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पहलगाम की घटना से हर भारतीय आक्रोशित :  कुशलेन्द्र श्रीवास्तव

राजनीतिक सफरनामा शर्मनाक……घृणित, कायराना हमला……निःशब्द और मौन रहकर केवल उनके प्रति भावांजलि है जिनको हमने खो दिया है, ओह क्या कसूर था उनका वे तो अपने परिवार के साथ प्रकृति के अनूठे सौन्दर्य को निहारने गए थे….तुमने उनको अकारण मार दिया, धर्म की आड़ लेकर मार दिया उनके परिवार के सामने उन पर गोलियां बरसा…

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बुजुर्गों की उपेक्षा और सुरक्षा का सवाल

डॉ विजय गर्ग  समाज की सभ्यता और संवेदनशीलता का सबसे सटीक पैमाना यह है कि वह अपने बुजुर्गों के साथ कैसा व्यवहार करता है। जिन्होंने जीवन भर परिवार, समाज और राष्ट्र के निर्माण में योगदान दिया, वही लोग आज अपने जीवन के अंतिम पड़ाव पर उपेक्षा, अकेलेपन और असुरक्षा का सामना कर रहे हैं। बदलती…

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लो कर गए प्रवेश नए वर्ष में फिर हम.

लो कर गए प्रवेश नए वर्ष में फिर हम बस देखते रहे गुज़रते पलों को हम l जाता हुआ साल इतिहास लिख गया क्या पाया हमने खोया सब हिसाब लिख गया कुछ हसरतें थीं दिल में जो पूरी न हो सकीं कुछ पल खुशी के साथ मेरे नाम लिख गया लेकर नई आशाएं बढ़ें सबके…

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पूजहि विप्र सकल गुण हीना । शुद्र न पूजहु वेद प्रवीणा ।।

पंकज सीबी मिश्रा / राजनीतिक विश्लेषक़ एवं पत्रकार जौनपुर, यूपी  रामचरित मानस में बाबा तुलसीदास कहते है कि पूजहि विप्र सकल गुण हीना । शुद्र न पूजहु वेद प्रवीणा ।। औऱ वही मनु स्मृति कहती है कि-  अष्टापाद्यं तु शूद्रस्य स्तेये भवति किल्बिषम्। षोडशैव तु  वैश्यस्य  द्वात्रिंशत्क्षत्रियस्य च॥ ब्राह्मणस्य  चतुःषष्टिः पूर्णं वापि शतं भवेत्। द्विगुणा …

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आज लड़कियों के सशक्तीकरण व उनके मानवाधिकारों को बढ़ावा देना आवश्यक है (राष्ट्रीय बालिका दिवस पर विशेष)

आज की बालिका जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ रही है चाहे वो क्षेत्र खेल हो या राजनीति, घर हो या उद्योग। एशियन या ओलम्पिक खेलों के गोल्ड मैडल जीतना हो या राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री के पद पर आसीन होकर देश सेवा करने का काम हो। देश में 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस…

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नवरात्रि विशेष : असुर मारि थापहिं सुरन्ह, राखहिं निज श्रुति सेतु

पंकज सीबी मिश्रा  / राजनीतिक विश्लेषक एवं पत्रकार जौनपुर सनातन में चैत्र नवरात्रि को सबसे महत्वपूर्ण माना गया है, क्योंकि इस अवधि में पूजा-पाठ के साथ-साथ सुख-समृद्धि के लिए विशेष उपाय किए जाते हैं। पौराणिक कथा के मुताबिक वर्ष भर में पढ़ने वाले चारों नवरात्रि में देवी का आगमन पृथ्वी लोक पर होता है, चार…

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मर्यादा भूले सभी -डॉ. स‌‌‌रला सिंह ‘स्निग्धा’

  विधा-  कुंडलिया छ्न्द प्रभुवर के दरबार में, मचा शोर चहुंँओर। मर्यादा भूले सभी, देखो चन्दा चोर। देखो चन्दा चोर,अजब हिम्मत दिखलाई। भूल गए हर ज्ञान, बड़ों ने जो सिखलाई। लालच में वह देख, दिखे कब उनको रघुवर। पायेंगे वह दंड, सजा देंगे अब प्रभुवर।। माया ने पागल किया, भूल गए प्रभु नाम। उनके ही…

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‘चालीस रुपये’

            “सीमा आज स्कू्ल नहीं गयी ?”      “नहीं चाची ,आज काम करते देर हो गयी।”      सीमा ने कुछ सकुचाते हुए बंगालिन चाची को जवाब दिया ।         बंगालिन चाची सारे बच्चों के लिए उनका यही नाम था। वे एक लम्बी सांँवली-सी महिला थीं लेकिन उनका चेहरा अनायास आकर्षित करता हुआ था। धर्म से…

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एक्यू प्रेशर और सुजोक एक्यू प्रेशर चिकित्सा

एक्यूप्रेशर व सुजोक चिकित्सा एक्यू अर्थ है सुई और प्रेशर का अर्थ है दबाव इसमें शरीर के विशेष बिंदुओं पर दबाव डालकर उपचार treatment किया जाता है यह एक चीनी पद्धति के नाम से जाना जाता है परंतु पुराने समय के इतिहास को जाने तो यह भारतीय पद्धति है इस थेरेपी का इस्तेमाल हमारे बड़े…

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बँटवारा

        “भैया अम्मा की तबियत ठीक नहीं है आप भाभी और बच्चों को लेकर आ जाइए।” सुनील ने बड़े भाई  विकास को फोन किया तो उसकी आंखें भर आयीं थी । चार पाँच साल से गाँव में रहकर वह अकेले ही मां की सेवा कर रहा था। भाभी और स्वयं उसकी पत्नी भी शहर में…

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