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शीर्षक-लघु व्यंग झूले के संग
कुछ दिन पहले तीज पार्टी में एक एक सखी ने स्टिकर डाला था जिसमें झूला झूलते हुए आनंद लेते हुए मुझे वह दिन याद आ गए बचपन के दिन जब मैं स्कूल में झूला पंगे डाल डाल कर झूलती थी । हमारा स्कूल में एक झूला विशालकाय था जिसमें तीन तीन झूले थे .लंच के…
क्या नए वर्ष 2026 की तश्वीर से साफ हो पायेगी 2025 की धूल..!
पंकज सीबी मिश्रा, राजनीतिक विश्लेषक एवं पत्रकार जौनपुर यूपी बीते वर्ष 2025 में कई चीजे रही जो भूलने के बाद भी याद आती रहेंगी जिनमें कुछ सामाजिक और राजनैतिक अवसाद और संवैधानिक अपवाद रहें। बिहार चुनाव में विपक्ष की हार हो या सोने चांदी के कीमतों की मार ! स्मृति मंधना की शादी टूटने की…
जीवन का सुख़ बुजुर्गों के श्रीचरणों में
बूढ़े बुजुर्गों, माता-पिता की सेवा तुल्य कोई पुण्य नहीं-एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र गोंदिया – भारत आदि-अनादि काल से ही संस्कारों की खान रहा है। यहां की मिट्टी में ही गॉड गिफ्टेड संस्कारों की ऐसी अदृश्य शक्ति समाई हुई है कि मानव जन्म से ही संस्कारों की प्रतिभा मानवीय जीवों में समाहित हो जाती…
भाजपा का चमत्कार : सांसद को प्रदेश अध्यक्ष और विधायक को बनाया राष्ट्रीय अध्यक्ष
पंकज सीबी मिश्रा, राजनीतिक विश्लेषक एवं पत्रकार, केराकत, जौनपुर यूपी जातिगत दबाव कहें, समीकरण कहें, पीडीए का डर कहें या रणनीति कहें पर यह भाजपा का थिंक टैंक और भाजपा की राजनीती जो ब्राह्मण – ठाकुरों की राजनीति से चलती रही है आज दो पिछड़े नेताओं की 2014 के बाद से सत्ता पर काबिज होने…
राष्ट्रभक्ति का प्रतीक ‘‘वंदे मातरम्’’
राजनीतिक सफरनामा : कुशलेन्द्र श्रीवास्तव चुनाव के पहले पश्चिम बंगाल में बाबरी मस्जिद और राम मंदिर की तनातनी देखने को मिलने लगी है । उत्तर प्रदेश की एक बाबरी मस्जिद की जंग शदियों तक चली अब दूसरी बाबरी मस्जिद की जंग प्रारंभ हो गई है । राजनीति अपनी जगह है पर देश का सांप्रदायिक सद्भाव…
Social Media Ban for Children: Australia’s Save Childhood Movement-An Example for the World
Social Media Ban for Children-A Save Childhood Movement,considered a protective shield for children in modern society amidst digital pollution, inappropriate content, violent videos, and harmful algorithms-Advocate Kishan Sanmukhdas Bhawnani,Gondia Maharashtra Gondia – While global politics is often dominated by military tensions, economic competition, strategic alliances,and geopolitical shifts, Australia has taken a bold step that has…
जब इलाज भी बाज़ार बन जाए: भारत में स्वास्थ्य अधिकार की लड़ाई
भारत में बढ़ती निजीकरण प्रवृत्ति और सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यय की कमी: क्या ‘स्वास्थ्य का अधिकार’ सच में न्यायालयों में लागू किया जा सकता है? जब उपचार एक सेवा नहीं, बल्कि बाज़ार की वस्तु बन जाए, तब अधिकारों की भाषा कमजोर पड़ जाती है। – डॉ सत्यवान सौरभ भारत में स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा और ढांचा…
वर्ष 2026 का सभी 12 राशियों का वार्षिक राशिफल- गोचर के आधार पर:
गोचर प्रत्येक राशि के लिए अलग-अलग महीने में होने वाली प्रमुख घटनाओं और अवसरों का संकेत देता है। गोचर से तात्पर्य ग्रहों के वर्तमान स्थिति से है, जो हर राशि पर अलग-अलग प्रभाव डालती है। यह राशिफल आपके व्यक्तित्व, कार्य, प्रेम, परिवार और अन्य पहलुओं पर आधारित है। यह राशिफल गोचर के आधार पर है,…
ब्रह्म और महासून्यता शून्य से परे एक आध्यात्मिक दृष्टि
Nothingness*हमारी संस्कृति में ‘शून्यता’ शब्द बहुत बार गलत समझा और व्याख्यायित किया गया है। गणितीय शून्य केवल संख्या है एक अंक जो मात्रा की अनुपस्थिति दर्शाता है। वहीं सन्यता/सून्यता (Sunnata) का अर्थ है सब कुछ का अभाव -न कोई गुण, न कोई वस्तु, न कोई पहचान। मेरी पुस्तक और शोध इसी फर्क को स्पष्ट करने…
ऋतुओं को निगलने लगा प्रदूषण: बदलता मौसम, घटता जीवन
डॉ विजय गर्ग भारत में सदियों से छह ऋतुओं (बसंत, ग्रीष्म, वर्षा, शरद, हेमंत और शिशिर) का अपना एक क्रम रहा है। हर ऋतु अपने विशिष्ट सौंदर्य, मौसम और जीवनशैली के साथ आती थी। लेकिन आज, बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन के कारण यह प्राकृतिक क्रम टूट रहा है। ऐसा प्रतीत होता है जैसे प्रदूषण…
