Special Article
युवाओं के आक्रोश में झुलसा नेपाल
कुशलेन्द्र श्रीवास्तव एक और पड़ोसी देश युवाओं के आक्रोश का केन्द्र बिन्दु बन गया । श्रीलंका के बाद बंगलादेश और अब नेपाल में युवाओं ने हिसंक आन्दोलन कर सत्ताधीशों को कुर्सी से उतार दिया । नेपाल में लोकतंत्र ज्यादा पुराना नहीं है, इसके पूर्व राजशाही थी और नेपाल का एक बड़ा वर्ग मानता रहा…
वेदों में आधुनिक भौतिकी के समाधान
सहस्त्रशीर्षा पुरुषःसहस्त्राक्ष सहस्त्रपात। स भूमि सर्वतःस्पृत्वाsत्व तिष्ठद्यशांगुलम।.पुरुषसूक्त 1 जो सह स्त्र सिर वाले, सहस्त्रों नेत्र वाले और सहस्त्र चरण वाले विराट पुरुष है, वह सारे ब्रह्माण्ड को आवृत करक भी दस अंगुल शेष रहते हैं ।।1 सूक्त2— पुरुष एवेदं सर्वं यदभूतमयच्चभाव्यम। उतामृत्वस्येशानो यदन्नेनाति रोहति।। जो सृष्टि बन चुकी, जो बनने वाली है, यह सब विराट…
क्या आरक्षण 50 प्रतिशत की सीमा से अधिक होना चाहिए?
संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 क्या गारंटी देते हैं? औपचारिक और वास्तविक समानता में क्या अंतर है? क्या आरक्षण अवसर की समानता या निरंतरता के विचार में एक अतिरिक्त प्रावधान है? क्या आरक्षण के लाभ केवल ओबीसी, एससी और एसटी तक ही सीमित हैं? समतलीकरण के लिए आरक्षण ही क्यों जरूरी है? अनुच्छेद 15…
ट्रंप का आर्थिक हथियार “50 पर्सेंट टैरिफ” बनाम मोदी का “प्लान 40”
केंद्र सरकार ने प्रभावित सेक्टरों की पहचान की है व उनके लिए क्रेडिट सपोर्ट, टैक्स रिबेट और एक्सपोर्ट सब्सिडी जैसी राहत योजनाएँ तैयार की जा रही हैं। अमेरिका नें भारत के लिए एक दरवाजा बंद किया है तो भारत नें 40 और दरवाजे खोलकर अपने लिए नए रास्ते बनानें क़ी तुरंत रणनीति बनानी शुरू कर…
राष्ट्र, समाज और संघ: शताब्दी की नयी दृष्टि
संघ की शताब्दी यात्रा का उद्देश्य केवल संगठन विस्तार नहीं, बल्कि समाज के सभी वर्गों में संतुलन, संस्कार और एकता लाना है। डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि भारत अखंड है और हिन्दू राष्ट्र की भावना जीवन और संस्कृति में निहित है। संघ का कार्य निःस्वार्थ सेवा, शिक्षा में संस्कार और सामाजिक उत्थान पर केंद्रित…
अस्पताल से जिन्दा कैसे लौटे
“बीमारी से बड़ी बन चुकी है इलाज की लूट” आज अस्पताल जीवनदान से ज़्यादा भय और लूट का केंद्र बन गए हैं। नॉर्मल केस को वेंटिलेटर तक पहुँचाना, अनावश्यक टेस्ट कराना और दवा कंपनियों से कमीशन लेना आम हो गया है। मरीज और परिजन मानसिक, आर्थिक और शारीरिक कष्ट झेलते हैं। डॉक्टरों की छवि भगवान…
जवान बच्चों की शादी में अभिभावकों की सहमति : परंपरा, अधिकार और सामाजिक संतुलन
दादा गौतम उर्फ़ हरियाणा के विधायक रामकुमार गौतम द्वारा विधानसभा में उठाया गया मुद्दा केवल विवाह की सहमति भर का नहीं, बल्कि समाज की दिशा और संस्कृति के संरक्षण का संकेत है। अभिभावकों की सहमति से विवाह संस्था मजबूत रहती है, जबकि युवाओं की स्वतंत्रता से समाज प्रगतिशील बनता है। चुनौती यह है कि दोनों…
सुधार : सरकारी स्कूलों के बच्चों को ही सरकारी नौकरी में लाइये…..!
पंकज सीबी मिश्रा / राजनीतिक विश्लेषक एवं पत्रकार जौनपुर यूपी यह सितंबर माह शिक्षक दिवस के लिए जाना जाता है। किन्तु वर्तमान शिक्षा व्यवस्था का जो हाल है वह बेहद दयनीय और चिंताजनक है। पहले तो उन सभी शिक्षकों के प्रति आभार प्रकट करता हूँ जो आज भी स्वयं सरकारी मास्टर है, अस्सी हजार के…
सोशल मीडिया के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय का आदेश
ये सवाल अक्सर मन में आता है कि 21 वीं सदी में सोशल मीडिया पर जो कंटेंट की बाढ़-सी आई हुई है, उस कंटेंट को विनियमित करने के सुप्रीम कोर्ट के कदम का अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर क्या असर होगा? अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के हनन रोकने के लिए दिशानिर्देश कौन बनाएगा? इस विषय में संविधान…
वोटर अधिकार यात्रा से गरमाई बिहार की राजनीति
राजनीतिक सफरनामा : कुशलेन्द्र श्रीवास्तव बिहार के चुनाव भले ही अभी घोषित नहीं किए गए हें पर बिहार में माहौल चुनावी रंग में ढल चुका है । चुनाव आयोग द्वारा वोटर लिस्ट संशोधन से जागी राजनीतिक पार्टियां अब इसके सहारे ही वैतरणी पार करने की मानसिकता बना चुकी हैं । वैसे तो चुनाव आयोग के…
