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बढ़ती जनसंख्या विकास में बाधक है इसे रोकना जरुरी : लाल बिहारी लाल

================================================================ आज जनसंख्या रोकने के लिए सबको शिक्षा होनी चाहिये जिससे इसे कम करने में मदद मिलेगी शिक्षा के साथ-साथ जागरुकता की सख्त जरुरत है ताकि देश उनन्ति के मार्ग पर तेजी से आगे बढ़ सके । वर्ष 2021 में असम सरकार इस ओर सख्त पहल की है और उ.प्र. सरकार भी आज जनसंख्या स्थिरिकरण…

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सार्थक भागीदारी के बिना कैसे हल होंगे आधी दुनिया के मसले

(अगर आधी आबादी से होते हुए भी महिलाएँ इस आबादी की कहानियाँ नहीं कहेंगी, तो कौन कहेगा? केवल महिला दिवस पर ही नहीं, हर रोज़ महिलाओं को लड़ाई लड़नी पड़ेगी इस बदलाव के लिए, अपने हक़ों के लिए। छोटी शुरुआत ही सही, लेकिन शुरुआत सबको करनी पड़ेगी। ये संघर्ष का सफ़र अंतहीन है। महिलाओं के…

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भारतीय सभ्यता सबसे प्राचीन और निरंतर विशाल विस्तार वाली : एनएसए डोभाल

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने मंगलवार को कहा कि भारतीय सभ्यता “विशाल विस्तार” वाली सबसे पुरानी और निरंतर सभ्यताओं में से एक है। भारतीय इतिहास के बारे में कुछ सवाल थे, मगर किसी ने सवाल नहीं उठाया, यहां तक कि देश के निंदक ने भी नहीं। डोभाल ने नई दिल्ली में विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन…

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वृद्धाश्रम नहीं, सम्मानाश्रम चाहिए

लेखक : विजय गर्ग समाज की पहचान इस बात से होती है कि वह अपने बुज़ुर्गों के साथ कैसा व्यवहार करता है। आज जब जीवन की गति तेज़ हो गई है, रिश्तों में व्यावहारिकता ने भावनाओं की जगह ले ली है, तब हमारे सामने एक दर्दनाक सच्चाई उभरकर आई है — वृद्धाश्रमों की बढ़ती संख्या।…

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माननीय प्रधान मंत्री का राष्ट्र से आह्वान है

Doctor Sudhir Singh माननीय प्रधान मंत्री का राष्ट्र से आह्वान है,उसका अनुपालन ही उनके प्रति सम्मान है.आइए!इस अभियान को सफल बनाए हम,‘कोरोना’ वायरस का इसमें छिपा विनाश है.5 अप्रील,रविवार को ठीक नौ बजे रात्रि में;‘सामाजिक दूरी’ का मन से पालन करना है.आवास के अंदर नौ मिनट तक अंधेरा रख,घर के बाहर मोमबत्तीऔर दीया जलाना है.एक…

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।। कुछ करते क्यों नहीं ।।

जनसंख्या विस्फोट को कंट्रोल करते क्यों नहीं हैं, मिल सारे नेता ऐसा कोई कानून गढ़ते क्यों नहीं हैं। प्रकृति भी देगी किसी दिन धोखा डरते क्यों नहीं हैं, हम दो हमारे दो का नारा ये सच करते क्यों नहीं हैं। कहीं अकाल सदियों से तो कहीं बरस रहा पानी। आया बुढ़ापा पता ना चला कब…

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सही परवरिश

बृजेश जी और उनकी पत्नी अनिता जी दोनों मिलजुल कर अपनी गृहस्थी चला रहे हैं। बृजेश जी एक सरकारी कॉलेज में लेक्चरार हैं। स्कूल में भी बच्चों को अच्छी तरीके से पढ़ाते हैं बृजेश जी और अपने बच्चों पर भी उनकी परवरिश पर दोनों पति-पत्नी ने पूरा ध्यान दिया है। आज इन्हीं दंपति की मेहनत…

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डॉ अरुणा पाठक आभा को मिला साहित्य गौरव पुरस्कार

डॉ अरुणा पाठक आभा को मिला साहित्य गौरव पुरस्कार  सुरेंद्र शर्मा जी के द्वारा सम्मान  ।      विंध्य प्रदेश रीवा से डॉ अरुणा पाठक को सुरेंद्र शर्मा के  द्वारा  दिल्ली में हिंदी भवन मैं आयोजित कार्यक्रम में सम्मानित किया गया    टू मीडिया के संपादक आदरणीय ओम प्रजापति जी के और साथ में बेंगलुरु से पधारे हुए…

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पर्यावरण सुरक्षित रहे यदि मानव मन लक्षित रहे

कविता मल्होत्रा (संरक्षक, स्थायी स्तंभकार) भला चारित्रिक गठन अनुवांशिक कहाँ होता है अनासक्त प्रेम जहाँ पर्यावरण सुरक्षित वहाँ होता है ✍️ विश्व का असीम और निःशुल्क पुस्तकालय मानव मन में ही विद्यमान है, जो हर किसी को अपने मन का अध्ययन करने में सहायक होता है। लेकिन इस पुस्तकालय तक पहुँचने का न तो कोई…

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अपनी कटु हंसी पर फ़िदा महंगाई

राजनीतिक सफरनामा : कुशलेन्द्र श्रीवास्तव हाय ! कितनी प्यारी कटु हंसी से हंसे वे । वे तो भूल भी गए कि वो एक राज्य के कृषि मंत्री हैं । नेता तो ऐसे ही भूल जाते हैं, उवे च्यवनप्रास खाते हुए भी भूलने की बीमारी से ग्रसित हो जाते हैं । उत्तर प्रदेष के कृषि मंत्री…

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