डॉक्टर प्रीतम कहिन
वर्ग उनके प्रवचन सुनकर भक्त ने पूछा आप इससे पूर्व ज्यामितिके अध्यापक थे क्या? क्यों की आप वर्ग की बातें करते थे और अब अपवर्ग की त्रिभूज रसिक की पत्नी को प्रेम के त्रिकोण का पता चला तो इस त्रिभुूज को भलि-भलि-भांति बांच के अपने अनुकूल कर लिया, भुजाएं खीच खांच के सलूक…
