Latest Updates

रक्षाबंधन पर्व महान

उमाकांत भारद्वाज (सविता) ‘लक्ष्य’ भूतपूर्व शाखा प्रबंधक एवं जिला समन्वयक-म.प्र. ग्रामीण बैंक, भिंड (म.प्र.) 1- रक्षाबंधन पर्व महान, श्रावण पूर्णिमा हिंद की शान!आबाल वृद्ध मिल सभी मनाते, करते बहिनों का सम्मान॥2- नन्ही बहिना इंतजार में, बांधू राखी भाई प्यार में!अमर रहे भाई दुनियाँ में, छोडे़ ना मंझधार में॥3- रखती व्रत बहिना पूरे दिन, आन बान…

Read More

हिन्दी सिर्फ भाषा नहीं है : -अनिता कपूर (अमेरिका)

हिन्दी सिर्फ भाषा नहीं हैयह है भावों की अभव्यक्तिहिन्दी तुमदिव्य भुवन भास्करकरबद्ध वंदन अभिनन्दनहिन्दी तुमतुम्हारे पदचिह्न पर जब-जब चले हमतुम ने जोड़ा हमें अपनी माटी सेहिन्दी तुमएक भाषाएक फोटो फ्रेम जैसीफ्रेम में जड़ी हैं हमारी पहचानमान अभिमानअभिनंदन अपनी संस्कृतिहिन्दी तुममाथे की हो चंदन रोलीतुम माला हो रुद्राक्ष कीपहना कर सबकोकर दिया है ज्ञानालोकितहिन्दी तुमको मान…

Read More

“हिंदी ज्ञान ‘अ’ से ‘ज्ञ’ तक”

मैं वाणी भारती, मैं विश्व लेखनी भारतीय,वर्णों की गुथी माला की अनुपम पाठशाला हूँ। अलंकारों से सुसज्जित, आनंदित सुभाष हूँ।इंदु रश्मि पूनम, ईख की मिठास हूँ।उर मेरे हरि निवास, ऊर्जस्विता प्रभास हूँ।ऋद्धि सिद्धि का वास, एकाग्रता विश्वास हूँ।ऐश्वर्यता से भरी, ओजस्विता सुहास हूँ।और लेखनी अनुपम सी, अंतरिक्ष आकाश हूँ। कवयित्री हूँ महान, खगोल का सम्पूर्ण…

Read More

कुछ तो हाथ बंटाओ यार.

  (जल जनजागृति हेतु) होता नहीं खेत में पैदा और न कर सकते तैय्यार । पानी की है विकट समस्या जिससे जूझ रहा संसार ।। सोच समझकर करो विचार कुछ तो हाथ बंटाओ यार । वक्त से पहले नहीं किया तो होगा सबका बंटाधार ।। योग्य नियोजन करना होगा पानी हमें बचाना होगा । आने…

Read More

तंबाकू धीमा धीमा फैलता जहर

छोटे-छोटे पाउच में बाजार में अंधाधुंध बिकने वाला गुटखा, खैनी, पान मसाला बड़े चाव के साथ खाया जाता है। भारत में तो जिसको देखो, गुटका खाया और सड़क पर थूका। सड़कों पर तो थूकने वाले अपनी बापौती समझते हैं। समझे भी क्यों ना? आखिर गुटका खरीदने के लिए पैसे भी तो खर्च किए हैं। भारतीय…

Read More

राजभाषा हिंदी अपनी सब हिंदी में बोलो जी

राजभाषा हिंदी अपनी सब हिंदी में बोलो जी।  राष्ट्रभाषा शीघ्र बनेगी जय हिंदी की बोलो जी। बेटी है संस्कृत की हिंदी सभी भाषाऐं बहने हैं,  सबका है सम्मान धरा पर भेद दिलों के खोलो जी। मां की बिंदी जैसी हिंदी सुंदर सरल सुहानी है,  वैज्ञानिकता खरी कसौटी चाहे जैसे तौलो जी। हिंदुस्तान नाम हिंदी से…

Read More

हिंदी दिवस पर एक गीत

हिदी बोलें पढ़ें ,लिखें सब हिंदी को अपनाएँ – डॉ.गंगा प्रसाद शर्मा ‘गुणशेखर’ संस्कृत है वटवृक्ष राष्टृ की फैली सरल जटाएँ असमी,उड़िया, गुजराती औ मलयालम भाषाएँ तमिल,तेलगू,कन्नड़, बांग्ला सुंदर-सी शाखाएँ सब में मधु घोला है सारी अमृत ही बरसाएँ इनको छोड़ पराई माई कैसे गले लगाएँ. अपनी भाषा पढ़ेँ,लिखेँ औ उसको ही सरसाएँ।। जहाँ किसी…

Read More

“बेटी”

    नये इलाके में उन लोगों का अभी तक सभी से पूरा परिचय भी नहीं हुआ था। शाम को श्याम किशोर और उनकी पत्नी जब घूमने निकलते तब कुछ लोगों से बातचीत के माध्यम से परिचय हो रहा था। साथ में रहने वाली बीना को केवल अपने ड्युटी और घर से ही मतलब था इसके…

Read More

हिन्दी सिर्फ भाषा नहीं है

हिन्दी सिर्फ भाषा नहीं है यह है भावों की अभव्यक्ति हिन्दी तुम दिव्य भुवन भास्कर करबद्ध वंदन अभिनन्दन हिन्दी तुम तुम्हारे पदचिह्न पर जब-जब चले हम तुम ने जोड़ा हमें अपनी माटी से हिन्दी तुम एक भाषा एक फोटो फ्रेम जैसी फ्रेम में जड़ी हैं हमारी पहचान मान अभिमान अभिनंदन अपनी संस्कृति हिन्दी तुम माथे…

Read More

 हिंदी दिवस (डॉ चंद्रसेन भारती)

हम भारत के वासी हैं, हिंदुस्तान हमारा है। हिंदी दिवस हिंदी भाषा, यह संकल्प हमारा है। हिंदी दिवस मनाने को, हम आगे बढ़के आए हैं, मातृभूमि की रक्षा को, संकल्पित भाव सजाए है।  आर्य वृत्त भारतखंडे, आदिकाल ने नाम दिया। इंडिया की पड़ी जरूरत क्यों, क्यों  इसमें बदलाव किया। भारत मां के बनें  प्रहरी, लोकतांत्रिक…

Read More