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कभी भी करो-ना तेरा-मेरा

हर तरफ हर जगह बेशुमार आदमी फिर भी तन्हाइयों का शिकार आदमी पिछले काफ़ी समय से ये जुमला जनमानस की मानसिक अवस्था की सटीक अभिव्यक्ति बना हुआ है।जिसका एकमात्र कारण है – “मैं और मेरी खुशी”! लगभग हर व्यक्ति मैं-मेरी के कोरोना से ग्रस्त है, जिसके चलते,परस्पर भेदभाव की प्रतिस्पर्धा बाज़ारों से अब हर दिल…

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दीपगीत

शुचि शारदी  शान्त  अमा में दीप जलता  है अकेला।             अनुराग- प्रकाश  फैला है  दिशा  में             छितरा  रही  नभ   में    गंगा- कली             कमलासिनी- कमले!  कल केशनी!             तारकों  से   होड़   लेने   है     चली एक दीया रख दो ड्योढ़ी, दूसरा कुएँ पर, हो उजेला।              साधना   का       दीप     है   यह              श्वास    में     उन्माद    …

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बातों से बात नहीं बनने वाली

सम्पादकीय (मनमोहन शर्मा ‘शरण’) सुर्खियां थीं कि अब शिवसेना– एनसीपी–कांग्रेस के तिपहिया रथ पर सरकार बनने जा रही है । और रातों रात समीकरण बदले और अगले दिन भाजपा की सरकार बन चुकी थी, देवेन्द्र फडणवीस मुख्यमंत्री पद की शपथ ले चुके थे । ऐसी क्या जल्दी थी कुर्सी/सत्ता की । यहां तक शिव सेना…

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अ़डाणी मामले पर सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करेगी कांग्रेस

कांग्रेस 13 मार्च को अडाणी विवाद पर देश भर के गवर्नर हाउस तक मार्च का आयोजन करेगी। इस बीच पार्टी 6 और 10 मार्च को पूरे देश में इस मुद्दे पर सरकार को घेरने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और एलआईसी के कार्यालयों के सामने प्रदर्शन भी करेगी। सभी जिला मुख्यालयों पर पर्दाफाश रैलियां…

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राष्ट्र-गीत : पहरुये ! सावधान रहना…

घर   में  सेंध   लगाने   की  वे  फिर  करते   तैयारी,             पहरुये !  सावधान   रहना। पश्चिम सीमा   पर   खतरा  है,पूरब   में  मत  डोल, अभी रात   बाकी है   कितनी   धीरे- धीरे      बोल, कल जो हाल हुआ हम सबका,उसका दुख है भारी,            पहरुये !  सावधान   रहना। तुमने   कितने धोखे   खाए  विश्वासों   में    पड़कर, ये व्यापारी   नहीं,   न…

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अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस

नारी है भारत की शान  बढ़ाती है जग में सम्मान  सनातन ग्रंथ पढेगी  नया इतिहास गढ़ेगी । जानकी है शक्ति का नाम जिनसे बने राम है राम सावित्री के पति सत्यवान छीन के लाई यम से प्राण।  ब्रह्मा और विष्णु महेश परीक्षा लेने गए विशेष अनसूया सी पावन नार बनाकर बालक झूले डार। राधा मीरा…

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युवाओं को अपनी संस्कृति, कला और विरासत से जोड़कर बनायें एक श्रेष्ठ नागरिक –  पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

युवा आने वाले कल के भविष्य हैं। इनमें आरम्भ से ही अपनी संस्कृति, कला, विरासत, नैतिक मूल्यों के प्रति आग्रह पैदा कर एक श्रेष्ठ नागरिक बनाया जा सकता है। सोशल मीडिया के इस अनियंत्रित दौर में उनमें अध्ययन, मनन, रचनात्मक लेखन और कलात्मक प्रवृत्तियों की आदत  न सिर्फ उन्हें नकारात्मकता से दूर रखेगी अपितु उनके…

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समस्याएँ –लाँकडाउन में मजदूरों की।

अभी कुछदिनों पूर्व तक प्रथम लॉकडाउन के दौरान देश में अचानक बढ़ती कोरोना संक्रमण की संख्या के लिए देशवासियों , नेताओं ,पत्रकारों  मीडिया और अन्य उन सभीसामान्य लोगों के द्वारा जो  लॉक डाउन के पश्चात देश को कोरोना मुक्त होजाने का स्वप्न देख रहेथे,उन तबलीगी जमातियों को अत्यधिक कड़वाहट से भर कर दोषी ठहराने लगेथे…

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तुमने लड़ना क्यों छोड़ दिया? – अम्ब्रीश श्रीवास्तव

माँ अक्सर कहा करती थीं,“जहाँ प्रेम होता है, वहीं लड़ाई भी होती है।” बचपन में मुझे यह बात समझ नहीं आती थी। लगता था कि प्यार और लड़ाई तो एक-दूसरे के दुश्मन हैं। लेकिन तुम्हारे साथ रहते-रहते समझ आया कि माँ कितनी सही थीं। याद है, तुम हर छोटी-छोटी बात पर मुझसे लड़ जाया करती…

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रिश्तों का एटीएम: जब प्यार केवल ट्रांज़ैक्शन बन जाए

रिश्ते अब महज़ ज़रूरतों के एटीएम बनते जा रहे हैं। डिजिटल दुनिया ने संवाद को ‘रीचार्ज पैकेज’ और मुलाक़ातों को ‘होम-डिलीवरी’ में बदल दिया है। दिलचस्पी कम होते ही लगाव की नींव दरकने लगती है—माँ-बेटे के फ़ोन-कॉल में ‘ऑर्डर डिलिवर्ड’ का नोटिफ़िकेशन रह जाता है, दोस्ती ‘वीडियो क्लिप फ़ॉरवर्ड’ तक सिमट जाती है, और दाम्पत्य…

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