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विकास के लिए जनसंख्या दर को कम करना जरुरी

विश्व जनसंख्या दिवस पर विशेष(11 जुलाई) — लाल बिहारी लाल ============================================== आज जनसंख्या रोकने के लिए सबको शिक्षा होनी चाहिये जिससे इसे कम करने में मदद मिलेगी शिक्षा के साथ-साथ जागरुकता की सख्त जरुरत है ताकि देश उनन्ति के मार्ग पर तेजी से आगे बढ़ सके । वर्ष 2021 में असम सरकार इस ओर सख्त…

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लघुकथा- चौकीदार और चोर

रामभरोसे शहर नया-नया आया था।वह एक सड़क से गुजर रहा था। एक सोसायटी के सामने बहुत ही हो हल्ला हो रहा था। काफी भीड़ जमा थी।  रामभरोसे की भी मामले को जानने की उत्सुकता बढ़ी, वह भीड़ के पास गया और एक आदमी से पूछा, भाई क्या हुआ? आदमी बोला, कुछ नहीं इस सोसायटी के…

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लघुकथा – कर्मठ : डोली शाह 

बचपन  में ही राहुल को मां  छोडकर इस दुनिया से चली गयी तो  पिता ने घर के साथ  खेती-बाड़ी का काम  संभाल कर मा की कमी को पूरा करते हुए उसकी  परवरिश की । राहुल भी जब कुछ बडा हुआ तो वह भी पिता के हर कार्यों में हाथ बंटाता साथ मे पढने के लिए …

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मतदान का त्योहार

भारत के लोकतंत्र को मजबूत कीजिए, इतनी सी गुजारिश है मतदान कीजिए। मतदाता जागरूकता अभियान है जारी, मतदाता हो मतदान में भी भाग लीजिए। मतदान केंद्र कर रहा प्रतीक्षा आपकी, अपने मताधिकार का उपयोग कीजिए। भारत के संविधान ने अधिकार दिया है, मतदान का त्योहार है मतदान कीजिए। भारत का प्रजातंत्र विश्व भर में श्रेष्ठ…

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हमारी बोलचाल, प्यार, उलाहनों और कहावतों में सदियों से रचे बसे है श्रीराम।

रामनगरी अयोध्या में 22 जनवरी 2024 रामकथा का नया अध्याय है, यह 493 वर्ष तक चली संघर्ष-कथा का अपना ‘उत्तरकांड’ है। अपनी माटी, अपने ही आंगन में ठीहा पाने को रामलला पांच सदी तक प्रतीक्षा करते रहे तो रामभक्तों की ‘अग्निपरीक्षा’ भी अब पूरी हुई। आधुनिक भारत का राममंदिर सत्य, अहिंसा और न्यायप्रिय भारत की…

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स्त्री विमर्श और महिलायें

स्त्री विमर्श एक ऐसा मुद्दा है जो आज हिंदी साहित्य में अपनी एक अलग अहमियत रखने के साथ साथ सामाजिक स्थितियों और मान्यताओं को भी बखूबी प्रभावित कर रहा है। आज स्त्री और  पुरुष दोनों ही साहित्यकारों द्वारा स्त्री विमर्श को उकेरने वाले इनके लेख या इनकी कहानियां समाज में विचारों के मंथन के लिए…

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महाराष्ट्र में सियासी नौटंकी का पटाक्षेप

राजनीति के द्वंद्व मे फँसी शिवसेना को मंगलवार को जब सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली तब जाकर उद्धव ने राहत की सांस ली । संजय राउत ने तो शरद पवार को राजनीति का चाणक्य तक कह डाला  । वैसे बता दे कि बीते  शनिवार २३ तारीख को सुबह अचानक तब झटका लगा जब सुबह सवेरे…

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देवेन्द्र के दोहे

देवेन्द्र कुमार पाठक अपने तीरथ धाम हैं,खेत और खलिहान। अनिल,अनल,जल,भूमि,नभ; हैं प्रत्यक्ष  भगवान।। श्रम ही अपना धरम-व्रत,घोर तपस्या घाम। ओला-पाला,बारिशें,बाढ़ हमारे नाम।। इल्ली,गंधी, गेरुआ,कांसा, गाजर घास। आवारा गोवंश ने, किया फसल को नाश।। माघ-पूस की रात में जब चलता हिमवात। फसल सींचते खेत की,हाड़ा-गोड जुड़ात।। सरहद पर बेटा सजग,अन्न उगाते बाप। उनकी सेवा,त्याग का,कोई मोल…

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डॉक्टर प्रीतम कहिन

वर्ग उनके प्रवचन सुनकर भक्त ने पूछा आप इससे पूर्व ज्यामितिके अध्यापक थे क्या? क्यों की  आप वर्ग की बातें करते थे और अब अपवर्ग की     त्रिभूज रसिक की पत्नी को प्रेम के त्रिकोण का पता चला तो इस त्रिभुूज को भलि-भलि-भांति बांच के अपने अनुकूल कर लिया, भुजाएं खीच खांच के       सलूक…

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आती रहेंगी बहारें : कविता मल्होत्रा

किसी की वेदना है घर से पीछा छुड़ाने की किसी की व्यथा है अपने घर लौट जाने की ✍️ बीते साल ने कितना कुछ गँवा दिया ये एक नकारात्मक सोच है।बीते हुए लम्हों ने कितना कुछ सिखा दिया ये एक सकारात्मक सोच है। कोरोना-काल में कितने ही लोगों के रोज़गार छिन गए, कितने ही लोग…

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