कविता और कहानी
पृथ्वी का मौन
आज बैठी हूँ मैं उदास लिखने जा रही हूँ कुछ खास इस महामारी के चलते लोग नहीं हैं आसपास किसी ने नहीं सोचा था कि कोर्इ समय ऐसा आयेगा, इन्सान इन्सान से मिलने के बाद पछितायेगा। कैसे हैं आज के समय के फसाने, लोग ही लोगों को लगे हैं डराने। क्या यह हमारी गलती है…
हिंदुस्तान में पुन: सुख-समृद्धि लाना है.
चुनौतियां आती हैं और चली जाती हैं,किंतु गहरी छाप छोड़ कर ही जाती हैं.वैसी ही चुनौती ‘कोरोना का वायरस’है,जिसनेआदमी की परेशानियां बढ़ाई है.हरेक चुनौती का एक ही लक्ष्य होता है,इंसान के धीरज की अग्नि-परीक्षा लेना.‘लॉकडाउन’ की सफलता को देख कर,कोरोना ने शुरू किया संक्रमण समेटना.इंसान के संयम व सत्प्रयास के सामने,किसी शत्रु का बिल्कुल नहीं…
माननीय प्रधान मंत्री का राष्ट्र से आह्वान है
Doctor Sudhir Singh माननीय प्रधान मंत्री का राष्ट्र से आह्वान है,उसका अनुपालन ही उनके प्रति सम्मान है.आइए!इस अभियान को सफल बनाए हम,‘कोरोना’ वायरस का इसमें छिपा विनाश है.5 अप्रील,रविवार को ठीक नौ बजे रात्रि में;‘सामाजिक दूरी’ का मन से पालन करना है.आवास के अंदर नौ मिनट तक अंधेरा रख,घर के बाहर मोमबत्तीऔर दीया जलाना है.एक…
कोरोना वायरस और मानव
चीन ने यह कैसा हथियार बनाया, सभी दूर मौत का मातम है छाया .. गोली ना बारूद, चीन के वूहान शहर ने, पसीने छूटा दिए देशों में लाशों के ढेर ने, खाँसी और जुकाम ने मौत के फरमान सुना दिए है, अख़बार, टीव्ही, रेडीओ पर मौत की खबर ही खबर है, अमेरिका के ट्रंप पहले…
सुबह
सुप्रभात अलविदा करता रात कोखिले कमल औरसूरज की किरणों की लालिमालगती चुनर पहनी होफिजाओं ने गुलाबीखिलते कमल लगतेतालाब के नीर नेलगाई हो जैसेपैरों में महावारभोर का ताराछुप गया उषा के आँचलपंछी कलरव ,माँ की मीठी पुकारसच अब तो सुबह हो गईश्रम के पांव चलने लगेअपने निर्धारित लक्ष्यऔर हर दिन की तरहसूरज देता गयाधरा पर ऊर्जासंजय वर्मा…
महादानी कर्ण सा दिल से दान करें.
घर से दूर मजबूर सब प्रवासी भाई,‘लॉकडाउन’ का पालन कर रहे हैं.सरकारऔर स्वयंसेवी संस्थाओं से,सहयोग के लिए गुहार लगा रहे हैं.बेवश हिंदुस्तानी की मदद के लिए,सुखीऔर समृद्ध लोग सामने आएं.प्रधानमंत्री के सृजित राहत-कोष में,महादानी कर्ण सा दिल से दान करें.वही महादानअभावग्रस्त लोगों को,आर्थिक संकट से राहत दिलाएगा,कोरोना से जूझते महान योद्धा का,जोश-जुनून-जज्बात जागृत रखेगा.लॉकडाउन ही…
शक्ति स्वरूप नारी
शक्ति स्वरूप नारी———————– न क्रुंदन करती ना ही चित्कार करती कभी न किसी को वो तिरस्कार करती।रूप बदलकर आती, सभी अवस्थाओ में वो तो सिर्फ हृदय से, हमें प्यार करती।शक्ति की प्रगाढ़ता, जीवन की मौलिकताआधार बनकर जीवन में वास करती।सच्चाई की मिशाल, विश्वास में विशालछल कपट भी, मुस्कुरा के टाला करती।वो काया कितनी महान, जिसमें…
कोरोना का कहर सताता
शीर्षक-कोरोना का कहर सताता देखो कोई आता न जाताकोराना का कहर सताता..यूँ शहरों में पसरा सन्नाटाभूल से भी भूला न जाता.. न मिलो किसी से न हाथ मिलाओदूर-दूर रहकर हर राब्ता निभाओये बुरा वक़्त ही तो पहचान कराताअपने और परायों में भेद बताताकोरोना का कहर सताता.. हैण्डशेक के रीति-रिवाज विफल हैकरबद्ध नमन की संस्कृति सफ़ल…
जो जहां हैं वहीं पर रुक जाएं
Doctor Sudhir Singh जो जहां हैं वहीं पर रुक जाएं,‘होम शेल्टर’ का सहारा ले लें.घर-गांव आने की हड़बड़ी में,‘कोरोना’का खतरा बढ़ने न दें.सबों की अपनी जिम्मेवारी है,उससे हमलोग मुँह नहीं मोड़ें.देश आपात स्थिति में खड़ा है,हर प्रकार से सब सहयोग करें.वक्त कभी भी ढहरता नहीं है,आकर तेजी से गुजर जाता है.‘कोरोना’ भी जाएगा जरूर ही,जागरुक…
