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वर्तमान का क्षण : ललित पारिमू

मनुष्य अगर अपने दैनन्दिन कार्यों पर एक पैनी नज़र दौड़ाए तो वो इस निष्कर्ष पर पोहोंच सकता है कि  वो अपने दिन का अधिकतम समय भविष्य और भूत काल में ही बिताता है। वर्तमान क्षण से उसका सम्बन्ध कम ही बना रहता है । और जो दिन भर में उसे थोड़ा सा सुख और आनंद…

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लेखक श्री लीलाराम वर्मा होंगे सम्मानित

अनुराधा प्रकाशन ,नई दिल्ली के बैनर तले मार्च 2024 में वर्तमान के ज्वंलत समाजिक मुद्दे बाल यौन शोषण पर प्रकाशित तथा लेखक श्री लीलाराम वर्मा द्वारा लिखित पुस्तक बाल यौन शोषण : दुनिया के माथे पर कलंक एक बेहतरीन पुस्तक है, जिसमें लेखक ने बाल यौनशोषण/उत्पीड़न से संबंधित सभी पहलुओं जैसे इसके कारण, सामाजिक भूमिका,बच्चों…

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लोकप्रिय,सशक्त एवं सजग प्रधान मंत्री माननीय श्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिन के शुभ अवसर पर समर्पित चंद पंक्तियां

जिन्होंने  दृढ़-संकल्प लिया है; नया इतिहास हमें  गढ़ना है,विकसित राष्ट्रों की सूची में,हिंदुस्तान को शीर्ष पर रखना है.प्रभु!उस नरक्ष्रेष्ठ नरेंद्र मोदी को स्वस्थ,सुखी,दीर्घायु रखना,उन्होंने जो प्रण ठान लिया है,उसे पूरा करने की शक्ति देना.130 करोड़ जनता की शुभकामनाएं हैं नरेंद्र मोदी के साथ,नरेंद्र!तुम्हें जन्मदिन मुबारक हो,भारत माँ का है आशीर्वाद.

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समंदर

बहुत दूर, वो जगह जहाँ तुम, बच सको चले जाना, अकेले ही ख्वाहिशों को कहीं दूर छोड़ देना जैसे स्कूलों में प्रवेश लेकर छोड़ देते हो तुम पढ़ाई को और ध्यान रहे तुम्हें इस बात का के सुबह की ओस की बूंदों की तरह सुकून दे सको किसी की आँख को ठंडक दे सको किसी…

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पहलगाम की गोलियाँ: धर्म पर नहीं, मानवता पर चली थीं— प्रियंका सौरभ

कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुआ आतंकी हमला सिर्फ एक गोलीबारी नहीं थी—यह एक ऐसा खौफनाक संदेश था जिसमें गोलियों ने धर्म की पहचान पूछकर चलना शुरू किया। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो आतंकियों ने पहले पर्यटकों से उनका धर्म पूछा, फिर उन्हें जबरन कलमा पढ़ने के लिए कहा, और इंकार करने पर गोली…

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Ambulances Crying

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अरुणा पाठक आभा, रीवा (अनुज्ञा) दिल्ली में सम्मानित

ट्रू मीडिया गौरव सम्मान, उत्कृष्ट साक्षात्कारकर्ता, सम्मान से अरुणा पाठक आभा, रीवा (अनुज्ञा)दिल्ली में सम्मानित।सोशल एवं मोटिवेशनल ट्रस्ट द्वारा आयोजित पुस्तक विमोचन समारोह सम्मान समारोह काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया नौअप्रैल को जिसमें तेरह पुस्तकों का विमोचन किया गया। कवि कवयित्रीयों को सम्मानित किया गया । जिसमें दिल्ली के वरिष्ठ साहित्यकारोकी उपस्थिति थी। आदरणीय…

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राष्ट्र-गीत : पहरुये ! सावधान रहना…

घर   में  सेंध   लगाने   की  वे  फिर  करते   तैयारी,             पहरुये !  सावधान   रहना। पश्चिम सीमा   पर   खतरा  है,पूरब   में  मत  डोल, अभी रात   बाकी है   कितनी   धीरे- धीरे      बोल, कल जो हाल हुआ हम सबका,उसका दुख है भारी,            पहरुये !  सावधान   रहना। तुमने   कितने धोखे   खाए  विश्वासों   में    पड़कर, ये व्यापारी   नहीं,   न…

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काफल (एक सत्य कथा )

(ये बात एक सच्ची घटना पर आधरित एक सच्चा लेख है़ ! जिसको की मैने जब सुना तो इस घटना को लिखे बिना नहीं रह पाया ! वेसे तो यहाँ कई घटनाए कहानियो का रूप ले चुकी है़ ! मानकों द्वारा ये भी नहीं की कभी इस घटना को मुद्रित नहीं किया गया होगा !…

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वारिष्ट साहित्यकार श्रीमती सविता चड्ढा की कलम से (अनुभव-4)

हम एक ही कार्यालय में काम करते थे । मैं प्रबंधक के रूप में कार्य कर रही थी और मेरी ड्यूटी थी 10:15 पर मुझे उपस्थिति  रजिस्टर चीफ के कमरे में चपरासी के हाथों भिजवाना होता था । मेरे आगे रजिस्टर होता और मैं अपनी उस मित्र की प्रतीक्षा करती रहती एक 2 मिनट  तक…

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