हीमा
तुम द्युति गति अनन्त सीमा हो श्वासों का ऊर्जित प्रवाह ऊषा प्रस्फुट हीमा हो! °°°°°°°° तुम गति लय भारत की तुम उत्तंग शिखर पताका तुम गौरवपथधावक विजयी तुम अग्निशिखा शलाका! ••••••••• तुम धीरजधात्री धरणी तुम लक्ष्यभेदक करणी तुम एकलव्य पार्थ हो भारत अस्मिता भवतरणी! °°°°°°°° तुम जठराग्नि अभाव तुम अकिंचन दबाव हो तुम प्रभंजन नियतिकाल…
विकसित राष्ट्रों की सूची में हिंदुस्तान रहे ऊपर
हिमगिरी हुंकार रहा है; हिंदुस्तान जिंदावाद.सीमा पर जो करे शरारत, उसे करना है बर्बाद.भारतवर्ष चाहता है; सुखी सारा संसार रहे.सारी दुनिया ले संकल्प,आतंकी कोई नहीं बचे. यहां की सैन्यशक्ति से सभी पड़ोसी परिचित है,जानता है हिंद के आगे उसकी कोई न हस्ती है.ऐसे में यहां से पंगा लेना बर्बादी को बुलाना है,अंतत:भारत के सामने आत्मसमर्पण…
और बचपन खो गया
नीम पर बैठे पंछियों की चहचहाहट तालाब मे झिलमिलाते दीपों की जगमगाहट बचपन,सुनहले सपनों का एक रेला सुहानी यादों का बढ़ता एक कारवाँ नीले अंबर में उन्मुक्त पंछियों को उड़ते हुए देखना मानो आगे बढ़ने का संदेश दे रहे हैं आसमान की बुलंदियों को छूने का सन्देश घूमती हुई उल्काओं को जानने का संदेश सूर्य…
शिव समान मोहि प्रिय नही दूजा !
श्रावण माह कैलाशपति भगवान नीलकंठ के कृपा का माह माना जाता है । सड़को पर रंग बिरंगे कावड़ो से सजे कावड़ियों की यात्रा अनायास ही भक्ति भाव से ओत प्रोत कर देती है । आजकल सड़को पर नमाज और हनुमान चालीसा का मुद्दा जोर पकड़ रहा । भक्ति और श्रद्धा केवल सहज शुद्ध हृदय से…
जय भोले शंकर
भोले शंकर अबके सावन में अपने पास बुलाना। दिल में जगह न दो तो अपने पैरो में जगह बनाना।। शीश तुम्हारे चरणो में रख मेरा जीवन कट जाए। सर पर हाथ रहे तुम्हारा तो हर संकट कट जाए।। जब जब शंकर नाम तुम्हारा मेरे मुख पर आए। मन से लेकर अंतर्मन तक सब पवित्र हो…
मासूमियत से मशरूफियत
इस दुनिया में मासूमियत से जब हम- मशरूफियत की और बढ़ते हैं लगता है हर रिश्ते के मायने बदल जाते हैं पहले ज़रा सी चोट लगने पर भी रोते थे अब दिल पे ज़ख्म खा कर भी मुस्कुराते हैं यारो संग उठना बैठना और खाना पीना , जश्न में हंसना नाचना और गाना बजाना अब…
खुशी हो या गम नशा का सेवन क्यों
पर्व-त्योहारों या गम को दूर करने के लिए अथवा विभिन्न सामाजिक पार्टीयों में विशेषकर फब पार्टीयों में नशीली पदार्थो जैसे शराब सिगरेट आदि का प्रचलन बढ़ रहा है और इसे बुराई के तौर पर देखने की प्रवृत्ति प्रायः कमजोर हुई है।नतीजा, युवा वर्ग इस ओर ज्यादा आकर्षित हुए हैं जो एक सभ्य समाज के निर्माण…
अनुराधा प्रकाशन की एक साथ 15 पुस्तकों का भव्य लोकार्पण संपन्न
21 जुलाई 2019, प्रातः 11 बजे से शाम 3 बजे तक अनुराधा प्रकाशन द्वारा प्रकाशित 13, 14 नहीं 15 पुस्तकों का भव्य लोकार्पण देश के जाने माने साहित्यकारों, चिंतको एवं समाजसेवियों की उपस्तिथि में किया गया, इंद्र देव ने वर्षा बात में शुरू की जब कार्यक्रम समापन होने को था , लेकिन उससे पहले प्रभु…
A Day to remember ..
Roopam Life – No one could ever decode the mystery of life .. Every day brings along with it a different colour , a different phase, a new desire and a beautiful hope . Same happened with me , it was as serene as the snow on the surface of the mountains , it was…
