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“माँ तुझे सलाम “

सीमा गुप्ता (मशहूर शायरा एवं समाजसेवी) लबो पर उसके कभी बद्दुआ नहीं होती बस एक माँ है जो कभी खफा नहीं होती “  देश के मशहूर शायर मुनव्वर राना  जी का ये शेर माँ शब्द के आस्तित्व को पूरी तरह  से सार्थक करता  है. माँ जो इस धरती पर खुद भगवन का ही  स्वरुप है…

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सँभल जाए अगर माली, महके हर रूह की डाली : कविता मल्होत्रा

एक प्राकृतिक आपदा की तरह कोरोना वायरस समूचे विश्व पर मँडराया और वैश्विक बँधुत्व की सीख देकर आगे निकल गया।लेकिन अब भी सीमा पार से परस्पर वैमनस्य के कारण शहादत की खबरें आती हैं तो एैसा लगता है कि अभी मानव को बहुत कुछ सीखना है। कई लोगों को बेरोज़गारी का रोना रोते देखा और…

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सुरेश बाबू मिश्रा जी की 2 रचना एवं परिचय

सेक्युलर मिश्रित आबादी वाले इस मुहल्ले का माहौल आज बेहद गर्म था । एक समुदाय के कुछ नौजवानोंने यह टिप्पणी कर दी थी कि पूरे देश में कोरोना का संक्रमण एक खास जमात के लोगों के गैरजिम्मेदाराना बर्ताव के कारण फैला है । यह बात दूसरे समुदाय के लोगों को बहुत नागवार गुजरी । देखते…

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जीवन का सच

अजीब है दुनिया वालों का बड़प्पन, अपने अपने ना रह जाते, कुछ गैर अपने हो जाते, मुश्किल तो तब होता है, सामने प्रेम जताते हैं और पीछे से, साजिशों के पुल बांधते हैं। जुस्तजू जिंदगी की, बस यही कहना बाकी रह गया कहते है संस्कार जिसे, उसे भी बखूबी छला गया। प्रेम कैसा श्रृंगार कैसा,…

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आत्मनिर्भरता को मज़बूत करते हुए चीन के साथ भारत के सम्बंध

 भारत की सागरमाला परियोजना हंबनटोटा जैसे समुद्र में चीनी प्रभाव को संतुलित करने के लिए रणनीतिक भारतीय बंदरगाहों के विकास को सुनिश्चित करती है। भारत चीन के आपूर्ति शृंखला प्रभुत्व का मुकाबला करने के लिए बांग्लादेश, नेपाल और अफ्रीकी देशों जैसे पड़ोसी देशों में क्षेत्रीय विनिर्माण केंद्र विकसित करने में रणनीतिक रूप से निवेश कर…

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श्री लाल बिहारी “लाल” जी को जन्मदिन की बधाई

।। जन्म दिवस (10 अक्टूबर ) पर शुभकामना सन्देश।। साहित्य और समाज में अपना नाम रौशन करते रहे हमारे प्रिय मित्र, कवि गीतकार, पत्रकार, पर्यावरण प्रेमी, सामाजिक कार्यकर्ता, सच्चे सलाहकार और लाल कला सामाजिक एवं सांस्कृतिक मंच के महासचिव भाई लाल बिहारी “लाल” जी अपनें जीवन के 48 वें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं। हमारी साहित्यिक यात्रा के सहयोगी और…

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भव्य कल्चरल सोसायटी द्वारा आयोजित तीसरे भव्य रंग महोत्सव का सफल आयोजन

10  अप्रैल 2022 को धर्मा स्टूडियो,ईस्ट ऑफ कैलाश नई दिल्ली में किया गया। इस रंग महोत्सव में पांच विशेष अतिथि थे श्री प्रेम भारती जी(प्रसिद्ध गीतकार और लेखक),मनमोहन शर्मा “शरण” जी(लेखक,कवि और संपादक उत्कर्ष मेल पत्रिका), सुरेन्द्र सागर जी(प्रसिद्ध कलाकार और निदेशक),दिनेश कपूर जी(लेखक और इतिहासकार )और रवि कपूर जी(सामाजिक कार्यकर्ता) इस रंग महोत्सव में…

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टूटे पैर वाले पोस्टर

(राजनीतिक सफरनामा) कुशलेन्द्र श्रीवास्तव सबकी अपनी-अपनी किस्मत होती है दीदी के पैर की भी अपनी ही किस्मत है । चोट खाया पैर बड़े-बड़े पोस्टर-बेनरों में पूरी आभा के साथ दिखाई देने लगा है । जहां कल तक पश्चिम बंगाल की गलियों में चुनाव चिन्ह वाले पोस्टर चमक रहे थे अब वहां टूटे हुए पैर की…

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परिवार

ढूँढ़ रही इस जगत में फिर     खुशहाली से भरा परिवार।     जिसमें थी बसती एकता     नेह अरु प्रेम गले का हार।     दादा-दादी औ चाचा-चाची     ताऊ ताई बुआ हर कोई।     चहल-पहल से घर जो गूँजे     सारी ही वो पलटन खोई।     सिमट गया दो जन में घर     रहता था…

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