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कोचिंग संस्कृति और बच्चों की मौतें: सफलता के नाम पर असफल समाज

– डॉ० प्रियंका सौरभ कोटा में एक और छात्रा की आत्महत्या—यह कोई साधारण खबर नहीं है और न ही किसी एक परिवार की निजी त्रासदी भर। यह उस शिक्षा व्यवस्था, सामाजिक मानसिकता और तथाकथित “सफलता मॉडल” पर गहरा प्रश्नचिह्न है, जिसे हमने पिछले दो दशकों में बिना सवाल किए स्वीकार कर लिया है। आत्महत्या करने…

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लाल बिहारी लाल पत्रकारिता के लिए सम्मानित

सोनू गुप्ता नई दिल्ली। हमारा मैट्रो हिन्दी दैनिक समाचार पत्र के साहित्य संपादक सह साहित्य टी.वी.के संपादक  श्री लाल बिहारी लाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान एवं समाजिक सरोकार के लिए जैमिनी अकादमी ,पानीपत द्वारा हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर युगल किशोर शुक्ल  स्मृति  सम्मान-2024 से डिजीटल रुप से सम्मानित किया गया है।…

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धुंध में लिपटी राजधानी

– राजेश कुमार शर्मा”पुरोहित”   शिक्षक एवम साहित्यकार   दीपावली के तीन दिनों बाद हमारे देश की राजधानी दिल्ली धुंध के काले आवरण से ढँक चुकी थी।दिल्ली में पिछले कुछ वर्षों से प्रदूषण की दर बढ़ती जा रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार 1600 बड़े  शहरों में दिल्ली प्रदूषण में सबसे आगे हैं। भारत…

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प्रदूषण से निपटने को दिल्ली सरकार स्कूली छात्रों को मास्क बांटेगी

दिवाली के जाते ही मानो सूरज की चमक दिल्ली और एनसीआर में कुछ कम हो गयी है, पूरा दिन प्रदूषण की परत घेरे रहती है.  चहुँ और लोग, बच्चे आपको मास्क लगाये दिख रहे हैं.  जान है तो जहाँ है भाई.   दिल्ली सरकार भी हरकत में आई है और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया कि…

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बादलों का बनना

लक्ष्मी कानोडिया         जब कभी हमें भगवान की जरूरत होती है तब हम ऊपर देखते हैं। परंतु हमें केवल बादल दिखाई देते हैं छोटे बड़े  गोल अनियमित गुच्छों की तरह और कभी-कभी पंखों की तरह  यह धरती का तापमान बनाए रखने में सहायता करते हैं और पूरे विश्व को जीवनदायिनी बारिश  से भिगो देते हैं।…

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स्व. प्रो. बाँके बिहारी झा करील द्वारा रचित दो  काव्यसंग्रह “अभिसारिका एवं “हितोपदेश” का भव्य लोकार्पण

प्रेस विज्ञप्ति दिनांक 22 मई 2022 रविवार को हिन्दी भवन दिल्ली में स्व. प्रो. बाँके बिहारी झा करील द्वारा रचित दो  काव्यसंग्रह “अभिसारिका -आत्मा से अनंत तक” एवं “हितोपदेश” का भव्य विमोचन किया गया। स्व. करील जी बिहार (मिथिला) के एक जाने माने संत, कवि,लेखक ,शिक्षाविद एवं समाजसेवक रहे हैं। उनकी पूर्व रचना “करील कादम्बिनी”…

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रिश्तो में सामंजस्य

निहारिका की शादी खूब धूमधाम से हुई। वह बहुत खुश है। ससुराल में उसे खूब अच्छा लाड प्यार मिल रहा है। पग फेरे (गौने) की रस्म के लिए आज वह मायके आई हुई है। सुबह से ही चहक रही है। सभी को अपने ससुराल के किस्से बताने में लगी हुई है। शाम को उसके ससुराल…

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अन्तर्द्वन्द्व—(कहानी) : आशा सहाय

सन्नाटा है चारो तरफ।मैं चीख रही हूँ।लगता है, दूर दूर तक मेरी चीख की आवाज पहुँच गयी होगी।पर, नहीं – कहींकोई आवाज नहीं।एक गहरे सन्नाटे की ध्वनिसे भरा पड़ा है सबकुछ।सन्नाटे की एक विचित्र सी गूँज मस्तिष्क को बौखलाहट से भर रही है।और अधिक जोर से चीखने का मन हो  रहा है।पर,चीख जैसे मेरे अन्दर…

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साफ-साफ दो टूक

साफ-साफ दो टूक शब्द में कहना सबके मन भाया आज हमारे मोदी जी ने सब बापों  को समझाया टेरर टॉक अब नहीं चलेगा नहीं चलेगा टॉक और ट्रेड केवल बात pok पर होगी किया फैसला सबसे ग्रेट नहीं बहेगा साथ साथ अब खून और पानी सब सुन ले मौत, जिंदगी उन पर छोड़ी जो चुनना…

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जलजला आता है निशां छोड़ जाता है (सम्पादकीय)

मनमोहन शर्मा ‘शरण’ (प्रधान संपादक) बहुत दिनों के बाद फिर से सुनने को मिला है कि ‘कोरोना’ संक्रमण की गति धीमी  हुई है और संक्रमितों की संख्या में काफी कमी देखी गई है । प्रतिदिन लाखों में संक्रमितों की संख्या अब 50–60 हजार के आसपास आ रही है । किन्तु फिर एक बार हम सबको…

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