भ्रष्टाचार
भ्रष्टाचार बन गया शिष्टाचार भुखमरी-गरीबी का गरम बाजार सरकारी योजनाओं का व्यापार लालफीताशाही का अत्याचार जनतंत्र बन गया आज मजाक, संसद में जा बैठे चोर हजार कुर्सी की खींचतान में नेताओं ने प्यारे भारत की अवाम दी मार हे! सुभाष,भगत, बिस्मिल, असफाक कब होगा भारत भू पर सच्चा उजियार फैला साम्राज्य पाश्चात्य संस्कृति का भारतीय…
