सजग राष्ट्रीय नेतृत्व पर सबको गर्व होना चाहिए
खुशामद-परस्त लोगों सेआमआदमी परेशान है, बिना तेल-मालिश किए होता नहीं कोई काम है. आसन चाहे जमीन हो; या हो बहुत ऊँचाई पर, खुशामद के बाद ही उनसे होती जान-पहचान है. कुर्सी का नशा इंसान के लिए गजब का नशा है, स्वजन-परिजन को भी चढ़ावा चढ़ाने कहता है. कुर्सी की संतुष्टि के लिए चढ़ावा बहुत जरूरी…
