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व्यंग्य :: कोरोना काल की शादी

कोरोना काल में मैं दावतों को तरस गया था।वैसे एक साल में लगभग बीस दावतों का आनंद ले लेता था । जिस दिन दावत होती थी, उस दिन मेरे चेहरे पर रौनक आ जाती थी । दिन भर व्यंजनों के सपनों में खोया रहता था। उस दिन मैं कुछ भी नही खाता था। शाम को…

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राज्यपाल को राह दिखाई कोर्ट ने

राजनीतिक सफरनामा          राज्यपाल को राह दिखाई कोर्ट ने                                                                                                     कुशलेन्द्र श्रीवास्तव माननीय सर्वोच्च न्यायालय का एक फैसला इन दिनों चर्चाओं में हैं । ‘‘राज्यपाल किसी पार्टी के प्रतिनिधि के प्रतिनिधि नहीं बन सकते’’ इस सख्त टिप्पणी के बहुत गहरे मायने हैं । तमिलनाडु सरकार द्वारा वहां के गवर्नर द्वारा विधानसभा में पारित प्रस्तावों को…

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दैर-ओ-हरम में रहने वाले तू जाने क्या पीर मेरी

दैर-ओ-हरम में रहने वाले तू जाने क्या पीर मेरी जरा निकल तो दिखलाऊंगा कैसी है तदबीर मेरी दैर-ओ-हरम में………. तुझको ढूंढा सहरा-सहरा, तुझको खोजा गली-गली कहीं मिला ना तू ऐ मालिक पत्थर की सी बूत ही मिली कैसे हाल सुनाता तुझको ऐ पत्थर दिल ओ रे पीर तुझसे तो अच्छा है बालक सुनता है तहरीर…

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एक सौ पचासवीं जयन्ती पर

एक सौ पचासवीं जयन्ती मना रहा देश राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की, पक्ष/विपक्ष मित्र/शत्रु सभी दिखते हैं गांधी के विचारों पर एकमत, आज भी प्रासंगिक हैं उनके विचार/ शिक्षाएँ, तभी तो हुनर को मिलने लगा सम्मान स्वच्छता मन/तन की घर/बाहर/आसपास की ईमानदारी की शर्त अपने लिए सबसे पहले यही तो कहते रहे सदा, सुना/पढ़ा सब लोगों…

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खुशी का गीत

गजेन्द्र अधाना जी = वन गए नाना जी। किस्मत ने खोल दिया देखो खजाना जी।       खुशियों की मिली मिठास रे ओए बल्ले बल्ले।        देखो पूरी हो गई आस रे ओए बल्ले बल्ले आप सब को मुबारक हो = स्वस्थ सुंदर बालक हो। बालक वो प्रति पालक हो = देश का अच्छा नायक हो…

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शिवसेना की फजीहत !

राजनीति के द्वंद्व मे फँसी शिवसेना महाराष्ट्रा मे आजकल बिना पेंदी के लोटा हो गयी है । धृतराष्ट्र बने ऊधव ठाकरे , बेटे आदित्य को सी ऍम बनाने के लिए हर विचारधारा को मानने को तैयार बैठे है ।  यकीन नही होता की जिस बाला साहेब ठाकरे ने मातोश्री से राजनीति की शुरुआत की और…

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एक गीत चलो गाए

एक गीत चलो गाए जिस संग ज़िंदगी गाए मुसर्रत हो जिसमें इतनी कि मन झुम जाए सिमट दे जो हर ग़मों को इक नगण्य बिंदु में दर्द हो चाहे जितना भी हर कोई भूल जाए एक गीत चलो गाए जिस संग ज़िंदगी गाए। मुरझाईं रुखसारों की हर कलियाँ खिल उठे मौन होंठों पे फिर से…

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पूर्वोत्तर हिंदी साहित्य अकादमी का ‘सारस्वत सम्मान एंव पुस्तक लोकार्पण समारोह’ संपन्न

पूर्वोंतर हिंदी साहित्य अकादमी ,तेजपुर,असम (भारत) द्वारा 8 मई 2022 को शंकरदेव कलाक्षेत्र, गुवाहाटी के प्रांगण में स्थित नीलमणि फूकन हॉल में ” सारस्वत सम्मान एंव पुस्तक लोकार्पण समारोह” का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पूर्वोत्तर भारत के विभिन्न राज्यों से आए हुए रचनाकारों ने हिस्सा लिया ।संयोजक मालविका रायमेधि दास ‘मेधा’ जी के…

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माँ

माँ तू ममता की मूर्ति है,तुझे दोष न दिखे संतानों में नव मास उदर में तूने पालादुःख सहकर भी मुझे संभालासौ बार न्योछावर तू हो जातीमेरी मीठी मीठी मुस्कानों मे,माँ तू ममता की मूर्ति है,तुझे दोष न दिखे संतानों में ।।1।। मैं हंसता हूं तू हँसती हैमैं रोता हूँ तू रोती है।मेरा संसार सजाती तुमअपने…

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हमारे पेड़ प्राणवायु दाता

दुनिया के जंगल हर साल वैश्विक उत्सर्जन का एक तिहाई हिस्सा अवशोषित करते हैं। पेड़ हवा को साफ करने और हानिकारक वायुजनित कणों और गैसीय प्रदूषकों को अवशोषित करने में सक्षम हैं। नाइट्रोजन ऑक्साइड, अमोनिया और सल्फर डाइऑक्साइड जैसे विषाक्त पदार्थ उनकी पत्तियों, छाल और जड़ों के माध्यम से निकलते हैं। इससे पेड़ों के आसपास…

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