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एडवोकेट प्रदीप शर्मा ने उत्कर्ष मेल को अपनाया

अति हर्ष का विषय है कि श्री प्रदीप शर्मा एडवोकेट सुपुत्र् श्री रामसिंह शर्मा (करनीकोट–अलवर, राजस्थान निवासी) ने ‘उत्कर्ष मेल ’ पाक्षिक समाचार पत्र् को अपनाया और संरक्षण हेतु पहल की । उत्कर्ष मेल एवं अनुराधा प्रकाशन परिवार आभार व्यक्त करता है । श्री प्रदीप शर्मा जी में छात्र् जीवन से ही नेतृत्व गुण आपमें…

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दिल्ली में हिंसा के कारण परीक्षा नहीं दे पाने वाले विद्यार्थी चिंता न करें : सीबीएसई

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने उत्तर पूर्वी दिल्ली में रहने वाले 10वीं और 12वीं के उन सभी छात्रों को आश्वस्त करते हुए उन्हें चिंता नहीं करने के लिए कहा। सीबीएसई की और से कहा गया कि वह परीक्षा की नई तिथियों की घोषणा जल्द की जाएगी।  दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग ने परीक्षा कार्यक्रम…

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मुख्य धारा में जुड़ना चाहती है कश्मीर की जनता

भारत का वर्तमान  नेतृत्व  सशक्त और सतर्क है,राष्ट्रहित में  निर्णय  लेने  में  सजग और निडर है.धारा 370 काअब कश्मीर में रहा न नामोनिशान,कश्मीर से कन्याकुमारी तक रहेगा एक संविधान.जम्मू-कश्मीर व लद्दाख  में  सिर्फ तिरंगा फहरेगा, राष्ट्रध्वज के सामने वहां जयहिंद का नारा गूंजेगा.भारतमाता के आँगन का  जन्नत है जम्मू-कश्मीर,धारा 370 की विदाई से चमकेगी उसकी तकदीर. इस…

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अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस

नारी है भारत की शान  बढ़ाती है जग में सम्मान  सनातन ग्रंथ पढेगी  नया इतिहास गढ़ेगी । जानकी है शक्ति का नाम जिनसे बने राम है राम सावित्री के पति सत्यवान छीन के लाई यम से प्राण।  ब्रह्मा और विष्णु महेश परीक्षा लेने गए विशेष अनसूया सी पावन नार बनाकर बालक झूले डार। राधा मीरा…

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भारत ने विदेशी जमीन पर फंसे अपनों को बचाने के लिए चलाए हैं कई बड़े अभियान, जानें कब और क्या रही रणनीति

आपदा के वक्त में विदेशी जमीन पर फंसे अपने को बचाने का भारत का एक लंबा इतिहास रहा है। किसी भी परिस्थिति में भारतीय दूतावासों ने अपने नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला है। यूक्रेन में फंसे भारतीयों की सुरक्षित निकासी के बीच सोशल मीडिया पर एक ट्वीट वायरल हो रहा है। यह ट्वीट वर्ष 2017…

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काश हर चीज़ गुलाबी हो जाती

काश हर चीज़ गुलाबी हो जाती फिर अन्य रंगों का क्या होता इंद्रधनुष में सात रंगी न होता आसमां नीला न होता और फूल,फल सब बहुरंगी न होते पत्तों का रंग हरा न होता न ही धरती अंतरिक्ष से काली दिखती न ही अंधेरे का कोई सम्राज्य होता। काश हर चीज़ गुलाबी हो जाती गोरी…

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चिन्तन शिविर से  उपजे सवाल

राजनीतिक सफरनामा                                                                                                    कुशलेन्द्र श्रीवास्तव मई की तपती दुपहरी और राजस्थान की मरू भूमि पर कांग्रेस का चिन्तन शिविर आयोजित किया । कांग्रेस को वैसे भी चिन्ता और चिन्तन दोनों की आवश्यकता तो है । उनके अपने ही सदस्यों ने चिन्ता व्यक्त की और हाईकमान ने चिन्तन शिविर लगा दिया ‘‘आओ हम मिलकर चिन्तन करें’’…

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नयन पिरो रहे अश्रु माल हैं !

कदम कदम पर साथ मिला औ , काँधे पर चढ़ना , इठलाना ! दूर दूर तक रखी निगाहें , पलकों में सब सिमटा आना ! दूर आपसे रहकर जाना , जीना भी सचमुच बवाल है !!  खेल कूद या खाना पीना , कैसे मस्ती में है जीना ! हार जीत कैसे पच जाये , कैसे…

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उजालो की चमक में ,चमचमाना जानते हैं सब

उजालो की चमक में ,चमचमाना जानते हैं सब , अंधेरो में चमकता है, उसी को जुगनू कहते हैं ! सुगम हो मार्ग, तो फिर हौसलो की बात क्या करना , विषमताओ में जीदारी, पथिक की तोला करते हैं ! गगन भर चांदनी हो तो, भला तारो की क्या कीमत , अमावस रात में, तारों को…

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नववर्ष की बधाई

v नये नये उमंग हैं नये नये तरंग नववर्ष की नवकिरण में हर तरफ लाये उमंग ही उमंग। अम्बर से आई किरण लेकर प्रकाश की लालिमा पीछे छुट गया काली रात और उसकी काली कलिमा। बीत गये एक वर्ष खट्टे मीठे अनुभव लाएगी आशा का संदेश ऐसा सोचे हर मानव। बनी रहे आचार विचार ऐसा…

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