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मानव अधिकारों के जागरुकता का दिन

(मानव अधिकार दिवस पर विशेष-10 दिसंबर )लाल बिहारी लालनई दिल्ली। आज मानव के अधिकारों के संरक्षण का संवैधानिक दर्जा पूरी दुनिया प्राप्त है। मानव अधिकारों से अभिप्राय ”मौलिक अधिकारों एवं स्वतंत्रता से है जिसके सभी मानव प्राणी समान रुप से हकदार है। जिसमें स्वतंत्रता, समाजिक ,आर्थिक औऱ राजनैतिक रूप में देना है। जैसे कि जीवन…

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विश्व एड्स दिवस ( 1 दिसंम्बर) पर विशेष एड्स का जागरुकता ही बचाव है-लाल बिहारी लाल

++++++++++++++++++++++++++++++++++ लगातार थकान,रात को पसीना आना,लगातार डायरिया,जीभ/मूँह पर सफेद धब्बे,,सुखी खांसी,लगातार बुखार रहना आदी पर एड्स की संभावना हो सकती  हैं।++++++++++++++++++लाल बिहारी लाल नई दिल्ली।लगभग 200-300 साल पहले इस दुनिया में मानवों में एड्स का नामोनिशान तक नही था। यह सिर्फ अफ्रीकी महादेश में पाए जाने वाले एक विशेष प्रजाति  के बंदर में पाया जाता था । इसे कुदरत…

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विश्व कीर्तिमान हेतु भारतरत्न काव्य अनुष्ठान में किया 301 कवियों ने कविता पाठ

गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज होगा गाजियाबाद,अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर साहित्य एवं संस्कृति के लिए समर्पित संस्थान के द्वारा 21 नवम्बर को ऑनलाइन कविता का महाकुम्भ आयोजित किया जिसमें भारत सहित विश्व के बीस देशों के रचनाकारों ने डुबकी लगाई।इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के संयोजक एवं संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष डॉ राजीव कुमार पाण्डेय ने…

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नदी ,ऋतुओं और स्थानीय मान्यताओँ के दृष्टिकोण से काशी का संगीत

गंगा के तट पर बसे होने के कारण काशी आदिकाल से ही हरी भरी और सम्पन्न रही है , धन धान्य से परिपूर्ण काशी मे , संतुष्टि का भाव प्रचुर रहा है , संतुष्टि के यही भाव काशी के संगीत मे चैनदारी के रूप झलकते हैं , काशी का संगीत अपने आप मे एक सरलता…

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गोल्डन बुक ऑफ रिकार्ड द्वारा अनुमोदित कार्यक्रम में शिखा पोरवाल वैनकुंवर कनाड़ा से भाग लेंगी

आयोजक डॉ राजीव पाण्डेय कवि जी ने बताया कि“भारत रत्न काव्य महोत्सव”हिंदी साहित्य का अकल्पनीय ऑनलाइन आयोजन किया हैं।देश विदेश के 300 रचनाकारों की वाणी से गुंजायमान होगी भारत रत्न प्राप्त महापुरुषों की गाथा।21 नवम्बर 2021 प्रातः 10 बजे से रात 10 बजे तक।अंतर्राष्ट्रीय शब्द सृजन के फेसबुक पेज पर लाइव रहेगा। सभी विद्वजनों का…

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पिता

मैं सातवीं कक्षा में था, आम लड़कों की तरह खेलता, पढ़ता और मस्त रहता था, बहुत मित्र थे मेरे, इस गली से उस गली तक , फिर पूरे शहर तक मैं जहाँ भी जाता, लोग मुझे जानते थे और मैं उन्हें, मन में एक अजीब सी मस्ती छाई  रहती थी. एक दिन मैं स्कूल से…

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कौन जिम्मेदार?

ये धुआं दिवाली के बाद का  मुझे तड़पा रहा प्रदूषण चरम पर  सांसे अटके बार-बार इन पटाखों के शोर ने धुआं- धुआं कर दिया  ना दिखे  चांद ना दिखे सितारे प्रकृति की सुंदरता गायब  बनावटी पटाखों से किसी के हाथ में लगे  किसी की आंखों में लगी  ये पटाखों की लौ  पशु- पक्षी छिप रहे…

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धनाढ्य परिवारों को मिलने वाला आरक्षण गंभीर विषय है!

सामान्य वर्ग के लोग गांवों से रोजगार और बेहतर जीवन की खोज में महानगरों में धक्के खाते है , मजदूरी करते है और आरक्षण के विषबेल में लिपटा संविधान उनकी सुधी नहीं लेता क्योंकि वो सामान्य श्रेणी से है और महानगरों में कमा रहे । वहीं तुलनात्मक रूप से अधिक धनाढ्य पिछड़े और दलित  सुविधायुक्त…

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(लघुकथा) नया साथी

आज चीकू बहुत ही उदास बैठा है ।घर का माहौल भी गमगीन है ।आज उसके प्यारे दादा जी भगवान के घर चले गये । रोज उनके साथ ही रहता था। दादाजी भी उसका बहुत ही ख्याल रखते थे । अंदर गया तो देखा कि दादी जी रो रही थी और बहुत ही उदास थी। जब…

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हे प्रभु ! इन्हें क्षमा करना

कुश्लेन्द्र श्रीवास्तव (स्थाई स्तंभकार) अब इससे अधिक तो कुछ कहा ही नहीं जा सकता कि ‘‘हे प्रभु ! इन्हें क्षमा करना..ये नहीं जानते कि वो क्या कह रहे हैं । जैसे आम ‘‘बौरा’’ जाता है वैसे ही ‘‘खास’’ भी बौरा ही जाते हैं । कंगना भी खास होते ही बौरा गई लगने लगीं हैं ।…

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