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काश हर चीज़ गुलाबी हो जाती

काश हर चीज़ गुलाबी हो जाती फिर अन्य रंगों का क्या होता इंद्रधनुष में सात रंगी न होता आसमां नीला न होता और फूल,फल सब बहुरंगी न होते पत्तों का रंग हरा न होता न ही धरती अंतरिक्ष से काली दिखती न ही अंधेरे का कोई सम्राज्य होता। काश हर चीज़ गुलाबी हो जाती गोरी…

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बढ़ती जनसंख्या विकास में बाधक है इसे रोकना जरुरी : लाल बिहारी लाल

================================================================ आज जनसंख्या रोकने के लिए सबको शिक्षा होनी चाहिये जिससे इसे कम करने में मदद मिलेगी शिक्षा के साथ-साथ जागरुकता की सख्त जरुरत है ताकि देश उनन्ति के मार्ग पर तेजी से आगे बढ़ सके । वर्ष 2021 में असम सरकार इस ओर सख्त पहल की है और उ.प्र. सरकार भी आज जनसंख्या स्थिरिकरण…

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शिक्षक दिवस / Teachers Day

The way you care, the knowledge you shareThe love you shower, has mens powerYou work with Optimism. Dear teacher you are awesome. आज के दिन 5 सितंबर को हम लोग टीचर्स डे मनाते हैं। टीचर्स डे मनाने के लिए आज का दिन means  5 सितंबर को ही  दिन क्यों चुना  गया है?  क्योंकि आज 5…

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बेटियों पर अत्याचार : कुशलेन्द्र श्रीवास्तव

बेटियों पर बढ़ती दरिंदगी, आखिर समाज को हो क्या गया है ? यह प्रष्न तो अब स्वाभाविक रूप् से सामने आने लगा है । व्यक्ति इतना दरिंदा भी हो सकता  है ? समाज के इस घिनौने रूप् की कभी कल्पना भी किसी न की होगी । एक के बाद एक घटनायें घटती जा रही हैं…

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(21 फरवरी) अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मातृभाषा संवर्धन का दिन

लाल बिहारी लाल +++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++यूनेस्को ने नवंबर 1999 में सभी लोगों, समुदायों, क्षेत्र व देशों की मातृभाषा को संरक्षण प्रदान करने के लिए 21 फरवरी का दिन अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा के लिए समर्पित किया।++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++सामाजिक और वौधिक विकास में भाषा का अहम योगदान होता है। किसी भी राष्ट्र के निर्माण में मातृभाषा को नकारा नहीं जा सकता है।…

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वर्णमाला का प्रत्येक अक्षर तार्किक है

नवीन चौबे (गाडरवारा) भारतीय भाषाओं की वर्णमाला विज्ञान से भरी है। वर्णमाला का प्रत्येक अक्षर तार्किक है और सटीक गणना के साथ क्रमिक रूप से रखा गया है। इस तरह का वैज्ञानिक दृष्टिकोण अन्य विदेशी भाषाओं की वर्णमाला में शामिल नहीं है। जैसे देखे*  क ख ग घ ड़ – पांच के इस समूह को…

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बाल गोपाल छवि अति सुंदर

मंजू लता (राजस्थान) बाल गोपाल छवि अति सुंदर,सभी का मन मोहने वाली,कमल के समान सुंदर नयन ,मुस्कान जैसे चन्द्रमा की चाँदनी,और झांकते मोती जैसे दाँत ,अति सुंदर ,अति सुंदर। माथे पर मोर पंख मुकुट ,गले में वैजयंती माला ,कानों में कुण्डल,पीताम्बर धारण कर ,पावों में पैंजनिया ,कमर पर करधनी रूनझुन करती,ठुमक ठुमक कर चलते ,बड़े…

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अनुराधा प्रकाशन, नई दिल्ली द्वारा ‘पुस्तक लोकार्पण, काव्य गोष्ठी एवं सम्मान समारोह’ का भव्य आयोजन

7 दिसम्बर 2024, गांधी शान्ति प्रतिष्ठान, दीन दयाल उपाध्याय मार्ग, नई दिल्ली में अनुराधा प्रकाशन, नई दिल्ली द्वारा ‘पुस्तक लोकार्पण, काव्य गोष्ठी एवं सम्मान समारोह’ का भव्य आयोजन किया गया। आयोजन के मुख्य अतिथि महर्षि यूनिवर्सिटी के महानिदेशक, अनुराधा प्रकाशन के मुख्य संरक्षक प्रोफेसर (ग्रुप कैप्टेन) ओ पी शर्मा जी, अति विशिष्ट अतिथि अन्तर्राष्ट्रीय गीतकार,…

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नाटिका : “मिच्छामी दुक्कडम “

पात्र परिचय: 1 नव्या एक स्कूल गर्ल। उम्र 17 वर्ष2_ नीलू कॉलेज गर्ल उम्र 18 वर्ष3_झलक कॉलेज बॉय उम्र 20 वर्ष4_ मां उम्र 50 वर्ष5 पिता उम्र 54 वर्ष 6 नाना जी (बूढ़े आदमी साधु यानी भिक्षु वेश में) उम्र 75 वर्ष7_ नानी जी (बूढ़ी महिला साध्वी वेश में श्वेतांबरी सफेद साड़ी पहने हुए, मुंह…

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दादी का दर्द

हंसो दादी लगभग 70 वर्ष की थीं।वह अपने पोते के साथ शहर में एक छोटे से मकान में रहती थीं।जिसमें एक ही कमरा था।दादी के साथ उनका पोता निखिल रहता था। वह अपने बेटे बहू को खो चुकी थीं।दादी को कुछ पैसे पति की पेंशन से मिलते थे।दादी कीपैड मोबाइल चलाया करती थीं।निखिल की जिद…

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