कविता और कहानी
मेरे सरताज ना आएंगे
होली में सब रंग आएंगे,प्यासे तीर उमड़ आएंगे।पर ए रंगों की बारात,मेरे सरताज ना आएंगे। सपनों में रंग डाला तुमको,प्यासी पलकों के काजल से,भिगो दिया भीगी अंखियों ने,अंसुओं के खारे बादल से । इंद्रधनुष कांधों पर रखकर,रंगों के कहार आएंगे ,पर ए सतरंगी बरसात ,मेरे सरताज ना आएंगे। सखियों के अधरों से रह-रह,मधुर मिलन के…
संघर्षशील पथिक हैं महिलाएं.
संघर्ष पथ पर संघर्षशील पथिक हैं महिलाएं…चुनौतियों को स्वीकारती त्वरित निर्णायक हैं महिलाएं।शांत सी नदी की मचलती और कभी कभार उफनती लहरें है महिलाएं…घर परिवार और द्वार की अटूट विश्वास की अनमोल धरोहर हैं महिलाएं….निस्वार्थ भाव और आत्मविश्वास से परिपूर्ण होती हैं महिलाएं… समस्त महिलाओं को महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं पूनम मेहता , ऋषिकेश
दूरियाँ_और_दायरे
जब-जब सिमटती है, एक स्त्री दायरे में। दूरियां बनाती है, वह अपनी कामयाबियों से। देह और प्रजनन के दायरों में सिमटकर , बढ़ती है दूरियां उसकी उपलब्धियों से । एक स्त्री भी जन्मी है ,अपना स्वतंत्र वजूद लेकर। फिर दायरो की सीमा में सदैव क्यों बंधी रही? विवेक व ज्ञान से जिसके वजूद का निर्माण…
“करें नारी का सम्मान सभी जन”
नारी मानवता की पहचान , भरती है सबके अन्दर जान । होती सभी गुणों की खान , करें सभी उसका सम्मान ।। घर की इज्जत होती नारी , करती स्वीकार जिम्मेदारी । दिल दया-करुणा का सागर , भरें उसमे सब अपनी गागर ।। परीश्रम की होती प्रतिमूर्ति , तन-मन मे विद्धुत सी फूर्ति । कुछ …
राह की तालाश
आज दिवाली का त्यौहार था। चारों ओर पटाखे और आतिशबाजी की ध्वनि गूंज रही है,तभी अचानक आग की एक चिन्गारी पास की एक झोपड़ी पर गिर गयी,और वह चिंगारी आग की लपटों मे बदल गयी, धीरे-धीरे वह पास के एक घर तक पहुंच गई,जहा परिवार के सभी सदस्य बिराजमान थे, किसी तरह पिता और बेटा…
आपके आने के बाद
हो गये मौसम सुहाने, आपके आने के बाद, हो गई हर ऋतु बसंती,आपके आने के बाद। नींद कोसों दूर जाकर बैठ जाती आंखों से, ख्वाब सूखे पत्तों की मानिंद झड़ते शाखों से। हो गए सपने सलौने,आपके आने के बाद, नींद मीठी हो गई है,आपके आने के बाद।। मिट गई मीलों पुरानी दूरियां इन दिलों की,…
कैसे कैसे लोग
..दोपहर की तेज चिलचिलाती धूप में रीना बारबार पसीना पोंछती हुई रिक्शेवाले का इंतजार कर रही थी । सामने से ही बहुत सी साथी शिक्षिकाएं अपनी अपनी गाड़ियों से निकल रहीं थी पर सभी के रास्ते अलग अलग थे । तभी सामने एक गाड़ी रुकी । “अरे रीना जी कैसे खड़ी है ?”…
