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विकसित भारत का लक्ष्य पाने के लिए स्थिर सरकार जरूरी”: वित्त मंत्री

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, ‘जब तक जीडीपी नहीं बढ़ेगी, हम अर्थव्यवस्था की मांगों को पूरा नहीं कर पाएंगे. हमें निवेश एवं सेवाओं को बढ़ाने, शैक्षणिक संस्थानों और लोगों को घर खरीदने एवं कारोबार शुरू करने के लिए धन की जरूरत होती है.’ केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि वर्ष…

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गुरु महिमा

हे गुरुदेव! प्रथम वंदन आपको साक्षात दण्डवत प्रणाम , बिना गुरु के ज्ञान अधूरा , फिर -फिर  गोता खाय, गुरु मंत्र को आत्मसात कर , भव सागर पार कर जाय। गुरुदेव मानव को नवजीवन देते , गुरुदेव मानव का तिमिर मिटाते, गुरुदेव मानव को प्रकाशवान बनाते , गुरुदेव हृदय में ज्ञान दीप जलाते, गुरुदेव ही…

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नारी व्यथा

मेरे हिस्से की धूप तब खिली ना थीमैं भोर बेला से व्यवस्था में उलझी थीहर दिन सुनती एक जुमला जुरूरी सा‘कुछ करती क्यूं नहीं तुम’ कभी सब के लिए फुलके गर्म नरम की वेदी पर कसे जातेशीशु देखभाल को भी वक्त दिये जातेघर परिवार की सुख सुविधा सर्वोपरीहाट बाजार की भी जिम्मेदारी पूरी तंग आ…

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“पांव ज़मीन पर निगाह आसमान पर” लेख संग्रह का भव्य लोकार्पण

वरिष्ठ लेखिका सविता चड्ढा के सद्य: प्रकाशित लेख संग्रह   “पांव ज़मीन पर निगाह आसमान पर”  का भव्य लोकार्पण पंजाब केसरी सभागार में पंजाब केसरी की चेयरपर्सन किरण चोपड़ा द्वारा किया गया।इस अवसर पर दिल्ली एवं दिल्ली से  दूर स्थानों से लेखक ,साहित्यकार शामिल हुए। इस अवसर पर अश्वनी कुमार, स्वामी, संपादक और श्रेष्ठ पत्रकार  पंजाब केसरी ने पधारकर कार्यक्रम को गरिमा प्रदान…

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भारतीय सेना की तरह पुलिस पर भरोसा क्यों नहीं है?

—-प्रियंका सौरभ  देश भर में हम आये दिन पुलिस द्वारा हिरासत में लिये गए लोगों की मृत्यु और यातना की घटनाों को सुनते हैं जिसके फलस्वरूप पुलिस की छवि पर दाग लगते है। यही नहीं अपराधी प्रवृति के लोगों में पुलिस के प्रति क्रूरता जन्म लेती है। उत्तर प्रदेश और हरियाणा में अभी-अभी पुलिस वालों के…

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कौन जिम्मेदार?

ये धुआं दिवाली के बाद का  मुझे तड़पा रहा प्रदूषण चरम पर  सांसे अटके बार-बार इन पटाखों के शोर ने धुआं- धुआं कर दिया  ना दिखे  चांद ना दिखे सितारे प्रकृति की सुंदरता गायब  बनावटी पटाखों से किसी के हाथ में लगे  किसी की आंखों में लगी  ये पटाखों की लौ  पशु- पक्षी छिप रहे…

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युद्ध और चुनाव के बीच कयासों का दौर

राजनीतिक सफरनामा : कुशलेन्द्र श्रीवास्तवयुद्ध और चुनाव, भारत की जनता इस समय इन दोनों के मध्य झूल रही है । चुनाव तो युद्ध जैसे हालत ले ही लेते हैं पर युद्ध चुनाव जेसे हालात नहीं ले पाता । कहने को तो अमेरिका और ईरान के बीच ‘सीजफायर’ जैसा कुछ हो गया है पर रिपोर्ट बता…

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व्यंग्य – थप्पड़ खाकर उबरे नेता, मानुष, चून…….

    पंकज सी बी मिश्रा, राजनीतिक विश्लेषक एवं पत्रकार जौनपुर राजनीति में थप्पड़ खाना कभी कभी जरुरी हो जाता है। ये अलग बात है कि कभी थप्पड़ आप खुद आर्गेनाइज करवाते है और कभी कभी यह विपक्ष आर्गेनाइज करा के देता है या फिर कभी कभी देश के होनहार भगत सिंह टाइप के युवा  सधे…

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जो इस देश का नागरिक है, उसे राष्ट्रगान गाना चाहिए : शाहनवाज

बिहार के उद्योग मंत्री शाहनवाज हुसैन ने शुक्रवार को यहां कहा कि राष्ट्रगान में किसी को कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जो इस राष्ट्र का नागरिक है, उसे राष्ट्र से प्रेम करना चाहिए और राष्ट्रगान को निश्चित रूप से गाना चाहिए। भारतीय जनता पार्टी के सहयोग कार्यक्रम में उद्योग मंत्री सैयद शाहनवाज…

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माननीय प्रधान मंत्री का राष्ट्र से आह्वान है

Doctor Sudhir Singh माननीय प्रधान मंत्री का राष्ट्र से आह्वान है,उसका अनुपालन ही उनके प्रति सम्मान है.आइए!इस अभियान को सफल बनाए हम,‘कोरोना’ वायरस का इसमें छिपा विनाश है.5 अप्रील,रविवार को ठीक नौ बजे रात्रि में;‘सामाजिक दूरी’ का मन से पालन करना है.आवास के अंदर नौ मिनट तक अंधेरा रख,घर के बाहर मोमबत्तीऔर दीया जलाना है.एक…

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