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एक दीप मेरा, राष्ट के नाम

                                                                                                            कुशलेन्द्र श्रीवास्तव एक एक कर के बीत गया एक और साल और फिर आ गई दीपावली । जगमग रोशनी से जगमग होने लगे हें घर आंगन । आंगन तो अब रहे नहीं, कांक्रीट के जगल हमने पैदा कर दिए हैं । माटी के आंगन में माटी के दिए की मध्यम रोशनी कभी करती थी…

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कठौती में गंगा

सुना है कि श्री गुरु रविदास जी की कठौती में मां गंगा का निवास था। वह मां गंगा के सच्चे भक्त थे और उनके प्रति उनके मन में असीम श्रद्धा थी। एक दिन उनको पता चला कि एक पंडित जी गंगा स्नान करने जा रहे हैं। वह उनके पास गए और हाथ जोड़कर पंडित जी…

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तेरा क्या होगा कालिया…… ! – कुशलेन्द्र श्रीवास्तव

‘‘तेरा क्या होगा कालिया’’ कोई कह नहीं रहा है पर कहता हुआ सा दिखाई दे रहा है । चुनाव चल रहे हैं और चुनाव में ‘‘बोल वचन’’ भी चल रहे हैं और बोल वचनों का अंत ऐसी ही सोच के साथ होता है । आदमी बोलते समय सब कुछ भूल जाता है जो मन में…

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प्रिवांशी होंगी राष्ट्रीय स्त्री शक्ति सम्मान से सम्मानित

गंतव्य संस्थान द्वारा आयोजित 25 वें राष्ट्रीय स्त्री प्रिवांशी जी को सम्मानित किया जाएगा . यह सम्मान उनके महिला हिंदी साहित्य लेखन के कार्यो और सेवा भाव को देखते हुए  दिनांक 30 अगस्त 2025 कांस्टीट्यूशन  क्लब आफ इंडिया रफ़ी मार्ग  नई दिल्ली ,जिसमें सभी सम्मानित सदस्यों के साथ दिया जायेगा . इस सम्मान सम्मान हेतु…

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कैसे भूलूं तुझे ए मां

छुटपन में आता न था खाना न ही चलना और बैठना पैदा हुए तो एहसास न था जीने का आगाज न था तूने ही संभाला था तूने ही संवारा था बड़े होने की व्यथा बड़ी सज़ा  बड़ी कड़ी थी दुःख की तपती धूप थी तब तुम ही तो छांव  शीत थी लिखी थी किस्मत रब…

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रिश्ता आत्मा का-(चूड़ीवाला)

कहानी बहुत पुरानी है———। –मईयाँ—–मईयाँ—-। यह स्वर सुनते ही सुधा दौड़कर दरवाजे पर गयी।उसका हृदय खुशी से भर गया। दृष्टि हाथों की कलाईयों पर जा पड़ी। यह स्वर चूड़ीवाले काथा। माथे पर चूड़ियों कीटोकरी।कमर में चारखाने की रंगीन  लुंगीलपेटे वह दरवाजे पर आकर हाँक लगा रहा था।उसकी कमीज सफेद थी जिसकी पूरी बाहों को उसने…

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‘झारखंड एकेडमिक फोरम’ द्वारा 24वें झारखंड स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर भव्य परिचर्चा और मिलन समारोह का आयोजन

दिनांक 14 नवंबर, 2024 दिन गुरुवार को झारखंड एकडेमिक फोरम ने झारखंड के 24वें स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर दिल्ली विश्वविद्यालय के गांधी भवन में एक भव्य परिचर्चा एवं मिलन समारोह का सफल आयोजन किया। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भारत विकास परिषद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री सुरेश जैन और संयोजक के…

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पीड़िता को न्याय के लिए प्रतिबद्ध है, हम मजबूती से लड़ेंगे

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा ‘‘उन्नाव बलात्कार मामला और पीड़िता के पूरे परिवार को प्रताड़ित करना सत्ता के संरक्षण के बिना संभव नहीं है। अब परतें खुल रही हैं तथा भाजपा नेताओं के नाम और पुलिस की लीपापोती सामने आ रही है।’’  उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस न्याय के लिए प्रतिबद्ध है। ये लड़ाई हम…

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” आजादी एक सपना है।”

आजादी आज भी एक परिकल्पना है।  स्वतंत्र भारत अब भी बस एक सपना है। गुलामी अब अंग्रेजों की नहीं है बे रोजगारी और भ्रष्टाचार की है।     कश्मीर की है, लद्धाख की है    क्रंदन करते यू पी और बिहार की है। आजादी की लड़ाई में आंदोलन और कुर्बानी में।     आजाद भारत वो नवयुवक…

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सभ्य असभ्य इसी धरती पर।

डॉक्टर चंद्रसेन भारती सभ्य असभ्य इसी धरती पर। देव धनुज रहते आऐ। रावण से सब घृना करते  राम नाम सुन हर्साऐ। धरती से ही सोना उपजे, कोयला खान नजर आए। मंथन से कोलाहल निकला, अमृत वही नजर आए। संस्कार मिलते हे घर से, गली गलियारे मिलें नहीं। कागा धन ना हरे किसी का, कोयल किसको…

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