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आशीर्वादों की बरसात है मां (कविता-3)

ओम के उपरांत सबसे पूजनीय शब्द है मां आशीर्वादों की बरसात है मां इस दिल की धड़कन है मां श्वांसो का आवागमन है मां प्रथ्वी पर चट्टान है मां देवी का स्वरूप है मां प्यार का दरिया है मां रिश्तों को जोड़े वो कड़ी है मां कर्तव्य का प्रायवाची है मां एक अलग ही राशि…

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प्रेम भारद्वाज ‘ज्ञान भिक्षु’ अब बने हैं डां प्रेम भारद्वाज

प्रेम भारद्वाज ‘ज्ञान भिक्षु ‘ को USA के विश्वविद्यालय ग्लोबल इन्टरनेशनल विश्वविद्यालय, अमेरिका से मिली, De lit ,, Doctorate honorary causa and Honorary Doctorate ,,            In में Doctor of philosophy in       Social work अब बने हैं            डां प्रेम भारद्वाज  जिसे विश्वविद्यालय ने दिनांक 22 सितम्बर 2024…

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टीबी से जुड़े इन 6 मिथकों के बारे में नहीं जानते होंगे आप!

टीबी एक जीवाणु संक्रमण है। यह मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करता है, लेकिन यह शरीर के अन्य भागों को भी प्रभावित कर सकता है। लक्षणों में खूनी बलग़म के साथ खांसी, बुखार और रात को पसीना आना शामिल है। वज़न घटना भी इसका एक और आम लक्षण है। माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस नामक टीबी का…

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रामजी मेरे आजाइयेगा

रामजी मेरे आ जाइयेगा।मेरी नजरों में बस जाइयेगा। अपनी धड़कन को लोरी बनाऊं,सांसों के झूले पर मैं झुलाऊं।मेरी पलकों के बिस्तर पर सोने,मेरी नीदों में आ जाइयेगा। नाव है जिंदगी ये हमारी,और पतवार बाहें तुम्हारी,पार कैसे करूं इस भंवर को,बन के केवट चले आइयेगा। शीश चरणों में रक्खा तुम्हारे,हाथ सिर पर रखो तुम हमारे।तुम विराजे…

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बदलते ज़माने की रंग बदलती होली

आज हम जो होली मनाते हैं, वह पहले की होली से काफ़ी अलग है। पहले, यह त्यौहार लोगों के बीच अपार ख़ुशी और एकता लेकर आता था। उस समय प्यार की सच्ची भावना होती थी और दुश्मनी कहीं नहीं दिखती थी। परिवार और दोस्त मिलकर रंगों और हंसी-मजाक के साथ जश्न मनाते थे।  जैसे-जैसे समय…

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सँभल जाए अगर माली, महके हर रूह की डाली : कविता मल्होत्रा

एक प्राकृतिक आपदा की तरह कोरोना वायरस समूचे विश्व पर मँडराया और वैश्विक बँधुत्व की सीख देकर आगे निकल गया।लेकिन अब भी सीमा पार से परस्पर वैमनस्य के कारण शहादत की खबरें आती हैं तो एैसा लगता है कि अभी मानव को बहुत कुछ सीखना है। कई लोगों को बेरोज़गारी का रोना रोते देखा और…

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कैसे वाजिब है 70-90 घंटे काम करना?

लंबे कार्य घंटों का महिमामंडन नहीं किया जाना चाहिए; इसके बजाय, टिकाऊ और कुशल कार्य अनुसूचियों पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए जो उत्पादकता और कर्मचारी कल्याण दोनों को बढ़ावा दें। संतुलित और प्रेरित कार्यबल बनाने के लिए समान वेतन संरचना और वास्तविक समावेशिता आवश्यक है। प्रणालीगत असमानताओं को पहचानना और उनका समाधान करना एक…

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कब तक बचोगो पाकिस्तान……: कुशलेन्द्र श्रीवास्तव

                                                                                                                 राजनीतिक सफरनामा बच गया पाकिस्तान, लगता है उसकी किस्तम ही अच्छी थी, वरना अब तक तो वहां तिरंगा लहरा रहा होता । हम तो पूरी तरह तैयार भी थे आम लोगों ने भी मानसिकता बना ली थी कि रोज-रोज की झंझट से अच्छा है कि एक बार में ही निपटा लो । हम भारतवासी…

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सेंट्रल सेक्रेटारियट एन-जी एम्प्लॉयीज यूनियन का 18वां द्विवार्षिक कॉन्फ्रेंस का सफल आयोजन

स्पीकर हाल, कंस्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया, रफी मार्ग, नई दिल्ली मे दिनांक 30 अप्रैल, 2022 को सम्पन्न हुआ। इस कॉन्फ्रेंस मे अतिथि के रूप मे दिल्ली प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष माननीय के एम कर्मा ने दीप जलाकर शुभारंभ किया और अपने संबोधन में हर समय साथ रहने का भरोसा दिया। कॉन्फ्रेंस मे केन्द्रीय सचिवालय मे…

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कोरोना का कहर सताता

शीर्षक-कोरोना का कहर सताता देखो कोई आता न जाताकोराना का कहर सताता..यूँ शहरों में पसरा सन्नाटाभूल से भी भूला न जाता.. न मिलो किसी से न हाथ मिलाओदूर-दूर रहकर हर राब्ता निभाओये बुरा वक़्त ही तो पहचान कराताअपने और परायों में भेद बताताकोरोना का कहर सताता.. हैण्डशेक के रीति-रिवाज विफल हैकरबद्ध नमन की संस्कृति सफ़ल…

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