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Russia Ukraine War LIVE: रूस ने युद्ध के 14वें दिन तेज किए हमले, यूक्रेन के कीव में हवाई हमले का अलर्ट जारी

रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध का आज 14वां दिन है। रूस के हमले के बाद लाखों लोगों ने यूक्रेन छोड़ दिया है। जिसके बाद कई पश्चिमी देशों ने रूस पर प्रतिबंध भी लगाए हैं। एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के प्रमुख राफेल ग्रासी ने जानकारी दी है कि चेर्नोबिल परमाणु…

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आर.एस.पब्लिक स्कूल ने धूमधाम से मनाया दशहरा महोत्सव

आर.एस.पब्लिक स्कूलrun by :लक्ष्मी ट्रेनिंग एजुकेशन सोसाइटीनवरात्रों में हर देवी का स्वरूप बनाकर सभी माताओं की कथा सुनाकर प्रतिदिन अतिथियो ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया गया और उनको शिक्षा के बल पर ही आगे बढ़ने की सलाह दी गई ये ही बच्चे आगे चलकर देश के निर्माण में अपनी भूमिका अदा करेंगे ।हरीनगर थानाध्यक्ष श्रीमान…

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“बदलता समय” लघु कहानी— संदीप तोमर

“बदलता समय” लघु कहानी— संदीप तोमर अर्धवार्षिक परीक्षाएं अभी-अभी खत्म हुई थी। सभी अध्यापकों ने अपने-अपने विषय की कापियों की जांच करके बच्चों को मार्क्स दिखाने शुरू कर दिए थे। जैसे ही मिस्टर मेहता ने विज्ञान की कॉपी जाँची, वे एक हाथ मे बंडल उठाये दूसरे हाथ से अपनी छड़ी टिकाते हुए दसवीं कक्षा में…

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बुरा न मानो, होली है

होली रंगों का त्योहार है। इस दिन लोगों द्वारा एक दूसरे पर रंगीन पाउडर और रंगीन पानी छिड़का जाता है। फागुन के महीने में पूर्णिमा (फरवरी-मार्च) के दिन पड़ने वाला यह वसंत उत्सव प्राचीन काल में ‘मदन-उत्सव’ के रूप में जाना जाता था। ब्रज की होली (उत्तर प्रदेश का मथुरा-वृंदावन क्षेत्र पारंपरिक रूप से कृष्ण…

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बदलाव

सुभाष जी अपनी पत्नी को जैसे ही समझाने का प्रयास करते, उनकी पत्नी मीनू एकदम बिखर जाती। बहु-बहु होती हैं, बेटी-बेटी। बहुत फर्क है दोनों में। बहू कभी बेटी नहीं बन सकती और सास कभी माँ। घर का माहौल भी प्रभावित होता उनकी भेद भरी बातों से।  मीनू जी ज्यादा ही पुराने ख्यालातों की थी।…

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हद कर दी आपने

“अरे स्वति सुन तेरे लिए बड़ा ही अच्छा लड़का ढूढ़ा है बिटिया हलवाई है हलवाई बड़ा अच्छा कमा लेता है, यह ले फोटो देख।” अम्मा ने बड़ी प्रसन्नता से स्वाति को यह खुशखबरी दी। उत्सुकतावश फोटो को अम्मा से लेकर देखते ही गुस्से से लाल पीली होती स्वाति बोली “अम्मा यह तो बुढढा है कम…

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दर्द ए आरक्षण (सुनील शर्मा)

लोकतंत्र में राजतंत्र का ही पलड़ा भारी है!कोई भी हो सत्ताधारी वोटों का व्यापारी है!!रोजगार के चक्कर में सड़कों पर युवा भटकते हैं!जब भी हक की बात करो आंखों के बीच खटकते हैं!!पढ़ लिख कर जो ख्वाब थे देखें सारे चकनाचूर हुए!कुछ आरक्षण की चक्की में पीसने को मजबूर हुए!!राजतंत्र के आगे देखो लोकतंत्र ही…

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मनुष्य या ब्रह्माण्ड

जब वे सब अध्यात्म विशेषज्ञ,और इस विज्ञान युग कीविशिष्ट  चिंतन प्रक्रिया के अति संवेदनशील विशेषज्ञ भी ब्ह्म के एकमात्र सत्य अस्तित्ववान होने को नकार नहीं सकते। यह मानना कि वह निराकारहै , जिसका एक व्यक्तिअथवा किसी एक जीव का स्वरूप नहीं,और यह कि सम्पूर्ण ब्ह्माण्ड उसकी इच्छा से हीउसके स्वरूप को ही स्वयम में धारता…

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दरिया ए इश्क-इब़ादत की मुश्क

कविता मल्होत्रा प्रेम है दरिया आग का,उल्टी है इसकी धार जो उतरा सो डूब गया,जो डूब गया वो पार ✍️ अपनी दृष्टि को विस्तार देकर ही सृष्टि के आधार को समझना सँभव है, वर्ना दृष्टिकोण के अभाव में तो शिक्षित लोग भी अशिक्षितों जैसा व्यवहार करने लगते हैं। ✍️ जैसे तुम सबके वैसे ही मैं…

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परवरिश : डॉक्टर अरुणा पाठक

हर किसी को आते जाते…….. वह घर अपनी और आकर्षित करता था। करें क्यों ना आसपास के पूरे क्षेत्र में इतना सुंदर इतना महंगा इतना आलीशान घर, दूसरा नहीं था। वहां से गुजरने वाले उस घर को जरूर देखते बाहर एक बड़ी सी गाड़ी खड़ी रहती. और उसमें टोपी पहना हुआ ड्राइवर बैठा रहता। अक्सर…

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