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कमजोर नहीं रहा भारत : राजनाथ

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने चीन को दो टूक शब्दों में संदेश दिया कि भारत को कमजोर समझने की गलती ना करें. उन्होंने पूर्वी लद्दाख को लेकर बने गतिरोध को दूर करने के विषय में कहा कि  चीन से सैन्य और राजनयिक स्तर पर बातचीत चल रही है। भाजपा की ओर से मोदी सरकार के दूसरे…

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लॉकडाउन 3 मई तक बढ़ा, PM मोदी ने मांगा देशवासियों का साथ

मोदी ने कहा कि सारे राज्यों के सुझावों को ध्यान में रखते हुए तय किया गया है कि लॉकडाउन को तीन मई तक बढ़ाना पड़ेगा। इस दौरान लोगों को अपने घरों में रहना होगा। नए क्षेत्रों में कोरोना को रोकना होगा। मोदी बोले, “20 अप्रैल तक हर कस्बे, हर थाने और हर राज्य को और…

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तांटक छन्द

दुख में दीनानाथ हमेशा, साथ खड़े हो जाते हैं। होते वही सहायक सबके, काम सभी के आते हैं। आता है जो जीव शरण में,भवसागर तर जाता है। दयासिंधु के धाम सहज ही, मानव वह जा पाता है। जपले हरि का नाम सखी री, माया एक झमेला है। चारदिनों का जीवन खाली, बस इतना ही खेला…

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सम्पादकीय : मनमोहन शर्मा ‘शरण’

आप सभी को भारतीय संस्कृति के महान पर्व पंच दिवसीय महोत्सव की बधाई एवं अनन्त शुभकामनाएं। धन तेरस, नरक चतुर्दशी, दीपावली, गोवर्धन पूजा के साथ भाई-बहन के पवित्र पर्व भाई-दूज, ये सब पंच दिवसीय महोत्सव के अंग हैं।गोवर्धन पूजा एवं भाईदूज नवम्बर में (2-3) मनाएंगे। भगवान श्रीराम के अयोध्या लौटने की खुशी में लोग अपने…

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प्रिय ‘हिन्दी’ को नमन( मुक्तक)

हिन्दी दिवस पर मेरी प्रिय भाषा तुम्हें नमन अतिशय प्रचुर तुम्हारा गरिमामय शब्द धन राष्ट्र भाषा , संपर्क भाषा ,जन भाषा तुम्ही निज सामर्थ्य से प्रेषित करो जग में कवि मन प्राकृत शौरसैनी संस्कृत की श्रेष्ठ सुता उन्नति मूल कहते  भारतेन्दु की वंदिता वैज्ञानिकता हो चुकी प्रमाणित तुम्हारी निज डोर बांधी भारत की तुमने एकता…

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बड़ी अम्मा

बात  आज  की  नहीं  बरसों  पुरानी  है।तब  मैं  शायद सातवीं  या  आठवीं  कक्षा  में  रही  हूँगी। सर्दियों  के  दिन  थे। अच्छी -खासी  ठण्ड  पड़  रही  थी। हम  भाई –बहन  दिन  भर  स्कूल ,खेल –कूद  ,गृह -कार्य,तू-तू  मैं -मैं और तरह -तरह की खुरपातों  में  लगे  रहते  और  रात  को  खाना  खाने  के  बाद अपनी -2…

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चांदनी मुस्कराई तुम्हारे लिए,

चांदनी मुस्कराई तुम्हारे लिए, वर्णमाला गुनगुनाई तुम्हारे लिए, तुम्हारे आगमन पर सखें, मेरे हृदय की बधाई तुम्हारे लिए। चांद बन तुम जियो, नेह की नूतन छुवन बन जियो, भावना से भरे इस हृदय में, तुम हमारे नयन में सुमन बन जियो। मेरे परिचय बन तुम जियो, मेरा मुकाम बन तुम जियो, जिंदगी अपनी पूरी सफल…

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आज के दिन ही उगा था हिंदी मीडिया का सूरज

(हिंदी पत्रकारिता की दो शताब्दी का सफर) 19 वीं सदी के कलकत्ता की चहल-पहल भरी गलियों में, घोड़ों की गाड़ियों के शोर और ताज़ी चाय की खुशबू के बीच, एक शांत क्रांति आकार ले रही थी। 30 मई, 1826 को उदंत मार्तंड नामक एक मामूली साप्ताहिक का प्रकाशन शुरू हुआ था-जिसका अर्थ है “उगता हुआ…

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गाँधी जयंती पर आइये कुछ नया सोचें

मनमोहन शर्मा ‘शरण’ (सम्पादकीय) एक बार फिर आप सभी को गांधी जयंती की बधाई एवं अनन्त शुभकामनाएं ।पिछले वर्ष हमने गाँधी मनाई और स्वच्छता अभियान भी जोरशोर से चलाने की बात हुई । कुछ हद तक सफल भी हुए सफाई अभियान में । आपको भी स्मरण होगा कि गाँधी जी का एक चित्र् जो अधिकांश…

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नारी (कविता-9)

नारी  नारी कुल की मर्यादा है।  नारी उपहास की चीज नहीं।  जो मान घटाए नारी का, तो उसको कोई तमीज नहीं।।  सम्मान आबरू है नारी।  सब कुछ समाज पर है वारी।  आगे बढ़ने दो नारी को,  उसकी सीमा दहलीज नहीं,,,,,,, प्रसव की पीड़ा कौन कहे।  हर गम को नारी मौन सहे।  सब्र का दूजा नाम…

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