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हिमालय देवभूमि को सुरक्षित रखना समय की जरूरत है।

(उत्तराखंड हिमालय देवभूमि के रूप में उभरा है और यह हिंदू तीर्थयात्रा के केंद्र विकसित हुआ है मगर प्राकृतिक आपदाएं इसको विनाशक बना रही है. पिछले एक दशक में हाल की पारिस्थितिक नाजुकताओं को देखते हुए, लोगों की सुरक्षा के साथ-साथ धरोहर स्थलों को सुरक्षित रखने के लिए दीर्घकालिक संकट प्रतिक्रिया तंत्र और समाधान करना…

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नई संसद भारत को प्रगति की नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी : पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को नए संसद भवन का उद्घाटन किया और आशा जताई की कि यह प्रतिष्ठित इमारत सशक्तिकरण का उद्गम स्थल होगी, और भारत को प्रगति की नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी। पीएम मोदी ने नए संसद भवन के उद्घाटन की तस्वीरों के साथ एक ट्वीट में कहा, भारत की संसद के…

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गंतव्य संस्थान के सदस्यों  की टीम द्वारा निराश्रित वरिष्ठ नागरिकों को कंबल व खाद्यान्न  सहयोग

गंतव्य संस्थान के सदस्यों  की टीम निराश्रित वरिष्ठ नागरिकों को कंबल व खाद्यान्न  सहयोग  अभियान के अंतर्गत आज  माता रामबेटी वृद्धाश्रम , मुकरबा चौक , करनाल बाईपास  दिल्ली पहुची जहां सभी ने बुजुर्गों को कम्बल ओढा कर व फल आदि देकर सम्मानित किया साथ ही करीब एक महीने का राशन व फल भी आश्रम के…

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गर्मी की कुण्डलियाँ

अजय कुमार पाण्डेय 1 दिन सारा जलता लगे, लगे सुलगती शाम  रवि को कुछ इसके सिवा, और नहीं है काम और नहीं है काम, धूप में लगा तपाने बरसा के फिर आग, लगा औकात दिखाने न विद्युत है न नीर, जी रहे दिन गिन गिन सब प्राणी बेचैन, कठिन अब गर्मी के दिन। 2 जल…

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लघुकथा “षड्यंत्र”

जगदीश बाबू अपनी पत्नी सुधा के साथ स्टेशन के प्लेटफार्म नम्बर एक पर तेजी से हड़बड़ाते हुए पहुँचे।अभी सात बजकर पच्चीस हो रहा था।7.40 में उनकी गाड़ी थी।वो दोनों प्लेटफार्म पर बने एक बेंच पर स्थान देखकर बैठ गए।उसी समय रेलवे से सूचना प्रसारित हुई “पूरब को जाने वाली गाड़ी विलम्ब से चल रही है।अभी…

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शिव का सावन

शिव शंकर भोले भंडारी , तेरी महिमा ही बड़ी निराली, मस्तक पर है त्रिनेत्र, कहते इनको त्रिपुरारी । विषधर नीलकंठ में शोभा पाते, हिमकर जटा में सजाते, गले में मुण्ड माल है पहनते, कैलास में ये वास करते । सावन माह है अति पावन , शक्ति ने किया शिव वरण, शक्ति शंकर को है अति…

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अटल जी की चौथी पुण्यतिथि पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि

श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी में  “भारतरत्न अटल बिहारी वाजपेयी” पर अनुसंधान कार्य पूर्ण करने वाली यूनिवर्सिटी की पहली शोधार्थी बनी लेखिका नीरू मोहन ’वागीश्वरी’ एक ध्रुवतारा अमर… प्रकाश था अलौकिक,छिप गया है बदलों की ओट में ।अटल था वाणी से, कर्तव्यों से न डिगा था ,कर्मयोगी था वह …कलम का पुजारी ।वरिष्ठ लेखिका, कवयित्री नीरू मोहन…

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घटती जी.डी.पी. वाला अर्थशास्त्र

पिछले दिनों भारत की जी. डी. पी. दर 5.8 से घटकर 5 पर आ गयी फिर क्या था कई अर्थशास्त्रीयों के माथे पर शिकन सी आ गयी जबकि विपक्ष इसे मुद्दा बनाकर मोदी सरकार को घेरने मे जुट गया पर असलियत तो समझना होगा । भारत फिलहाल वैसी जटिल स्थिति में नहीं फँसा है जैसा…

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रिश्ता

जिंदगी की राह कुछ ऐसी ही होती जब बेटी का विवाह हो नजदीक पिता की आँखे डबडबाई  रहती मानों आँसुओं का बाँध टूट रहा हो बचपन से पाला पोसा  वो अब घर छोड़ कर जाना होता है  r ये नियम तो है ही किंतु त्यौहार और घर का सूनापन भर जाता आँसू बेटी के न…

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अवध में राम आए हैं

 – रवीन्द्र जुगरान      कलयुग में त्रेतायुग के, सरकार आए हैं।     देखो-देखो आज अवध में, राम आए हैं।। जग नियंता सीताराम, मन मंदिर में बसे हुए।  भारत की माटी में खेलकर , दशरथ नंदन बढ़े हुए।। जीवन में संबंधों की, मर्यादा लाए हैं। ग्राम- नगर में खुशियों के, अम्बार छाए हैं।।  …

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