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कविता – आ देख

तेरी याद में मैं दिन-रात भुलाए बैठा हूं आ देख मैं फिर मुस्कुराए बैठा हूं। वह जो तेरी कमी थी मेरे सीने में, उसकी मजार बनाए बैठा हूं, आ देख मैं फिर मुस्कुराए बैठा हूं। जमाने की परवाह ना मुझे कल थी ना आज है मुझे तो लग रहा था तू हर हाल में मेरे…

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रिश्तो में सामंजस्य

निहारिका की शादी खूब धूमधाम से हुई। वह बहुत खुश है। ससुराल में उसे खूब अच्छा लाड प्यार मिल रहा है। पग फेरे (गौने) की रस्म के लिए आज वह मायके आई हुई है। सुबह से ही चहक रही है। सभी को अपने ससुराल के किस्से बताने में लगी हुई है। शाम को उसके ससुराल…

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26वाँ महावीर पुरस्कार मिलेगा 4 स्वयंसेवी संस्थाओं को –

भारत के पूर्व मुख्यन्यायधीश श्री एमएन वेंकटचलैया की अध्यक्षता वाली चयन समिति का निर्णय चेन्नई (तमिलनाडु) : 11 जनवरी,  2023 भगवान महावीर फाउंडेशन (बीएमएफ), कमजोर और वंचितजन  को निस्वार्थ सेवा प्रदान करने वाले व्यक्तियों और संस्थानों को सम्मान देने और समाज की ओर से आभार व्यक्त करने के लिए समर्पित है। फाउंडेशन चार क्षेत्र जैसे-…

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‘प्रवासी मजदूर और बरसात का कहर’-

आज सारे संसार के सामने कोरोना महामारी का प्रकोप पांव पसार खडा़ है, मानव को झंकजोर कर रख दिया है.एक दूसरे की संवेदना शून्य सी जान पडती है. विश्व की सभ्यता, संस्कृति और सामाजिक ढांचे में अचानक बदलाव आया है, इन सब का शिकार मजदूर वर्ग हुआ है. भारत में प्रवासी मजदूरों के साथ एक…

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भारतीय संयुक्त परिवारों की पृष्ठभूमि है  : विजय गर्ग

भारतीय संयुक्त परिवारों की पृष्ठभूमि उस मानवीय संवेदना से जुड़ती है, जिसमें सारे संसार को अपना परिवार माना जाता है। हजारों वर्षों से भारतीय परिवारों की पहचान धन, पद, संपत्ति से नहीं रही है, बल्कि उनमें निहित मूल्यों, विश्वासों, नियमों और संकल्पनाओं से रही है। यहां तक कि राजतंत्र में भी परिवारों का महत्त्व उसी…

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रेशमा

              रेशमा एक बहुत ही सीधी-सादी लड़की थी । जहां उसके साथ की लड़कियां फ़ैशन ,टीवी और मोबाइल में लगी रहती थी वहीं वह उम्र से पहले ही बड़ी हो चुकी थी। रेशमा का पिता शराबी था वह दर्जी का काम किया करता था परन्तु सारी की सारी कमाई अय्याशी और शराब पर लुटा दिया…

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राखी का पर्व

राखी  का त्योहार है प्यारा भाई बहन का रिश्ता न्यारा I राखी के धागे में बंधता भाई बहन का प्यार सारा। खुशी चहक चहक के कहती है बयार सुगंधित बहती है। मिष्ठान्न थाली में रख लाती भाई को प्रेम से खिलाती माथे ऊपर तिलक लगाती नारियल भी साथ में लाती। भाई देता है आशीष और…

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सुख और आनन्द

दिनांक—10-7-2024 , टाइम्स आफ इंडिया,-द स्पीकिंग ट्री में एक आर्टिकल पढ़ा -It is easy to invite joy in your life.यह विशुद्ध अनुभूत उस खुशी की बातें करता हुआ सा प्रतीत हुआ जो मानव मन की  वह अवस्था है जिसे मुदितावस्था कहते हैं और जिसे अक्सर हृदय की संकीर्ण भावनाओं के तहत ,सांसारिक हानि लाभ, ईर्ष्या…

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कठौती में गंगा

सुना है कि श्री गुरु रविदास जी की कठौती में मां गंगा का निवास था। वह मां गंगा के सच्चे भक्त थे और उनके प्रति उनके मन में असीम श्रद्धा थी। एक दिन उनको पता चला कि एक पंडित जी गंगा स्नान करने जा रहे हैं। वह उनके पास गए और हाथ जोड़कर पंडित जी…

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देश के विकास इंजन को पुनर्जीवित करने के लिए नए अवसर पैदा करने होंगे

(वर्तमान स्थिति निवेश को बढ़ावा देने, मौजूदा नौकरियों की रक्षा करने और नई नौकरियां पैदा करने के लिए साहसिक कदम उठाने का अवसर प्रस्तुत करती है।) — डॉo सत्यवान सौरभ, रिसर्च स्कॉलर इन पोलिटिकल साइंस, दिल्ली यूनिवर्सिटी, कवि,स्वतंत्र पत्रकार एवं स्तंभकार, आकाशवाणी एवं टीवी पेनालिस्ट, कोविद-19 महामारी ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को बदल दिया है और…

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