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जागो वोटर जागो : सम्पादकीय

मनमोहन शर्मा ‘शरण’ (प्रधान संपादक) आज सेना दिवस (15 जनवरी) है, भारतीय सेना को सहृदयता कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए नमन करता हूँ ।कोरोना – नए वेरिएंट (ओमीक्रॉनद्ध) की बात करें तो हाँ संख्या अति शीघ्रता से बढ़ अवश्य रही है किन्तु हमें यहाँ अपनी सोच को नियंत्र्ति करना होगा । मौसम बदलना–खाँसी–जुकाम के मामले हमेशा…

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लघुकथा – 15 अगस्त और दादी माँ की आशाएं

          पंकज की दादी 15 अगस्त की सुबह जल्दी से ही तैयार हो गयी थी।जैसा कि उसे मालूम था कि 15 अगस्त पर सभी टीवी के समाचार चैनलों पर भारत देश के सैनिकों को दिखाया जाता है।हर बार की तरह वह भी अपने पोते पंकज की एक झलक पाने के लिए टीवी के सामने बैठ…

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राजनीतिक लाभ के लिए सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग

स्वतंत्र, कानून का पालन करने वाले संस्थान आवश्यक जांच और संतुलन सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे मजबूत और लचीले लोकतंत्रों के लिए अंतिम आधार प्रदान करते हैं। हाल ही में, भारत में समाज के कमजोर वर्गों द्वारा विरोध की कई घटनाएं हुई हैं। इसके अलावा, असहमति के दमन की प्रकृति कानून प्रवर्तन…

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काव्य लेखन की कुंजी है “छंद विन्यास’ काव्य रूप : राजेश कुमार सिन्हा

एक ख्याति लब्ध शल्य चिकित्सक का कवितायें लिखना या दूसरे शब्दों में कहें तो सिर्फ कवितायें नहीं लिखना बल्कि छन्द पर आधारित कवितायें लिखने के लिए काव्य लेखन कुंजी के रुप में एक पुस्तक लिख देने को सही मायने में मणि कांचन संयोग कहा जा सकता है,जो विरले ही देखने को मिलता है।डा संजीव कुमार…

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भारत में बाल तस्करी : डॉ० पूजा सिंह

भारत में बाल तस्करीबाल तस्करी एक गंभीर अपराध है जिसमें बच्चों को उनके मूल स्थान से जबरन या धोखा देकर ले जाया जाता है और फिर उनका शोषण किया जाता है। यह शोषण कई रूपों में होता है, जिसमें वेश्यावृत्ति, अंग तस्करी, यौन शोषण, बलात श्रम, दासता आदि शामिल हैं। इस समस्या का सामना केवल…

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ताटक छ्न्द : राम

राम नाम सबसे ही प्यारा, कहते सारे ज्ञानी हैं। जो भूला मूरख कहलाया, वही बड़ा अज्ञानी है। राम नाम की डोरी पकड़ो, मिलता सहज सहारा है। हाथ पकड़ कर जो भी रखते,भव से पार उतारा है। माया की नगरी यह दुनिया, लालच ने भरमाया है। चार दिनों का जीवन पाया, नहीं समझ क्यों पाया है।…

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वह कौन था!

लघु कथा, 👉वह कौन था!— बात उस समय की है जब वही अपना देश आजाद हुआ था।लोगों मेंईमानदारी तो थी ही पर संसार में बेईमानों की कोई कमी नहीं होती ।एक गाँव था जिसका नामधर्मराजपुर था उसी गाँव के निवासी थे भोला पंडित ।उससमय भोला पंडित के पास खेती करने लायक जमीन तो थी ही…

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पेगेसस से भी खतरनाक अवसरवादी नेता

ब्राह्मण सम्मेलन क्युकी ब्राह्मणों को उलझाना है । ईद पर टोपी क्युकी मुसलमानों को टोपी पहनाना है ,ये सब नेताओं का चाल चरित्र है । ये नेता तो इतने गिरे है कि डकैत फूलन देवी तक को माला फूल पहनाकर सोशल मीडिया पर परोश रहे , उससे भी ज्यादा शर्मनाक रहा जब मियां खलीफा की…

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विरोध प्रदर्शन का बेहद घटिया तरीका !

पहले कानपुर फिर  प्रयागराज और अब मुरादाबाद  में पत्थर  चले ,जबकि कानपुर में हुए पत्थरबाजी को लेकर उत्तर प्रदेश प्रशासन ने जिस प्रकार कार्रवाई की है एक उदाहरण हो सकता है कानून व्यवस्था में शांति स्थापना का। लेकिन इसके बावजूद भी उन्मादियों में कोई सबक नहीं है। तब जब पूरे देश में योगी जी के…

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गजल : देवेन्द्र पाठक महरूम

पुरखों के गांव खेत बाग वन उजाड़कर फैलाओ न बदबू गड़े मुर्दे उखाड़कर अमरौती तो खाकर नहीं आये हो तुम यहां जाओगे तुम भी आखिरी कपड़ा उतारकर हम हैं तबाह अपने भी हैं तुमसे परेशां हालात रख दिया जो बेतरह बिगाड़कर कैसी हमारी जिंदगी गांवों में आज भी दो दिन हमारे साथ देखना गुजारकर चुप…

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