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सियासत

(यशपाल सिंह “यश”) उनके बयान और, ये अंदाज़ देखिए इक्कीसवीं सदी का, तख्तो ताज देखिए जाहिर है हुआ मुल्क में, बदलाव कुछ बड़ा  कल तक थी जो खामोश, वो आवाज़ देखिए  हर रोज उठाते जो, किसी और पर उंगली  कल उनका देखिए, फिर उनका आज देखिए  हो जाए खिलाफत में, भले मुल्क का नुक़सान बिगड़ा…

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वोट गणित

मंत्रीजी का नया पी ए नियुक्त हुआ तो अंदर ही अंदर काफी खुश थे। एक होनहार, पढ़ा लिखा, काबिल नौजवान उनका पी ए रहेगा तो सब परेशानियां ख़त्म। रही बात राजनीति की, वह तो उनके खून में है। पी ए साहेब को भी सीखा देंगे। मंत्रीजी ने पी ए को बुलाया और कहा,” हम जानते…

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देवेन्द्र पाठक ‘महरूम’ की ग़ज़लें

 एक धुँआते ही न रहो सुलगके जलो दहको जलाके ख़ाक करो हर सियासती छल को  घुन गये बांस- बत्ते, धसक रहीं दीवारें वक़्त रहते बचा लो टूटते- ढहते घर को  जो आहे- दीनो- बेकुसूर कहर बरपा दे  बचा न पाओगे अपने ग़ुरूर के घर को लहू भाई का सगे भाई के लहू से ज़ुदा दे…

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आदरणीय वशिष्ठ नारायण सिंह जी

अलविदा सर, अच्छा हुआ आपको इस‌‌ दुनिया से जल्दी ही मुक्ति मिल गयी । हां आपको सम्पूर्ण सम्मान इस दुनिया में नहींमिला इसका दुख अवश्य ही रहेगा। आपकी भी तो गलती थी राष्ट्र भक्ति के चक्कर में पड़ गये और वापस अपने वतन लौटकर आ गये। क्या मिला आपको अपने वतन में। किसी पैसे वाले…

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नेता जी की जय-जयकार

पुष्प रहे खूब पाँव पखार नेता जी की जय-जयकार ……..       तुम हो श्रेष्ठ,सकल गुणवान       सेवा, श्रम, अर्पण पहचान       त्याग, तपश्चर्या की मूरत       और कहाँ कोई है सूरत       अद्भुत,अपरम्पार कहानी       मिलती कहीं न एक निशानी       करूँ नमन मैं बारम्बार       नेता जी की जय-जयकार… …… विविध रूप धर करते…

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अपने कर्मचारियों के साथ नाइंसाफी न होने दें

एक 51 साल का व्यक्ति था, जो एक ग्रामीण विकास के मिशन में 9-10 सालों सेराज्य स्तर की नौकरी कर रहा था। अपने प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने में समर्पित भाव सेकाम कर रहा था। वह कम  वेतन में भी बहुत ज्यादा काम करता था। सभी से व्यवहार भीठीक था। इसलिए मिशन को उससे कोई…

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गर यदि

बाजार में बिक जाते गर यदि गम सारे बेच देते खुशियों की दुकान होती गर यदि थोड़ी सी खरीद लेते। सोने से थकान मिट सकती है दर्द नहीं मिटते नीदों में आने वाले स्वप्न हमेशा साकार नहीं होते। बिछड़ जाएं मुसाफिर गर यदि वापिस नहीं मिलते रास्ते सैकड़ों हैं जाने के लेकिन सब मंजिल पर…

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पशु चिकित्सा को चिकित्सा की जरूरत

 सूदूर ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं को पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करवाना बहुत जरूरी है। इसके साथ ही नये पशु अस्पतालों का निर्माण और उनमें आवश्यक स्टाफ की नियुक्ति, आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता,हर पशु का बीमा, खण्ड स्तर पर पशु धन मेलों का आयोजन और पालकों को हरसंभव मदद मुहैया करवाकर उन्हें दूध का सही दाम…

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जिग्मे सिंगये वांगचुक : भूटान के आधुनिक निर्माण और भारत-भूटान मित्रता के शिल्पकार

भूटान के पूर्व राजा जिग्मे सिंगये वांगचुक (K4) ने अपने दूरदर्शी नेतृत्व से देश को आधुनिकता, लोकतंत्र और सांस्कृतिक संरक्षण के संतुलन पर खड़ा किया। उन्होंने सकल राष्ट्रीय सुख को विकास का मूल दर्शन बनाया और भारत के साथ जलविद्युत कूटनीति के माध्यम से आर्थिक आत्मनिर्भरता की नींव रखी। भारत-भूटान संबंधों को उन्होंने पारस्परिक विश्वास…

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विश्व पुस्तक मेला, दिल्ली में पुस्तकों के विमोचन के साथ भव्य काव्य गोष्ठी

दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित विश्व पुस्तक मेले में सोशल ऐंड मोटिवेशनल ट्रस्ट द्वारा प्रकाशित एकल एवं साझा पुस्तकों के विमोचन का भव्य आयोजन लक्ष्मी प्रकाशन के बुक स्टाल पर संपन्न हुआ। पुस्तकों के रचनाकार एवं उपस्थित पुस्तक प्रेमियों की उपस्थिति में सोशल ऐंड मोटिनेशनल ट्रस्ट की राष्ट्रीय अध्यक्ष ममता सिंह एवं संस्था के…

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