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ये कैसी अजब नगरी है

ये कैसी अजब नगरी है जहाॅं कोई राजा  और कोई रंक है कोई आसमान में बैठा कोई ज़मीन की धूल में लेटा है कोई ऐसी के आलिशान कमरों में सोता तो कोई सड़क के किनारे फुटपाथ पर सारी रात जागता है कोई फाईव स्टार होटल में आराम से बढ़िया व्यंजन खाता तो कोई उनकी जूठन…

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दुष्ट दमन सदा हितकारी !

कानून और न्ययालय की देश में क्या जरूरत , जब त्वरित न्याय मौजूद है तो , ये सवाल सबके जहन में आएगा  !मेरा निजी मत है कि विकास दूबे का एनकाउंटर सही है क्योंकि वो खूंखार था और हत्यारा था किन्तु मुख्तार अंसारी और अतीक अहमद जैसो की गाड़ियां क्यो नही पलटती, भादेठी कांड वाले…

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इंसान को इंसान समझो तो बात बनेगी

इंसान को इंसान समझो तो बात बनेगी अच्छे संस्कार व्यवहार में लाओ तो बात बनेगी। दूसरों के दोष खोजने में ना लगा दो जिंदगी कुछ अपनी तरफ देखो तो बात बनेगी। सिर्फ थियोरी में ही ना अटके रहो कुछ प्रैक्टिकल हो तो बात बनेगी । किसी का किसी से कोई झगड़ा ही नहीं एक दूसरे…

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Redecorate your life with divine grace

(Kavita Malhotra) We are just a bunch of atoms travelling through space, assembling and disassembling. माना कि प्रतिस्पर्धाएँ हर किसी के अँदर छुपी प्रतिभाओं को निखारने का काम करती हैं, लेकिन जब प्रतिस्पर्धाओं में स्वार्थ निहित हो जाते हैं तब वो जनहितकारी नहीं रह पातीं। आजकल हर क्षेत्र की राजनीति अपनी ही मैं के रँग…

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धोबीघाट

एक अँधेरी गुफामें खिंची जा रही है वह—घिरनी की तरह घूमती हुई।घोर अँधेरा—आँखें फाड़ फाड़कर देखने की कोशिश कर रही है वह-,पर कुछ दीखता नहीं –काला –गहरा अँधेरा बस।घूमता हुआ शरीर जैसे तिनके तिनके हो बिखर जाएगा—कितना लम्बा अँधेरा है—एक किरण ही रोशनी की दिख जाए गर! और –और  –अचानक जैसे रोशनी का विस्फोट है…

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स्वयं को पहचान लो

 कुछ ठान लो अपने मन में,                 आ स्वयं को पहचान लो।  भीड़ भरी इस दुनिया में,             तुम भीड़ नहीं हो जान लो।  चलो प्रकृति की गोद में,             फिर खुशियों की कुटी छवायें।  वादियों के आँगन में,     …

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दिल्ली की डॉ.सरला सिंह स्निग्धा को मिला नेपाल के अंतरराष्ट्रीय हिंदी काव्य रत्न मानद सम्मान

14 सितंबर 2024 को हिंदी दिवस के अवसर पर डॉ सरला सिंह स्निग्धा को “हिंदी काव्य रत्न” मानद सम्मान से सम्मानित किया गया। हिंदी दिवस पर देश-विदेश के 16वर्ष से लेकर 75 वर्ष के वयोवृद्ध रचनाकारों ने हिंदी पर अपने स्वरचित कविता को शेयर किया गया था। “शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउंडेशन नेपाल,लुम्बिनी द्वारा हिन्दी…

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हम आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रहे हैं : अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार (15 अक्टूबर ) को हरियाणा के गुरुग्राम के मानेसर में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के 35वें स्थापना दिवस पर अपने संबोधन में कहा कि आतंकवाद सबसे बड़ा अभिशाप और विकास के रास्ते में बड़ी बाधा है। सरकार आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर अडिग है और…

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परिवार

ढूँढ़ रही इस जगत में फिर     खुशहाली से भरा परिवार।     जिसमें थी बसती एकता     नेह अरु प्रेम गले का हार।     दादा-दादी औ चाचा-चाची     ताऊ ताई बुआ हर कोई।     चहल-पहल से घर जो गूँजे     सारी ही वो पलटन खोई।     सिमट गया दो जन में घर     रहता था…

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यूं तो जरा भी देर न लगी

भावनाओं को कविता का रूप दिया, लेकिन आज क्यों शब्द भी थम से गए, जब से प्रभु श्री राम का नाम लिया। कितनी पवित्र होगी वो स्याही, जो लिखेगी मेरे प्रभु श्री राम का नाम, उस कागज में भी जान आ जाएगी, जिसमें रघुवर के होंगे गुणगान। राम नाम जपता ये जग सारा, पर राम…

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