Latest Updates

पं. ओंकार शर्मा जी के नेतृत्व में लॉक डाउन में गरीब परिवारों को राशन सामग्री एवं नकद राशि का वितरण

मानवता की मिशाल बंदा बेमिशाल दिनांक २ अप्रैल से १० अप्रैल के बीच देश में लौकडाउन के कारण प्रभावित गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों की सहायता करने के उद्देश्य हेतु ईश्वरी प्रेरणा से भोजन सामग्री वितरित किए जाने का प्रयास किया गया था। इस हेतु कई वाट्सएप ग्रुपों में भी महत्वपूर्ण सूचना दी गई थी।…

Read More

” नारी ” (कविता-1)

कोंख बसर में रख तूं पाला राम कृष्ण महावीर बुद्ध ; नानक ईशा कलाम विवेकानन्द मनीषी प्रबुद्ध! 🌹 पतिव्रत धर्म निभाने को पाहन रूप धरी अहिल्या ; सतीत्व को सत्यापित करने अग्नि परीक्षा से गुजरी सीता! 🌹 पति के स्वाभिमान की रक्षा में सती हो गयी हिमालय नन्दनी ; सबरी धीरज की सुकुमार हृदया नारी…

Read More

चमत्कार और अंधविश्वास का फेर

                                                                          कुशलेन्द्र श्रीवास्तव  धीरेन्द्र शस्त्री और फिल्म पठान चर्चाओं में आ गई । जो चर्चाओं में आ जाता है वह फेमस हो जाता है । किसी के भी प्रसिद्ध होने के लिए यह सबसे आसान तरीका होता है । पूरी मीडिया धीरेन्द्र शास्त्री के हर क्रियाकलाप को दिखाने लगी । धीरेन्द्र शास्त्री अपनी हुकार से…

Read More

जीनत

            “मैडम आपको पता है जीनत ने साइंस छोड़ दिया है ।” रीना ने अपनी मैडम को जब सनसनीखेज अंदाज में बताया तो मैडम भी  चौंक गयीं क्योंकि यह खबर ही अप्रत्याशित थी “क्यों‌ ,क्यों छोड़ दिया उसने साइंस वह तो मैथ्स और साइंस में बहुत तेज थी।” पता नहीं मैम ,वैसे इस समय वह…

Read More

गरीबो का ये कैसा जालिम कहर है ।

गरीबों से पूछो क्या होती गरीबी है। गरीबी की हालत उन्हीं को पता है। जिसे दर – दर की ठोकर खिलाती गरीबी गरीबी तो फांसी से बढ़कर सजा है । मालिक गरीबी को काहे रचा है। गरीबों के तन को देखाती गरीबी कितना बचा है वजन को देखाती गरीबी खाने को कोई चारा नहीं है।…

Read More

अंबेडकर के प्रति सच्ची श्रद्धा राष्ट्र दृष्टिकोण में, न कि नाम जपने में।

(दलित किसके लिए लड़ रहे हैं?) सरकार ने महिला सशक्तीकरण पर ध्यान केंद्रित करते हुए नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 जैसी पहल की है। इसने अंबेडकर की विरासत का सम्मान करने के लिए पंच तीर्थ स्थलों का निर्माण करके दलितों की गरिमा पर ज़ोर दिया। ज्ञान (गरीब, युवा, अन्नदाता, नारी) जैसे कार्यक्रमों का उद्देश्य दलितों…

Read More

नेता जी की जय-जयकार

पुष्प रहे खूब पाँव पखार नेता जी की जय-जयकार ……..       तुम हो श्रेष्ठ,सकल गुणवान       सेवा, श्रम, अर्पण पहचान       त्याग, तपश्चर्या की मूरत       और कहाँ कोई है सूरत       अद्भुत,अपरम्पार कहानी       मिलती कहीं न एक निशानी       करूँ नमन मैं बारम्बार       नेता जी की जय-जयकार… …… विविध रूप धर करते…

Read More

रहे इस रूह की चूनर धानी

मौसम ने करवट ली और शीत ऋतु ने आगमन की सूचना दी है।लेकिन भानु काका के तेवर अब भी तीखे हैं।ग्लोबल वार्मिंग की ज़िम्मेदारी लेने के बजाय मानव जाति अब भी बदन उघाड़ू परिधानों के फ़ेवर में है।समस्या के मूल में न जाकर सतही समाधान खोजना और लापरवाही से संतुष्ट हो जाना ये असँवेदनशील पीढ़ी…

Read More

उत्कर्ष मेल 16-30 अप्रैल (सम्पादकीय )

उत्कर्ष मेल (राष्ट्रिय पाक्षिक पत्र) 16-30 अप्रैल (सम्पादकीय )14 अप्रैल को अम्बेडकर जयंती के विशाल कार्यक्रम -राष्ट्रीय-प्रादेशिक एवं जिला स्तर पर सरकारी, गैरसरकारी तथा समितियों द्वारा आयोजित किए गये, जिनमें पार्टी बाजी से इतर सबने मिलजुल कर संविधान निर्माण में अहम भूमिका अदा करने वाले डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी को नमन-वंदन करते हुए ठोस लोकतन्त्र…

Read More

व्यंग्य:  ईर्ष्या की प्रासंगिकता — राजेन्द्र परदेसी

पता नहीं किस मूड में हमारे पूर्वजों ने यह युक्ति गढ़ दी कि “ईर्ष्या कबहूँ न कीजिए”।  मुझे तो ऐसा लगता है कि उन्हें शायद किसी की प्रगति देखी नहीं गई, तभी हताश होकर उन्होंने यह उक्ति बना दी।  वरना यह तो सर्वविदित है कि लोग उसी से ईर्ष्या करते हैं जो प्रगति-पथ पर बढ़ता…

Read More