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कोरोना

कोरोना ने आज करा दिया सबको ये एहसास। धन दौलत सब मिथ्या,ना रहेगा कुछ भी पास।। जीवन मे सब कर लो , अब प्रभु से ये अरदास। सबको रखना सुरक्षित,सबको अपनो के पास।। सबकुछ अब तुम त्याग दो,करो घर मे निवास। कोरोना अगर हो गया , कोई ना आयेगा पास।। आपस की दूरी बढ़ी ,…

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दो पल

         मिले दो पल जीवन की आपाधापी में से…और दो मैंने चुरा लिए।        सघन गर्मी में तपते हुए प्यासे को जैसे मेघों की हल्की सी रिमझिम फ़ुहारों ने भिगो कर मन को हर्ष और संतोष प्रदान कर दिया हो…कुछ ऐसा रहा आज का प्यारा सा, दुलारा सा, मनमोहक संगीत सुनाता सा अलबेला दिन।        …

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Guru Teg Bahadur Singh’s Sacrifice-A Historical Foundation for the Global Human Rights Struggle Against Religious Intolerance

Guru Teg Bahadur Singh’s message of martyrdom was not limited to India;over time, it became the cornerstone of the global human rights movement. The international observance of Guru Teg Bahadur Singh’s 350th martyrdom year in 2025 is of immense historical,cultural, and political significance-Advocate Kishan Sanmukhdas Bhawnani, Gondia, Maharashtra Gondia – The global observance of Guru…

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देश में NRC का विचार नोटबंदी जैसा : प्रशांत किशोर

नई दिल्ली: जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर अर्थात एनआरसी (NRC) के मामले  पर ट्वीट कर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा,  ‘देशभर में एनआरसी का विचार नागरिकता की नोटबंदी के बराबर है. जब तक आप इसे साबित नहीं करते तब तक आप अमान्य हैं. हम अपने अनुभव से…

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आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ

इस जून में आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ है। भारत के इतिहास में यह एक काला धब्बा है। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने जब मीडिया को चुप कराने के लिए हथौड़े की रणनीति का इस्तेमाल किया था। आपातकाल की घोषणा पर हस्ताक्षर होने से पहले ही, दिल्ली के अखबारों की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई…

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जिसकी राष्ट्रभाषा नहीं,वह देश मूक है

डॉक्टर सुधीर सिंह ‘राष्ट्रीय हिंदी दिवस’ के शुभ अवसर पर समर्पित चंद पंक्तियां:-जिसकी राष्ट्रभाषा नहीं;वह देश मूक है.हिंदी से हिंदुस्तान की पहचानअचूक है.हिंदी हिंदुस्तान  की लोकप्रिय  भाषा है,हिंद की एकता की  उत्कृष्ट परिभाषा है.समृद्ध हिंदी हेतु मिलकर सत्प्रयास करें,आइए!हिंदी में काम करने की शपथ लें.बच्चों को शिक्षा मिले हिंदी के ही जरिए,अंग्रेजी को उसकी दासी…

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मुख्य धारा में जुड़ना चाहती है कश्मीर की जनता

भारत का वर्तमान  नेतृत्व  सशक्त और सतर्क है,राष्ट्रहित में  निर्णय  लेने  में  सजग और निडर है.धारा 370 काअब कश्मीर में रहा न नामोनिशान,कश्मीर से कन्याकुमारी तक रहेगा एक संविधान.जम्मू-कश्मीर व लद्दाख  में  सिर्फ तिरंगा फहरेगा, राष्ट्रध्वज के सामने वहां जयहिंद का नारा गूंजेगा.भारतमाता के आँगन का  जन्नत है जम्मू-कश्मीर,धारा 370 की विदाई से चमकेगी उसकी तकदीर. इस…

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संपादक मनमोहन शर्मा ‘शरण’ सम्मानित

महासभा शताब्दी समारोह समिति द्वारा आयोजित (मध्य चरण) विशाल समारोह में समाज के प्रतिभाशाली बच्चो को (जिन्होंने कक्षा 10, कक्षा 12 में 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किये हैं) तथा खेल कूद अथवा उच्च सिक्षा में विशिष्ट स्थान बनाया है उनको तथा 80 वर्ष तथा अधिक उम्र के सम्मानित सदस्यों को सम्मानित किया गया…

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भारतीय साहित्य पर्यावरणीय चेतना से ओत-प्रोत है – अजिम्स मुहम्मद भारतीय साहित्य में पर्यावरण विमर्श पर कोडुंगल्लूर में अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी संपन्न

पर्यावरण प्रदूषण या पर्यावरण में मानव के हस्तक्षेपों के कारण आजकल जो प्राकृतिक विपत्तियाँ दुनिया भर में हो रही हैं, इनसे हम सब वाकिफ़ हैं ।  पर्यावरण के प्रति जागरूक होने का समय बीतता जा रहा है । युवा वर्ग इस गंभीर समस्या के प्रति सचेत नज़र आते हैं ।  भारत इस विषय में गहराई…

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