यह दिवाली : खुशियों वाली
ये जो इस बार 2025 की दिवाली है बहुत ही खुशगवार और निराली है खूब मज़बूत हो आपसी प्यार और भरोसा उसी से ज़िंदगी गुलज़ार और खुशहाली है प्रदूषण और पटाखों का असहनीय शोर करे है सांसों की डोर को कमज़ोर टा – टा बाय बाय कहो उसको नो मोर फ़िर, चिंता की दरकार ही…
