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बाढ, सीमा और ज्याति की हड़कम्प

                                                                                           कुशलेन्द्र श्रीवास्तव भला ऐसा सोच भी कौन सकता है कि दिल्ली बाढ़ के पानी में डूब जायेगी । दिल्ली तो हमारे देश की राजधानी है और जाहिर है कि राजधानी को विश्वस्तरीय दर्जा मिला हुआ है,उसका सारा विकास ऐसे ही मापदण्डों के आधार पर किया जाता है, पर फिर भी दिल्ली डूब गई और…

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विश्व जनसंख्या दिवस पर विशेष(11 जुलाई) विकास के लिए जनसंख्या दर को कम करना होगा : लाल बिहारी लाल

++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++सन 1987 में विश्व की जनसंख्या 5 अरब को पार गई तभी से सारी दुनिया में जनसंख्या रोकने के लिए जागरुकता की शुरुआत के क्रम में 1987 से हर वर्ष 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस मनाते हैं।++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++आज सारी दुनिया की 90% आबादी इसके 10% भू-भाग पर निवास करती है। विश्व की आबादी कहीं 11-50/वर्ग…

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संपादक मनमोहन शर्मा ‘शरण’ सम्मानित

महासभा शताब्दी समारोह समिति द्वारा आयोजित (मध्य चरण) विशाल समारोह में समाज के प्रतिभाशाली बच्चो को (जिन्होंने कक्षा 10, कक्षा 12 में 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किये हैं) तथा खेल कूद अथवा उच्च सिक्षा में विशिष्ट स्थान बनाया है उनको तथा 80 वर्ष तथा अधिक उम्र के सम्मानित सदस्यों को सम्मानित किया गया…

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किसी अच्छे संवाद लेखक से लिखवा लेते संवाद

कुशलेन्द्र श्रीवास्तव आदि पुरूष बहुत मंहगी फिल्म बनाई गई है । वैसे भी अब फिल्मों को अनावश्यक मंहगा करना फैशन जैसा बन गया है, ताकि कहने में अच्छा लगा कि हम कोई ऐसे वैसे फिल्म मेकर नहीं हैं कि सस्ती सी फिल्म बना दें । आदि पुरूष भी महंगी बना दी गई । जब इतनी…

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बिंब का प्रतिबिंब” काव्य-संग्रह पुरस्कृत

डब्ल्यूसीएल की मौलिक हिंदी पुस्तक लेखन योजना के तहत चयनित अनुराधा प्रकाशन से प्रकाशित डॉ. मनोज कुमार “मन” के काव्य संग्रह, “बिंब का प्रतिबिंब” को भारत सरकार के सार्वजनिक उपक्रम कोल इंडिया लिमिटेड की अनुषंगी कंपनी वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, नागपुर की मौलिक पुस्तक लेखन की श्रेणी में चयनित किया गया है। “बिंब का प्रतिबिंब” के…

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तलाक है या है ये बिदाई

हरफ – हरफ हिसाब लगाकर सब ले गई थी तुम अपना| ये मेरा हुआ, ये तुम्हारा बनता है इतना। फिर भी छोड़ गई देखो सामान कितना| इतना कि हर पल, हर कदम अपने ही घर में ठोकर खाकर गिरता हूँ में| यूंकि तुम याद न आओ इसलिए आँखें मूँदें फिरता हूँ मैं। सिंगार के निशां…

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शब्द आज मौन है

हाहाकार करती धरा, चीत्कार करने लगा है गगन कैसे करूँ नमन उनको, जो कर गए न्योछवर तन अद्भुद सा संयोग है, क्या विचित्र सा योग है खुद को पीड़ित कहते है, पर औरो को पीड़ा देते है पीड़ित हो शोषित हो तो मेहनत को हथियार बना लो किसने तुमको रोका है, अपना जीवन आप बना…

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अरुणा पाठक को मिला कोहिनूर सम्मान
संस्कारधानी साहित्य शिखर सम्मान।

मंच संचालन कवि साक्षात्कारकर्ता के रूप में काव्य अंतर्राष्ट्रीय पटल द्वारा मां पीतांबरा देवी पीठ दतिया में आयोजित वार्षिकोउत्सव पुस्तक विमोचन काव्य गोष्ठी समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संस्था के द्वारा रेखा शर्मा डॉ अरविंद आसींम जाने-माने कवियों के उपस्थिति पर कोहिनूर सम्मान दिया गया। निरंतरता से श्रेष्ठ संचालन और साक्षात्कार लेने…

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नोसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने किया अनुराधा प्रकाशन की पुस्तकों एवं ‘उत्कर्ष मेल’ का लोकार्पण

नयी दिल्ली ; 19 जून (सोमवार) का दिन अनुराधा प्रकाशन परिवार के लिए प्रभु कृपा बनकर आया .अनुराधा प्रकाशन के संस्थापक एवं संपादक मनमोहन शर्मा ‘शरण’ तथा कमांडर मनोज चौधरी जी का नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार जी के कार्यालय जाना हुआ, इस अवसर पर नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार जी द्वारा कमांडर…

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योग करें, योग करें – चेतन पाल

योग करें हम योग करेंदूर सभी हम रोग करें,वरदान मिला जो हमकोहम उसका उपयोग करें। तन-मन स्वस्थ बनाता हैआलस दूर भगाता है,सदा सुखी वह रहता हैजो इसको अपनाता है। कहे संजीवनी बूटीजीवन को दे नए प्राण,ऐसा आशीर्वाद मिलाहोता सभी का कल्याण।उद्देश्य यही इसका हैसृजन स्वस्थ समाज का हो,भविष्य बनेगा बेहतरध्यान यदि बस आज का हो।…

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