बड़ी अम्मा
बात आज की नहीं बरसों पुरानी है।तब मैं शायद सातवीं या आठवीं कक्षा में रही हूँगी। सर्दियों के दिन थे। अच्छी -खासी ठण्ड पड़ रही थी। हम भाई –बहन दिन भर स्कूल ,खेल –कूद ,गृह -कार्य,तू-तू मैं -मैं और तरह -तरह की खुरपातों में लगे रहते और रात को खाना खाने के बाद अपनी -2…
