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नफरत का आतंक

कातिल जहाँ बेखौफ है कौन सा ये देश हैकानून का है राज नहीं पर कहलाता प्रदेश हैजहाँ कत्ल को लानत नहीं इज्जत वो समझने लगेभारत माता के आंगन में भी क्या विषधर साँप पलने लगे? कितने दिन कितनी रातें कितने घण्टों में सजा मिलेगीफाँसी से ज्यादा कुछ और क्या कानून की रजा मिलेगीइस क्रूरता को…

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स्वतंत्रता का अधूरा आलाप

आज़ादी केवल तिथि नहीं, एक निरंतर संघर्ष है। यह सिर्फ़ झंडा फहराने का अधिकार नहीं, बल्कि हर नागरिक को समान अवसर और सम्मान देने की जिम्मेदारी है। जब तक यह जिम्मेदारी पूरी नहीं होती, हमारी स्वतंत्रता अधूरी है।” — डॉ. प्रियंका सौरभ 15 अगस्त 1947 को हमने विदेशी शासन की बेड़ियों को तोड़ दिया था।…

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जनकल्याण ग़र इबादत हो तो रोगमुक्त भारत हो

Kavita Malhotra परिंदे खुले आसमान में इन्सानों पर मौत का साया हैपिंजरे में नज़रबँद मानवजाति ये कैसा वक्त आया है करो-ना नामक एक नकारात्मक वायरस ने समूचे विश्व को अपनी चपेट में लेकर मानवता के हनन पर अपनी मोहर लगा दी है।कोई तो कारण होगा इस प्राकृतिक आपदा का।हर तरफ बेशुमार सँदेशों का प्रचार, जो…

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महाशिवरात्रि महापर्व

विधा:-विधाता छंद करूँ मैं वंदना शिव की,सभी के हैं शरण दाता।  सवारी बैल की करते, किसी से द्वेष ना भाता।  भजें जो प्रेम से उनको, खुशी दें शरण पा जाता।  मिले वरदान मनचाहा, भजन से इष्ट का नाता॥  लिया अवतार पृथ्वी पर, शिवानी भी विवाही हैं।  त्रयोदश की शुभी तिथि के,रहेंगे गण गवाही हैं।  मनाते…

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जीवन

एक जमाना बीता-सा लगने लगा है। यह समंदर रीता-सा लगने लगा है।। मुझको हर पल हारना लगाता अब अच्छा। यह जहां जीता-सा लगने लगा है।। हरपल देती अग्निपरीक्षा, सत्य की मैं। अब यह जीवन सीता-सा  लगने लगा है।। जो भी आया कुछ सिखाने के सबब से। हर कोई उपदेश गीता-सा  लगने लगा है।। टेढ़े-मेढ़े जिंदगी…

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सरदार वल्लभभाई पटेल

नमन  तुम्हें हम करते सरदार जन्म ले भारत भू पर पावन देश को किया देशहित नित्य कष्टों को झेला हवा  जेल की कई बार खाई. ईमानदारी,देश प्रेम रग- रग में समाया किसानों के बने नायक  सरदार कहलाए. नमन तुम्हे हम करते सरदार. हैदराबाद जूनागढ़ और कश्मीर के हठधर्मियों  को सबक सिखाया. बिना खून बहाए, एकजुट…

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योग और अध्यात्म

आओ, योग करें  हम  और   करें     आत्म- मन्थन, योग   हमारे   लिए आज  है   कितना      उपयोगी? इसका है अभिप्राय पुरुष-प्रकृति की विवेचना और पुरुष- तत्व   का   आसन- रूप  में    विश्लेषण  है। गीता में भी कहा कृष्ण ने पुरुष-प्रकृति विश्लेषण है, अन्य वक्ता  भी  इसको   इसी अर्थ  मैं   हैं    मानते। इसके  होते   पन्द्रह  प्रकार  जो  अति महत्वपूर्ण …

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साहित्यकारा सविता चढ्ढा को मिली “विद्या वाचस्पति” की मानद उपाधि

दिल्ली। विक्रमशिला हिंदी विद्यापीठ, गांधीनगर, ईशीपुर, जिला भागलपुर (बिहार) द्वारा साहित्यकार सविता चडढा को इनकी सुधीर्घ हिंदी सेवा, सारस्वत साधना,कला के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियां, शैक्षिक प्रदेयों, महनीय शोधकार्यों  तथा राष्ट्रीय/ अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा के आधार पर  विक्रमशिला हिंदी विद्यापीठ की अनुशंसा पर विद्या वाचस्पति सारस्वत सम्मान दिया गया है। यह सम्मान हिंदी भवन में आयोजित…

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संविधान संशोधन का क्या फायदा जब कानून बनाने वाले अयोग्य और स्वार्थ से भरे हों।।

समावेशी नेतृत्व का अर्थ बड़ा ही व्यापक और संधर्ष करने वाला होता है,  जो संयम, धैर्य सहनशीलता के साथ सबको समान भावना के साथ समावेश कर आगे बढ़ने को प्रेरित करे।जो खुद की नहीं  अपितु अपने संगठन अपने लोगो के आगे बढाने की सोच रखे वही नेतृत्व कहलाता है। सभी को समान अवसर मिले,  सभी…

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रूस के व्लादिवोस्तोक शहर पर चीन के दावे ने मचाई हड़कंप

रूस के व्लादिवोस्तोक शहर पर चीन के दावे ने अंतरास्ट्रीय स्तर पर हड़कंप मचा दिया है। इस कारवाई  मे चीन की दिलेरी कम और बेवकूफी ज्यादा नज़र आ रही है।आज के वक़्त में जब दुनिया के सारे बड़े देश चीन के खिलाफ है तथा इस मुश्किल वक़्त में जब चीन को सबसे ज्यादा रूस की…

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