Latest Updates

ग्लानि

सानिया अपनी बेटी की पढ़ाई को लेकर बहुत ही सजग रहती। छोटी सी जान उसके पीछे पड़ी ही रहती सानिया। 12 वर्षीय अनिका सारे दिन किताबों में घिरी रहती। ट्यूशन में अगर टीचर छुट्टी कर लेती तो बबाल मचा देती सानिया। काम वाली बाई का भी एक-एक दिन का हिसाब गिन कर रखती क्योंकि सुघण…

Read More

बदलते ज़माने की रंग बदलती होली

आज हम जो होली मनाते हैं, वह पहले की होली से काफ़ी अलग है। पहले, यह त्यौहार लोगों के बीच अपार ख़ुशी और एकता लेकर आता था। उस समय प्यार की सच्ची भावना होती थी और दुश्मनी कहीं नहीं दिखती थी। परिवार और दोस्त मिलकर रंगों और हंसी-मजाक के साथ जश्न मनाते थे।  जैसे-जैसे समय…

Read More

ग़ज़ल

कभी बैठकर कभी लेटकर चल कर रोये बाबू जी, घर की छत पर बैठ अकेले जमकर रोये बाबू जी। अपनों का व्यवहार बुढ़ापे में गैरों सा लगता है, इसी बात को मन ही मन में कह कर रोये बाबू जी। बहुत दिनों के बाद शहर से जब बेटा घर को आया, उसे देख कर खुश…

Read More

शाह ने ‘रन फॉर यूनिटी’ को दिखाई हरी झंडी

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार 31 अक्टूबर को लोह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 144वीं जयंती के अवसर  पर आयोजित मेजर ध्यान चंद स्टेडियम से ‘रन फॉर यूनिटी’ को हरी झंडी दिखाई। राष्ट्रीय एकता दिवस पर पांच बार की विश्व मुक्केबाजी चैम्पियन एम.सी. मैरीकॉम ने अमित शाह को झंडा थमाया, जिसके बाद…

Read More

सही परवरिश

बृजेश जी और उनकी पत्नी अनिता जी दोनों मिलजुल कर अपनी गृहस्थी चला रहे हैं। बृजेश जी एक सरकारी कॉलेज में लेक्चरार हैं। स्कूल में भी बच्चों को अच्छी तरीके से पढ़ाते हैं बृजेश जी और अपने बच्चों पर भी उनकी परवरिश पर दोनों पति-पत्नी ने पूरा ध्यान दिया है। आज इन्हीं दंपति की मेहनत…

Read More

रामचरित मानस का जलाया जाना : आशा सहाय

एक ऐसी घटना  जिसकी भारतीय जनमानस ने कभी कल्पना तक नहीं की होगी,उसे घटित कर वर्तमान राजनीति के तथाकथित नेताओं ने देश की विभाजनकारी शक्तियों  को बल प्रदान करने के लिए भारतभूमि की मूल सांस्कृतिक मानवतावादी विचारधारा पर आघातपहुँचाने की कुचेष्टा के द्वारा सनातन संस्कृति के प्रति सनातन विश्वास को ही चोट पहुचायी है।  यह…

Read More

बेटी दोहरा रही है

माँ अपनी आँखों से काजल उतार कर मेरे माथे पर टिका लगाती| मेरे होंठों पर लगे दूध को अपने आँचल से पोछती होठों से प्यार की चुम्बन देती माथे पर शुभ आशीष की तरह | फिर भी माँ के मन मे नजर ना लग जाए कहीं भय समय रहता | भले ही माँ भूखी हो…

Read More

मार्च के बाद भारत में खत्म हो जाएगी कोरोना की महामारी

मार्च के बाद भारत में कोरोना महामारी खत्म हो सकती है। संक्रमण से जुडे़ आंकड़े इसके साफ संकेत दे रहे हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों का मानना है कि तीसरी लहर मार्च में पूरी तरह समाप्त हो जाएगी और चौथी लहर के आने की आशंका बहुत कम है। वैसे कोरोना के नए वैरिएंट के…

Read More

अंतर्राष्ट्रीय कथाकार एवं समाजसुधारक परम पूज्य आचार्य मनोज अवस्थी जी के कर कमलों से हुआ ‘बापू तेरे देश में’ (काव्य संग्रह) का भव्य लोकार्पण

लेखक : डॉक्टर सुधीर सिंह (पूर्व प्राचार्य , भागलपुर यूनिवर्सिटी) 20 सितम्बर , 2019, श्री सनातन धर्म मंदिर लाजवंती गार्डन, गली नंबर 2, में श्री रामचरित मानस प्रचार मंडल, द्वारा आयोजित श्रीराम कथा में कथा व्यास आचार्य मनोज अवस्थी जी द्वारा, डॉक्टर सुधीर सिंह जी द्वारा रचित एवं अनुराधा प्रकाशन दिल्ली द्वारा प्रकाशित पुस्तक ‘बापू…

Read More

बधाईयां बधाईयां और केवल बधाईयां

डा.सर्वेश कुमार मिश्र सुबह से शाम हो गई किंतु कोई हलचल ना हुई कोई मनचल ना हुई कोई हिला भी नहीं कोई डुला भी नहीं कोई देखा भी नहीं कोई ताका भी नहीं। सच है खुद की लड़ाई खुद से लड़नी चाहिए बधाइयों के शहर में ना दुखड़े गाना चाहिए। खुद के मन की व्यथा…

Read More