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असाधारण व्यक्तित्व के धनी थे देश के प्रथम राष्ट्रपति डा. राजेन्द्र प्रसाद

लाल बिहारी लाल गुदरी के लाल देशरत्न डा.राजेन्द्र प्रसाद का जन्म 3 दिसम्बर 1884 को बिहार के तत्कालिन सारण जिला (अब सीवान)के जीरादेई गांव में एक कायस्थ परिवार में हुआ था। इनके पिता महादेव सहाय हथुआ रियासत के दीवन थे। अपने पाँच भाई-बहनों में वे सबसे छोटे थे इसलिए पूरे परिवार में सबके लाडले थे।…

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पीड़ा : वंदना भार्गव

सबने तुझको ठुकराई है । जब तू पास मेरे आई है ।। आजा तुझको गले लगा कर। पीड़ा आज पुरस्कृत  कर दू।। साथी पाने की चाहत में । घूम रही क्यों सबके पीछे।। तुझसे भाग रहा जग सारा ।  आ तुझमें आकर्षण भर दूं।। अरी तिरस्कत ओ दुखियारी । आजा मेरी राज दुलारी ।। तेरी…

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हैदराबाद के दरिंदों को सख्त से सख्त सजा मिले

डॉक्टर सुधीर सिंह हैदराबाद के दरिंदों  को सख्त से सख्त सजा मिले,‘डा.दिशा’ के परिवार को शीघ्रातिशीघ्र इंसाफ मिले.बलात्कार के गुनाहगारों को फाँसी मिले चोराहे पर,खौल रहा है खून लोगों का दोषियों की बर्बरता पर.हैवानों की हैवानियत पर शर्मसार है आज मानवता,हृदय विदारक घटनाओं  से हतप्रभ  हैं भारत माता.कितनी मजबूर ‘निर्भया’की निर्ममता से हत्या होगी?बेमहफूज बेटियों…

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गांधार की मचलती हवाएं -DR KAMINI KAMAYANI

प्रत्यंचा गांधार की मचलती हवाएं और /थिरकते इन्द्रधनुषी सपनों पर, अचानक वज्रपात करते/ हे / पितामह (भीष्म) तुझे तनिक भी हिचक न हुई । अपने जनक के अरमानों के लिए स्वयं की इच्छाओं का चिता जलाने वाला एक सामान्य अबला नारी के लिए क्यों इतना निर्मम, नि:क्षत्र हो गया ? युद्ध में जीती/पराजित /नरेश की…

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देव समाज विद्यालय नेहरू नगर के मुक्त आकाश रंगमंच पर हिंदी विभाग द्वारा ‘काव्य गंगा’ कवि सम्मेलन का आयोजन

दिनांक 14 सितंबर 2023 देव समाज विद्यालय नेहरू नगर के मुक्त आकाश रंगमंच पर हिंदी विभाग द्वारा ‘काव्य गंगा’ कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें विद्यालय के छठी कक्षा से लेकर बारहवीं कक्षा के नवांकुर कवियों ने विभिन्न प्रतिष्ठित रचनाकारों एवं कवियों की कविताओं का अपने–अपने अंदाज़ में वाचन किया। वीर एवं हास्य व्यंग्य…

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गांठे अंतर्मन की

जब से रेनू के देवर का रिश्ता तय हुआ था, रेनू के व्यवहार में एकदम परिवर्तन आ गया। देवरानी के लिए हो रही तैयारियों को देखकर उसके मन में जलन उत्पन्न होती। हर वक्त अपने समय की तुलना करती। घर में कलेश तक काटने लगती। उसका पति शाम को थका हारा घर आता। रेनू उसे…

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‘मजदूर-दिवस’ यही सबको सिखाता है

Doctor Sudhir Singh कर्म ही पूजा है और श्रम ही साधना है; ‘मजदूर-दिवस’ यही सबको सिखाता है. जो भी जीवन जीता हैअकर्मण्य रहकर, संपूर्ण देश के साथ वहअन्याय करता है. 1मई सबों को यह याद दिलाने आता है, सभी लोग क्ष्रमिक हैं;सब क्ष्रम-साधक हैं, संसार में जितने भी विकास कार्य हुए हैं, सबके लिए मजदूर…

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होली के रंग भोजपुरी के संग” काव्यमय होली मिलनोत्सव

होली और ‘अंतरराष्ट्रीय खुशी दिवस’ के पावन पर्व का स्वागत करने के लिए “अंतरराष्ट्रीय साहित्य संगम” (साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था) की ओर से 20 मार्च, रविवार को सायं 5 बजे से एक काव्यमय होली मिलनोत्सव का आयोजन किया गया। विश्व स्तर पर भोजपुरी की महत्ता को देखते हुए “होली के रंग भोजपुरी के संग” के…

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राजनीतिक लाभ के लिए सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग

स्वतंत्र, कानून का पालन करने वाले संस्थान आवश्यक जांच और संतुलन सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे मजबूत और लचीले लोकतंत्रों के लिए अंतिम आधार प्रदान करते हैं। हाल ही में, भारत में समाज के कमजोर वर्गों द्वारा विरोध की कई घटनाएं हुई हैं। इसके अलावा, असहमति के दमन की प्रकृति कानून प्रवर्तन…

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यह दिवाली : खुशियों वाली

ये जो इस बार 2025 की दिवाली है  बहुत ही खुशगवार और निराली है खूब मज़बूत हो आपसी प्यार और भरोसा  उसी से ज़िंदगी गुलज़ार और खुशहाली है  प्रदूषण और पटाखों का असहनीय शोर  करे है सांसों की डोर को कमज़ोर  टा – टा बाय बाय कहो उसको नो मोर  फ़िर, चिंता की दरकार ही…

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