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राष्ट्रभाषा के बिना राष्ट्र गूंगा है : महात्मा गांधी

महात्मा गांधी ने अदालती कामकाज में भी हिन्दी के इस्तेमाल की पुरजोर पैरवी की थी। वे कहते थे, देश की उन्नति के लिए राष्ट्रीय व्यवहार में हिन्दी को काम में लाना अत्यंत आवश्यक है। क्योंकि अपनों तक अपनी बात हम अपनी भाषा द्वारा ही पहुंचा सकते हैं। अपनों से अपनी भाषा में बात करने में…

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अद्यतन इतिहास से गवाही मांगता सनातन धर्म..!

एक सम्प्रदाय चौदह सौ वर्ष में अठावन देशों में दूसरा दो हजार वर्षो में पिचासी देशों में फेल हो गया लेकिन सत्य,अहिंसा,वसुधैव कुटुम्ब कम,सर्वधर्म समभाव,नारी तू नारायणी और सबका साथ सबका विकास की बात करने वाला सनातन जो असल धर्म है फैलने की बात तो दूर दुनिया नहीं तो कम से कम भारत के ही…

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द कश्मीर फाइल्स पर एनडीए दो-फाड़: नीतीश के मंत्री ने जीतन राम मांझी के आतंकी कनेक्‍शन वाले बयान पर किया पलटवार

बॉलीवुड फिल्म ‘द कश्मीरी फाइल्स’ की तारीफ के बीच इसे लेकर रालनीतिक विवाद भी जारी है। इस फिल्‍म को लेकर बिहार में राष्‍ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) दो-फाड़ दिख रहा है। एनडीए के घटक दल हिंदुस्‍तानी अवाम मोर्चा (HAM) के अध्‍यक्ष जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) ने फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ को आतंकवादियों की गहरी…

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तुम फागुन ही फागुन हो

गूंथ लिया सारा बसंत अपने जूड़े में , मौसम कहता है तुम फागुन ही फागुन हो। होटों से लिपट लिपट मखमली हंसी तेरी, दूधिया कपोलों का चुंबन ले जाती है। झील के किनारों को काजल से बांधकर, पनीली सी पलकों में सांझ उतर आती है। महावरी पैरों से मेहंदी रचे हाथों तक, छू छू कर…

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कभी भी करो-ना तेरा-मेरा

हर तरफ हर जगह बेशुमार आदमी फिर भी तन्हाइयों का शिकार आदमी पिछले काफ़ी समय से ये जुमला जनमानस की मानसिक अवस्था की सटीक अभिव्यक्ति बना हुआ है।जिसका एकमात्र कारण है – “मैं और मेरी खुशी”! लगभग हर व्यक्ति मैं-मेरी के कोरोना से ग्रस्त है, जिसके चलते,परस्पर भेदभाव की प्रतिस्पर्धा बाज़ारों से अब हर दिल…

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जो तेरी रज़ा मेरी भी वही

श्रीमती कविता मल्होत्रा (संरक्षक – उत्कर्ष मेल) Your mercy is my social status -Guru Nanak परिचय इतना इतिहास यही जो तेरी रज़ा है मेरी भी वही ✍️ निर्बाध गति से तो केवल प्रकृति का दरिया बहता है, मानव जाति तो मात्र उस गति की ताल से अपनी ताल मिलाने का प्रयास किया करती है।जीवन का…

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ठंड के रंग बेढंग

लो फिर शीत ऋतु आ गई  लो फिर शीत ऋतु आ गई।  छाया सा है कोहरा कोहरा  अंधियारा सा पसरा पसरा  धुंधली सी धुंध छा गई।  लो फिर शीत ऋतु आ गई । शाखों पर पंछी सहमें सहमे  कोतूहल से बहमें बहमें  क्यों दिन में रात आ गई।  लो फिर सी ऋतु आ गई है।…

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डिस्को किंग ( बप्पी लहरी)

डिस्को को आपने ही ऊंची उड़ान दी सिनेमा जगत को आपने एक नई पहचान दी डिस्को के आप ही  किंग कहलाए  सभी सुपर स्टारों ने आपके गीतों पर अपने पैर थिरकाए मिथुन दा ने तो आपके गीतों पर कमाल ही कर दिया ऐसा नाचे डिस्को गीतों पर, धमाल ही कर दिया अपने गीतों से सभी…

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डॉ.राहुल को विजया स्मृति गौरव सम्मान

शताब्दी-पुरुष प्रो. रामदरश मिश्र ने भारतीय साहित्य एवं कला-सांस्कृतिक प्रतिष्ठान ‘शब्दसृष्टि’, मुम्बई द्वारा आयोजित  कार्यक्रम  में डॉ. राहुल  को “विजया स्मृति  गौरव सम्मान”(शाल और प्रतीक चिन्ह सहित) प्रदान  किया। इस अवसर  पर साथ में  हैं- डॉ. ओम निश्चल,शब्दसृष्टि के निदेशक और मनोहर मीडिया संचालक प्रो.मनोहर प्राचार्य डॉ.मुकुन्द आंधलकर और मीडिया सचिव सुश्री आशा रानी।यह सम्मान समारोह…

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खादी

बिजली शिक्षा , नाली सडक और स्वास्थ्य  छोड़ो मित्रो ये सब चिन्ता , कुछ  खादी की बात करे रेशमी पैबन्द से हार जाए, तो भी कोई बात नहीं खादी को हिंदुस्तान कह देना भी ,कम बड़ी बात नहीं खादी बनने की प्रक्रिया ने बतलाया आज मुझे तन ढकने से लेकर खादी राष्ट्रध्वज तक  मान तुझे…

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