गुरु महिमा
हे गुरुदेव! प्रथम वंदन आपको साक्षात दण्डवत प्रणाम , बिना गुरु के ज्ञान अधूरा , फिर -फिर गोता खाय, गुरु मंत्र को आत्मसात कर , भव सागर पार कर जाय। गुरुदेव मानव को नवजीवन देते , गुरुदेव मानव का तिमिर मिटाते, गुरुदेव मानव को प्रकाशवान बनाते , गुरुदेव हृदय में ज्ञान दीप जलाते, गुरुदेव ही…
