नतमस्तक हैं अपने तिरंगे के सामने और हवा में शान से लहराता तिरंगा हमेें हमारे ‘विश्व गुरू’’ हो…
हम अपना राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा कब, क्यों फहरायें ?
देवेन्द्र कुमार पाठक तिरंगा तीन रंगों से बना है.केसरिया,सफेद औऱ हरा. इसके बीच में अशोक चक्र है, जिसमें चौबीस तीलियाँ हैं. जब तिरंगा खुली हवा में आकाशीय ऊँचाई पर फहराया जाता है, तब हमारी यह संकल्प भावना होती है कि हम सब देशवासी चौबीस घण्टे,यानी दिन-रात देश की प्रगति के लिये पूरी निष्ठा और…
स्वतंत्रता दिवस
.{कविता मल्होत्रा, संरक्षक, स्थायी स्तंभकार} स्वतंत्रता दिवस की सभी को हार्दिक बधाई रक्षा सूत्र अपने विचारों पर बांधें न हो जग हंसाई सावन की फुहार अपने साथ अनगिनत त्योहारों का पैग़ाम लेकर आई है।सदियों से बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बाँधती आईं हैं।परस्पर सुरक्षा की ये मन्नतें दोनों ओर से चलतीं हैं…
अंतरराष्ट्रीय साहित्य संगम” की ओर से प्रेमचंद जयंती
भारतीय जनमानस का चितेरा लोक कथाकार प्रेमचंद की जयंती के अवसर पर “अंतरराष्ट्रीय साहित्य संगम” (साहित्यिक सांस्कृतिक संस्था) के तत्वावधान में संस्था के अध्यक्ष श्री देवेन्द्रनाथ शुक्ल की अध्यक्षता एवं संस्थापक एवं महासचिव डॉ. मुन्ना लाल प्रसाद के संचालन में उनकी विभिन्न रचनाओं पर एक वेबिनार का आयोजन किया गया। सबसे पहले सिंगापुर से उपस्थित…
“अंतरराष्ट्रीय काव्य प्रेमी मंच” की संस्थापिका डॉ ममता सैनी जी को प्राप्त हुआ एक और कीर्तिमान
चार विश्व कीर्तिमान स्थापित करने के बाद “अंतरराष्ट्रीय काव्य प्रेमी मंच” की संस्थापिका डॉ ममता सैनी जी ने एक अप्रतिम काव्य अनुष्ठान “भारत को जानें”के लिए एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। “Official World Record, Spain” द्वारा इस कार्यक्रम के दृश्य श्रव्य संग्रह (ऑडियो वीडियो अलबम) को कीर्तिमान से अलंकृत किया गया है।इस कार्यक्रम ने…
“वात्सल्य” ट्रस्ट को मिला “राष्ट्र गौरव सम्मान”
रविवार 19 जून की भोर “वात्सल्य” ट्रस्ट के बच्चों के लिए एक ऐतिहासिक रूप लेकर आई।गुलाबी नगरी जयपुर से भव्या फ़ाऊंडेशन और भव्या इंटरनेशनल के तत्वावधान में होने वाले अंतर्राष्ट्रीय मैत्री सम्मलेन में प्रतिभागिता का निमंत्रण देने वाली सबकी प्रिय डॉ. निशा माथुर जी ने वात्सल्य के बच्चों को इँटरनेशनल मंच प्रदान किया। भव्या फ़ाऊंडेशन…
