Latest Updates

जनक जिला (विधार्थी भाग) : सनैटाइजिंग

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) नांगल राया के विद्यार्थी तंत्र द्वार *नांगल के सभी मकानों को सनेटाइज किया गया है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता दिन रात अपने क्षेत्र में सनिटाइजिंग का काम कर रहे है। इस मुश्किल घड़ी में संघ के कार्यकर्ता CORONA WARRIORS बन समाज की सेवा में लगे है।

Read More

क्रिएटिव पीपल ऑफ हरियाणा प्रतियोगिता के परिणाम घोषित

चंडीगढ़, 4 मई। अग्रवाल वैश्य समाज हरियाणा द्वारा लॉकडाउन के दौरान प्रदेशवासियों की छिपी हुई प्रतिभा को सवारने और उन्हें एक मंच प्रदान करने के लिए आयोजित की गई क्रिएटिव पीपल ऑफ हरियाणा प्रतियोगिता के परिणाम आज घोषित कर दिए गए है। परिणाम जारी करते हुए समाज की साहित्य प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ. इंदु गुप्ता ने…

Read More

पं. ओंकार शर्मा जी के नेतृत्व में लॉक डाउन में गरीब परिवारों को राशन सामग्री एवं नकद राशि का वितरण

मानवता की मिशाल बंदा बेमिशाल दिनांक २ अप्रैल से १० अप्रैल के बीच देश में लौकडाउन के कारण प्रभावित गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों की सहायता करने के उद्देश्य हेतु ईश्वरी प्रेरणा से भोजन सामग्री वितरित किए जाने का प्रयास किया गया था। इस हेतु कई वाट्सएप ग्रुपों में भी महत्वपूर्ण सूचना दी गई थी।…

Read More

श्रीचौरासिया ब्राह्मण समाज ने राष्ट्रीय हित व समाज हित भागीदारी सुनिश्चित की |

अखिल भारतवर्षीय श्रीचौरासिया ब्राह्मण महासभा ने श्री चौरासिया ब्राह्मण समाज की भागीदारी राष्ट्र हित समाज हित मे सुनिश्चित 504000/- पांच लाख चार हजार रूपये की राशी प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष तथा पी एम केयर्स फण्ड मे जमा करा कर की | ………. महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री प्रदीप शर्मा अधिवक्ता ने बताया की प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत…

Read More

नियति ने सर्वोत्तम कृति से कैसा अजब खेल खेला है समूची प्रकृति उठान पर और मानव भयातुर अकेला है

(Smt Kavita Malhotra)विकास के नाम पर समूचा विश्व जिस गति से आगे बढ़ रहा था, आज उसकी रफ़्तार थम सी गई है। न तो कोई कारण ही किसी की पकड़  में आ रहा है न ही अब तक कोई निवारण हाथ आया है।कारण जो भी हो एक बात तो तय है कि समूचे विश्व से…

Read More

💐 जिन्दगी-अनबूझ पहेली 💐

जिन्दगी इतनी सरल तो कभी भी नहीं थी,कठिनया ऋजु भी रही।लोगों के लिये तो यह ऐसी पहेली जिसको सब ने अपने अपने ढंग से हल करना चाहा,पर वो बिना हल हुएफिसलती रही,मचलती रही।जिन्दगी के अर्थ कोजिसने भी सिर्फ अर्थ में ही ढूंढना चाहा,उसकी जिन्दगी अर्थहीन हो कररह गई।जिन्दगी के अर्थ का वास्तविक मज़ा तोसन्तुष्टि में…

Read More

बूढ़े नहीं,भूतपूर्व नौजवान

साठ वर्ष से ऊपर के हो गए तो क्या हुआ!अपने को बूढ़ा तो नहीं समझते न!समझना भी नहीं है। क्या कहा-लोग कहते हैं, लोगों की परवाह मत करो,लोगों का काम है कहना।अरे!रिटायर्ड ही तो हुए हो,टायर्ड तो नहीं।टायर्ड होना भी नहीं है,जो काम स्वयं कर सकते हो,वह स्वयं करना ही है।बार बार पत्नी को हर…

Read More

वारिष्ट साहित्यकार श्रीमती सविता चड्ढा की कलम से (अनुभव-4)

हम एक ही कार्यालय में काम करते थे । मैं प्रबंधक के रूप में कार्य कर रही थी और मेरी ड्यूटी थी 10:15 पर मुझे उपस्थिति  रजिस्टर चीफ के कमरे में चपरासी के हाथों भिजवाना होता था । मेरे आगे रजिस्टर होता और मैं अपनी उस मित्र की प्रतीक्षा करती रहती एक 2 मिनट  तक…

Read More

लॉक डाऊन पीरियड में मैं की महामारी से खुद को बचाया जाए

(कविता मल्होत्रा ) प्रदूषित मानसिकताओं के सँक्रमण से इस तरह सोशल डिस्टेंस बनाया जाएअपने अहम का सफ़ाया कर के “मैं” की महामारी से खुद को बचाया जाए ज़रा सोचिए –कल तक समूचे विश्व के तमाम देशों में एक दूसरे पर अपना वर्चस्व क़ायम करने की होड़ लगी हुई थी, और आज अचानक सब एक दूसरे का…

Read More